डॉ श्याम बाला राय

(सुप्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार , पत्रकार  एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ श्याम बाला राय जी  का ई-अभिव्यक्ति  में हार्दिक स्वागत हैं। आपकी उपलब्धियां इस सीमित स्थान में उल्लेखित करना संभव नहीं है। कई रचनाएँ प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पत्र- पत्रिकाओं  में  प्रकाशित। कई राष्ट्रीय / प्रादेशिक /संस्थागत  पुरस्कारों /अलंकारों से पुरस्कृत /अलंकृत ।  लगभग 20 पुस्तकें प्रकाशित। कई साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं  का प्रतिनिधित्व। आकाशवाणी से समय समय पर रचनाओं का प्रसारण । आज प्रस्तुत है आपकी एक भावप्रवण लघुकथा   ‘घर के न  घाट के’।)

☆ लघुकथा – घर के न  घाट के ☆ 

भागता हुआ रजिन्दर राय साहब के यहां आकर कहने लगा कि मालिक चलिए। प्रधान जी से कह दीजिए।

राय साहब ने कहा कि मैं क्या कहूँ प्रधान जी से?

चलिए बताता हूँ।

अरे! ऐसे कैसे जाऊं ? क्या करना है? क्या कहना है? ये पता तो होना चाहिए। मेरी बात भला प्रधान जी क्यों सुनेगे?

रजिन्दर संकोच करते हुए बोला कि मुम्बई से मेरा बबुआ आया है.

अच्छा ! आया है तो जाओ उसका स्वागत करो, खिलाओं पिलाओं, प्रधान जी से क्या कहना है?

नहीं मालिक! प्रधान जी गांव में घुसने के लिए मना कर रहे हैं। कह रहे है कि मैं स्वयं को नहीं फसाऊंगा। तुम लोग भागकर शहर से छिपने गांव आये हो। भला आप ही बताइये। कोई अपने घर में नहीं आयेगा।

राय साहब ने कहा कि तुम नहीं जानते हो कि कोरोना नाम की जानलेवा बिमारी पूरे विश्व में फैली है। उसका पभाव गांव में भी हो जायेगा तो गांव वाले कहाँ जायेगे इलाज कराने।

रजिन्दर निराश होकर बोला कि तब तो कोई साथ नहीं देगा। शहर में कोई काम नहीं था। ट्रेन का टिकट नहीं मिला तो ट्रक से ही बबुआ दिन-रात धूप में तपते हुआ गांव आया है। मैं उसे पानी भी नहीं पिला पा रहा हूँ। कोई मदद करने वाला नहीं है।

राय साहब रजिन्दर को समझाते हुआ कहे कि बिमारी जानलेवा है, शहर से गांव आने के बेचैन बहुत अधिक लोग बिमारी को लोगों में फैलाये है, इसलिए सरकार ने प्रधान को चेतावनी दी है कि गांव पहुँचने वाले पर ध्यान देना प्रधान की जिम्मेदारी है। यदि गांव में एक भी मरीज मिला तो प्रधान की जिम्मेदारी होगी। अतः प्रधान जी विवश है।

रजिन्दर रोते हुए कहने लगा कि गांव से शहरी देखकर शहर कमाने गया था बबुआ। आज न घर का रहा न घाट का। ये कैसी मेरी मूर्खता थी कि उसे घर छोड़कर शहर भेजा उससे अधिक मै यहा कमा लेता हूँ।

 

©  डॉ श्यामबाला राय

द्वारा श्री यश्वन्त सिंह, यू- 28, प्रथम तल, उपाध्याय ब्लाक, शकरपुर, दिल्ली – 110092

मोबाइल न0 – 9278280879

shyambalarai@yahoomail.com

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Shyam Khaparde
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शानदार