श्री एस के कपूर “श्री हंस”
☆ “श्री हंस” साहित्य # 154 ☆
☆ मुक्तक – ।। जीत के लिए सीने में अगन, मन में लगन चाहिए ।। ☆ श्री एस के कपूर “श्री हंस” ☆
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=1=
हालात कितने भी खराब हों, पर रोया नहीं करते।
कभी जोश और होश को, यूँ ही खोया नहीं करते।।
ईश्वर भी सहयोग करते हैं, कर्मशील व्यक्ति को।
अवसर दरवाजा खटखटाए तब सोया नहीं करते।।
=2=
होना है सफल तो व्यक्ति में, बस लगन होनी चाहिए।
दिल दिमाग आत्मा भी, काम में मगन होनी चाहिए।।
बढ़ने की आग हो खूब, मन मस्तिष्क में भरी हुई।
चेहरे आँखों में बस जीत, की चमक होनी चाहिए।।
=3=
कामयाबी का सफर मुश्किल, बहुत धूप होती है।
होती नहीं छाँव राह में दुश्वारी की बहुत दूब होती है।।
वो होते सफल जिन्हें बिखरकर, निखारना आता।
जो हारते नहीं मन से, तो जीत भी बहुत खूब होती है।।
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© एस के कपूर “श्री हंस”
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