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योग-साधना LifeSkills/जीवन कौशल-Shinrin-yoku/Forest Bathing 20 – Shri Jagat Singh Bisht

Shinrin-yoku/Forest Bathing-20  Shri Jagat Singh Bisht (Master Teacher: Happiness & Well-Being, Laughter Yoga Master Trainer, Author, Blogger, Educator and Speaker) LifeSkills wishes you a very happy and prosperous New Year. As the New Year renews all the happiness & good tidings, hope the joyful spirit keeps glowing in your heart forever!   Researchers found that exercising outside makes us feel better about ourselves than when we exercise indoors, and that the results of green exercise can be felt very quickly. You don’t have to go for a long hike up a mountain before you feel better. Even very short bouts of outdoor exercise can have a big impact on our mood. LifeSkills Courtesy – Shri Jagat Singh Bisht, LifeSkills, Indore...
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हिन्दी साहित्य – आलेख – “संस्कारधानी जबलपुर अंतर्राष्ट्रीय कला एवं साहित्य महोत्सव – एक परिकल्पना” – हेमन्त बावनकर

 हेमन्त बावनकर संस्कारधानी जबलपुर अंतर्राष्ट्रीय कला एवं साहित्य महोत्सव – एक परिकल्पना सम्पूर्ण भारतवर्ष के विभिन्न शहरों में निर्धारित तिथियों में अंतर्राष्ट्रीय साहित्य उत्सवों का आयोजन होता है, जिन्हें “लिटेररी फेस्टिवल (लिटफेस्ट)” के नाम से जाना जाता है। इनमें से कुछ प्रसिद्ध लिटफेस्ट हैं - जयपुर लिटेररी फेस्टिवल, चंडीगढ़ लिटेररी फेस्टिवल, कोलकाता लिटेररी, पुणे लिटेररी फेस्टिवल, बेंगलुरु लिटेररी फेस्टिवल आदि। इनमें से कुछ राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किए जाते हैं और कुछ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किए जाते हैं। इन साहित्यिक एवं कला महोत्सवों में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकार अपने अनुभव एवं विचार साझा करते हैं और साथ ही देश भर से आए साहित्यकारों को उन वरिष्ठ साहित्यकारों से रूबरू होने का अवसर भी मिलता है। इसके अतिरिक्त स्थानीय भाषा के साहित्य, रंगमंच एवं कला पर भी विचार-विमर्श, प्रस्तुतियां, पुस्तक प्रदर्शनी एवं अन्य स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन होता है। ऐसे कार्यक्रमों से कोई भी अनभिज्ञ नहीं हैं। विगत दिनों मुझे ‘पाथेय कला एवं साहित्य अकादमी ’ के एक साहित्यिक आयोजन में भाग लेने...
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हिन्दी साहित्य – ग़ज़ल – डॉ हनीफ

डॉ हनीफ   (डॉ हनीफ का e-abhivyakti में स्वागत है। डॉ हनीफ स प महिला  महाविद्यालय, दुमका, झारखण्ड में प्राध्यापक (अंग्रेजी विभाग) हैं । आपके उपन्यास, काव्य संग्रह (हिन्दी/अंग्रेजी) एवं कथा संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।) ग़ज़ल श्वासें रुकी -रुकी सी चेहरा मुरझा गया है आंखों से टपकती शबनम दिल आज खो गया है दागे हसरत रो पड़ी है कलियों को याद करके पंखुड़ियां भी सिसक उठी है,परिंदा जो कुचल गया है आती तो होगी याद समंदर को भी तूफां साहिल के नशेमन वीरान जो बन गया है बादल थम-थम के रोने क्यों लगा है जमीं तो बदल चुकी है फसलों से भर गया है 'अकेला' सोच सोच के न कर सेहत खराब अपना वो दुनियां उजड़ चुकी है तेरे दिल में जो बस गया है।            2. देख लूं जो तुझको हम नजरों से बुला लेंगे खता क्या हुई मेरी अश्कों से बता देंगे कहाँ मिले थे कहाँ बिछुड़े थे ये मुझे याद नहीं दिल की धड़कनें चलेगी जो रास्ता बता देंगे जुस्तजू है मुझको कब से ये तुझे क्या पता कूचों में लगे गुलशन तुझको गवाह देंगे मौत...
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English Literature – Book-Review/Abstract – Soul Seekers – Ms. Neelam Saxena Chandra

