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प्रख्यात साहित्यकार सुश्री नीलम सक्सेना चंद्रा पुरस्कृत

नीलम सक्सेना चन्द्र जी को 1 मार्च 2019 को महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा सोहनलाल द्विवेदी सम्मान से नवाजा गया। यह उनकी किशोर/किशोरियों की कहानी की पुस्तक “दहलीज़” हेतु मिला। यह सम्मान माननीय विनोद तावड़े जी, केबिनेट मंत्री महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रदान किया गया।

दहलीज़

जब एक बच्चा अपने बचपन को पीछे छोड़ देता है और एक किशोर जीवन की ओर प्रवेश करता है, तो वह उस दहलीज पर खड़ा होता है जहां एक ओर ऐसे सपने होते हैं जो सितारों की तरह चमकते हैं और दूसरी ओर मन में संदेह होते हैं, भविष्य अंधकारमय लगता है और रास्ते कठिन लगते हैं। ऐसे समय के दौरान  किसी को एक ऐसे मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है जो सही दिशा-निर्देश दे सके और उचित मार्ग दिखाए जो गंतव्य की ओर जाता है। पुराने दिनों के दौरान, गाइड की भूमिका परिवार में दादा-दादी या बड़ों द्वारा पूरी की जाटी थी। आज के युग में, कहानी युवाओं को संतुष्ट करने का एकमात्र रास्ता है। “दहलीज़” लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड धारक और फोर्ब्स सूची 2014 के नामांकित, नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा किशोरों के लिए कहानियों का एक संग्रह हैं ।

सुश्री नीलम सक्सेना चंद्रा जी का इस अवसर पर हार्दिक अभिनंदन, बधाई एवं शुभकामनायें।

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