☆ सूचनाएँ/Information  ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

☆ श्रीमती वीनु जमुआर द्वारा लिखित पुस्तक ‘सिद्धार्थ से महात्मा बुद्ध’ लोकार्पित  ☆ 

भारतीय नव वर्ष के अवसर पर दिनांक 2 अप्रैल को श्रीमती वीनु जमुआर द्वारा लिखित पुस्तक ‘सिद्धार्थ से महात्मा बुद्ध’ का ऑनलाइन लोकार्पण हुआ। यह कार्यक्रम क्षितिज प्रकाशन और इन्फोटेनमेंट के तत्वाधान में आयोजित किया गया था।

संचालक-समालोचक के रूप में कार्यक्रम का आरम्भ करते हुए हिन्दी आंदोलन परिवार के अध्यक्ष श्री संजय भारद्वाज ने कहा कि ऑनलाइन पुस्तकों के जमाने में भी ‘बिटवीन द लाइंस’ पढ़ने के लिए मुद्रित पुस्तकें सदा प्रासंगिक रहेंगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती ऋता शुक्ल ने की । उन्होंने कहा कि रामत्व, बुद्धत्व हमारे रक्त में है। शब्द यज्ञ, कला यज्ञ आदि के माध्यम से हमें वाचन संस्कृति की ओर लौटना होगा।

मुख्य अतिथि डॉ. सुदर्शन वशिष्ठ ने कहा कि लेखिका ने सरल, बोधगम्य भाषा में बुद्ध के चरित्र को सामने रखा है। सभी पीढ़ियाँ इसे पढ़ने का आनंद ले सकती हैं।

डॉ रमेश गुप्त मिलन ने इस पुस्तक को साहित्यिक जगत में निधि के रूप में शृंगारित की उपमा दी। श्री देवेंद्र कुमार बहल ने कहा कि किसी भी धर्मगुरु के दर्शन को समझने के लिए तत्कालीन ऐतिहासिक पृष्ठभूमि समझनी होती है। इस मानक पर यह पुस्तक खरी उतरी है। डॉ. रवींद्र नारायण पहलवान ने कहा कि लेखिका अपने मन की आँखों से उस समय घटित घटनाओं के साकार चित्रण में सफल रही हैं। श्री इंदुभूषण कोचगवे ने कामना व्यक्त की कि लेखिका आगे भी साहित्य की वाटिका को इसी भाँति सुवासित करती रहें।

उत्सवमूर्ति श्रीमती वीनु जमुआर ने कहा कि जीवन में उन्हें सदा अच्छे लोगों का साथ मिला। सृजन के संसार ने उन्हें हमेशा नये रिश्तों में बाँधा। उन्होंने सबके प्रति कृतज्ञता भी ज्ञापित की।

स्वागत भाषण में क्षितिज की प्रमुख सुधा भारद्वाज ने कहा कि साहित्यकारों-परिजनो की उपस्थिति से आयोजन उत्सव में परिवर्तित हो गया है। अमिता अम्बस्ट, विनीता सिन्हा, रश्मि वर्मा, डॉ. अनूप सिन्हा, नवीन सिन्हा, प्रदीप वर्मा, उपासना जमुआर, स्निग्धा जमुआर, काश्वी जमुआर ने भी अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं।

वेरा सिन्हा ने आभार व्यक्त किया। कृतिका भारद्वाज ने तकनीकी व्यवस्था में विशेष सहयोग किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकार और मित्र उपस्थित थे।

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

Please share your Post !

Shares
4.3 3 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

3 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
माया कटारा
0

संक्षिप्त बहुत ही अर्थपूर्ण लोकार्पण समारोह के क्रमबद्ध उल्लेख ने श्रीमती
वीनु जमुआर एवं उनके परिवारजनों , उपस्थित मित्रों को शब्दों द्वारा सम्मान प्रदान कर जो गौरव प्रदान किया है , लगता है आपने संपूर्ण भारद्वाज परिवार को गौरवान्वित किया है, आंदोलन परिवार को आलोकित एवं ऊर्जित कर
ब्रह्मानंद की अनुभूति कराई है , उत्सव की गरिमा प्रदान की है – माता सरस्वती
का वरद हस्त हम सब पर बना रहे । बधाई आप सब को ….

अलका अग्रवाल
0

संक्षिप्त पर संपूर्ण जानकारी आदरणीया वीनू दीदी की पुस्तक ‘सिद्धार्थ से महात्मा बुद्ध’ के लोकार्पण कार्यक्रम की। सभी सम्माननीय विद्वजनों, दीदी के परिजनों तथा आदरणीय संजय भारद्वाज जी व उनके परिवार को हार्दिक बधाई।

लतिका
0

आज के समय में भी प्रासंगिक महात्मा गौतम बुद्ध पर लिखी गई किताब का लोकार्पण समारोह वृत्तांत अच्छा लगा. सभी गुणी विद्वानों को हार्दिक बधाई! 🎉🎊