Soul Seekers A novel by LiFi Publications written by Ms. Neelam Saxena Chandra No matter how far the soul-mates are, no matter what differences they have, no matter how cruel the course of destiny is; love finds bridges across the barriers, dissolves differences, and defies destiny. Miracles do happen in true love! About the Book : What happens when two simple, unassuming people fall in love and embark on a struggle with their own emotions even while unaware of the plans destiny has for them? Can love survive against odds? Soul Seekers is a love story that revolves around Pia, a pretty young thing with a haunting past. It stalks her as she ventures on a journey to Hyderabad, where love beckons to her. Two men enter her life, Atul and Yatin. Even as things seem to be shaping up, bizarre events force her to leave the city. Will love come calling her? Will the lovers triumph at the end? Excerpts from the book – Soul Seekers Beginning a...
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मराठी साहित्य – आलेख – सोबत…सात जन्मांची – सुश्री ज्योति हसबनीस

सुश्री ज्योति हसबनीस सोबत...सात जन्मांची (प्रस्तुत है सात जन्मों के सम्बन्धों पर आधारित सुश्री ज्योति हसबनीस जी का आलेख ‘सोबत...सात जन्मांची’) सात जन्माची सोबत करण्याच्या आणाभाका घेऊन हळूच एकमेकांच्या आयुष्यात प्रवेश करतो आपण. जोडीने संसार सुरू होतो. काडी काडी जमवून मेहनतीने घरटं बांधलं जातं. घरट्याला आकार देण्यात, वादळ वाऱ्याचा सामना करत घरट्यातली ऊब राखण्यात, घरट्यातल्या चिवचिवाटातलं स्वर्गसुख लुटण्यात आयुष्याची मध्यान्ह संपून उतरणीची ऊन्ह कधी सुरू होतात लक्षातच येत नाही. मध्यान्ह ओसरल्याचं निवलेपण तर असतं, पण सांजसावल्यांचं भय देखील मनात दाटायला सुरूवात होते. आपल्याच आपल्याला व्यापून टाकणाऱ्या लांब लांब सावल्या ...मन काजळणाऱ्या ...एक अनामिक हुरहूर लावणाऱ्या! आतापर्यंतच्या प्रवासातील सारी वळणं, खाच खळगे, चढ उतार जोडीने पार केलेले असतात. अगदी कुठल्याही क्षणी हातावरची आश्वासक पकड कधी ढिली झालेली नसते, कायमच शब्दांच्या, स्पर्शाच्या खंबीर साथीने इथवरचा प्रवास झालेला असतो ....पण ...अचानक हा हात हातातून सुटला ...अगदी कायमचा तर ... अवचित एखाद्या कातरवेळी, हळव्या क्षणी मनात येणारा हा विचार अक्षरश: जिवाच्या पार चिंधड्या करून टाकतो, नाही का? सकाळच्या चहापासून तर रात्रीच्या बातम्यांपर्यंतच्या दिवसभराच्या टाईम टेबलची एकमेकांच्या सोयीने केलेली आखणी, आणि...
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योग-साधना LifeSkills/जीवन कौशल- Grooming Facilitators Master Teachers

Grooming Facilitators Master Teachers What better new year resolution can you have than learning to make people happier? Be a LifeSkills Facilitator/ Master Teacher and propagate happiness! During the next year (2019), Radhika Jagat Bisht and Jagat Singh Bisht, Founders: LifeSkills, will conduct training programmes to groom facilitators/ master teachers. This will enable them to learn, understand, practise, and propagate life skills for health, happiness and tranquillity. It includes practical sessions on the art of Meditation, the basics of Yoga and the fundamentals of Laughter Yoga. Also included are inputs on the elements of Happiness and Well-being and the quintessence of Spirituality. Don't miss this golden opportunity. Send us an email at lifeskills.happiness@gmail.com to register. LifeSkills Courtesy – Shri Jagat Singh Bisht, LifeSkills, Indore ...
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पुस्तक समीक्षा / आत्मकथ्य – चुभता हुआ सत्य (ईबुक) – हेमन्त बावनकर 

