सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

श्री संजय भारद्वाज

? महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी, मुंबई  का आयोजन नुक्कड़ नाटक “जल है तो कल है” ?  

आज़ादी का अमृत महोत्सव और नदी उत्सव

महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी, मुंबई द्वारा आज़ादी का अमृत महोत्सव और नदी उत्सव के अंतर्गत प्रस्तुत विश्वभर में घट रहे भूजल की समस्या और संभावित समाधान पर आधारित नुक्कड़ नाटक ‘जल है तो कल है‘ का मंचन कल 24 दिसम्बर 2021 को संध्या 7 बजे किया गया जिसे सम्पूर्ण विश्व ने यूट्यूब लिंक पर देखा। आप भी इस नाटक को निम्न यूट्यूब लिंक पर देख सकते हैं। 

कृपया नाटक देखने के लिए इस यूट्यूब लिंक पर क्लिक करें  >>  जल है तो कल है

विश्वभर में घट रहे भूजल की समस्या और संभावित समाधान पर महाराष्ट्र शासन (सांस्कृतिक कार्य विभाग), महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी, मुंबई द्वारा आज़ादी का अमृत महोत्सव और नदी उत्सव के अंतर्गत आयोजित क्षितिज की प्रस्तुति स्वतंत्र थियेटर की निर्मिति ‘जल है तो कल है’ का लेखन श्री संजय भरद्वाज, अध्यक्ष, हिंदी आंदोलन, पुणे द्वारा किया गया एवं निर्देशन श्री अभिजीत चौधरी जी द्वारा किया गया।

प्रसंगवश ई-अभिव्यक्ति में  नाटक ‘जल है तो कल है’ का प्रकाशन 5 भागों में 3 जून 2020 से 8 जून 2020 तक प्रकाशित किया गया था जिसे आप निम्न लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।    

 

हिन्दी साहित्य – मनन चिंतन ☆ संजय दृष्टि ☆ नुक्कड़ नाटक – जल है तो कल है – 1 ☆ श्री संजय भारद्वाज

हिन्दी साहित्य – मनन चिंतन ☆ संजय दृष्टि ☆ नुक्कड़ नाटक – जल है तो कल है – 2 ☆ श्री संजय भारद्वाज

हिन्दी साहित्य – मनन चिंतन ☆ संजय दृष्टि ☆ नुक्कड़ नाटक – जल है तो कल है – 3 ☆ श्री संजय भारद्वाज

हिन्दी साहित्य – मनन चिंतन ☆ संजय दृष्टि ☆ नुक्कड़ नाटक – जल है तो कल है – 4 ☆ श्री संजय भारद्वाज

हिन्दी साहित्य – मनन चिंतन ☆ संजय दृष्टि ☆ नुक्कड़ नाटक – जल है तो कल है – 5 ☆ श्री संजय भारद्वाज

 

? इस विचारणीय नाटक के मंचन के लिए आयोजकों, रचनाकार एवं कलाकारों को साधुवाद ?

 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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