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प्रख्यात साहित्यकार नामवर सिंह जी नहीं रहे

जन्म: 28 जुलाई 1926 (बनारस के जीयनपुर गाँव में)
निधन: 19 फरवरी 2019 (नई दिल्ली)
हिन्दी के शीर्षस्थ शोधकार-समालोचक, निबन्धकार तथा मूर्द्धन्य सांस्कृतिक-ऐतिहासिक उपन्यास लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी के प्रिय शिष्य रहे।  अध्ययनशील तथा विचारक प्रकृति के नामवर सिंह हिन्दी में अपभ्रंश साहित्य से आरम्भ कर निरन्तर समसामयिक साहित्य से जुड़े हुए आधुनिक अर्थ में विशुद्ध आलोचना के प्रतिष्ठापक तथा प्रगतिशील आलोचना के प्रमुख एवं  सशक्त हस्‍ताक्षर थे।
साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित आदरणीय नामवर सिंह जी ने हिन्दी साहित्य में आलोचना को एक नया आयाम दिया।
प्रमुख रचनाएँ: छायावाद, इतिहास और आलोचना, कहानी नयी कहानी, कविता के नए प्रतिमान, दूसरी परम्परा की खोज, वाद विवाद संवाद आदि।
सम्पादन : जनयुग और आलोचना
प्रोफेसर : बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, सागर विश्वविद्यालय, जोधपुर विश्वविद्यालय  और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय
अब आदरणीय स्व. नामवर सिंह जी की स्मृतियाँ शेष हैं। e-abhivyakti परिवार उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
सादर नमन!
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