चुभता हुआ सत्य (ईबुक) – हेमन्त बावनकर  आत्मकथ्य - यह उपन्यासिका मेरी पहली कहानी ‘चुभता हुआ सत्य’ पर आधारित है। यह कहानी दैनिक नवीन दुनिया, जबलपुर की साप्ताहिक पत्रिका ‘तरंग’ के प्रवेशांक में 19 जुलाई 1982 को डॉ. राजकुमार तिवारी ‘सुमित्र’ जी के साहित्य सम्पादन में प्रकाशित हुई थी। इस उपन्यासिका का कथानक एवं कालखंड अस्सी-नब्बे के दशक का है। अतः इसके प्रत्येक पात्र को विगत 36 वर्ष से हृदय में जीवित रखा। जब भी समय मिला तभी इस कथानक के पात्रों  को अपनी कलम से उसी प्रकार से तराशने का प्रयत्न किया, जिस प्रकार कोई शिल्पकार अपने औजारों से किसी शिलाखण्ड को वर्षों तराश-तराश कर जीवन्त नर-नारियों की मूर्तियों का आकार देता है, मानों वे अब बोल ही पड़ेंगी। सबसे कठिन कार्य था, एक स्त्री पात्र को लेकर आत्मकथात्मक शैली में उपन्यासिका लिखना। संभवतः किसी लेखिका को भी एक पुरुष पात्र को लेकर आत्मकथात्मक शैली में लिखना इतना ही कठिन होता होगा। इन पात्रों की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझते हुए...
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मराठी साहित्य – आलेख – शेवट गोड व्हावा …!  – सुश्री ज्योति हसबनीस

सुश्री ज्योति हसबनीस शेवट गोड व्हावा ...!  (प्रस्तुत है सुश्री ज्योति हसबनीस का आलेख 'शेवट गोड व्हावा')  रिमझिमता पाऊस ..हवेतली सुरकी ..आणि वाफाळत्या काॅफीचा एकेक घोट ..बघता बघता काॅफीने तळ गाठला ..आणि शेवटचा घोट ..किंचित गोड लागला ...अपार तृप्ती देऊन गेला . कसं असतं ना माणसाचं ...शेवट गोड तर सारं गोड हे अगदी ठसलं असतं त्याच्या मनावर ! मग ते सीरियल असो, कथा कादंबरी असो, नाटक असो , चित्रपट असो की आपल्या आजूबाजूला घडणाऱ्या गोष्टी असो ! ‘ ‘ते दोघं आणि चारचौघं’ ह्यातही आपल्याला ‘त्या दोघांच्या’वियोगाची कल्पना करवतच नाही , त्यांच्या ओढीचा शेवट चिरकाल एकत्र येण्यातच व्हावा असंच आपल्याला वाटतं ! खुप कष्ट करून जिद्दीने वाढवलेल्या मुलांनी आईचा आधार बनून तिला अपार सुख देऊन तिचा शेवट सुखासमाधानात व्हावा असंच आपल्याला वाटतं ! वन्यपशुंच्या जीवनावरील लघुपट बघतांनादेखील जिवाच्या भीतीने सुसाट पळणारं हरिण वाघाच्या तडाख्यातून सुटून सुखरूप आपल्या कळपात जावं , गरूडाची झडप चुकावी आणि गोजिरवाणं सीगल त्याच्या तावडीतून सुटावं , कपारीच्या आश्रयाने त्याने दडावं , आणि अशा  जीवघेण्या पाठलागाचा शेवट त्यांच्या सुखरूप असण्यात व्हावा ..हेच मन म्हणत असतं...
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योग-साधना LifeSkills/जीवन कौशल-Shinrin-yoku/Forest Bathing 19 – Shri Jagat Singh Bisht

Shinrin-yoku/Forest Bathing-19  Shri Jagat Singh Bisht (Master Teacher: Happiness & Well-Being, Laughter Yoga Master Trainer, Author, Blogger, Educator and Speaker) Many of our illnesses, stresses and anxieties are due to a lack of connection with nature. Taking a hands-on approach to the natural world will help us restore that connection. LifeSkills Courtesy – Shri Jagat Singh Bisht, LifeSkills, Indore...
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योग-साधना LifeSkills/जीवन कौशल- The World Happiness Report 2018

The World Happiness Report 2018 Shri Jagat Singh Bisht (Master Teacher: Happiness & Well-Being, Laughter Yoga Master Trainer, Author, Blogger, Educator and Speaker) The World Happiness Report is a landmark survey of the state of global happiness. The World Happiness Report 2018, ranks 156 countries by their happiness levels, and 117 countries by the happiness of their immigrants. LifeSkills Courtesy – Shri Jagat Singh Bisht, LifeSkills, Indore ...
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