सूचनाएँ/Information ☆ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार – जयपुर से ☆ प्रस्तुति – डॉ निशा अग्रवाल ☆

 ☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🌹 साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार – जयपुर से  – डॉ निशा अग्रवाल🌹

🌹 भारत नेपाल साहित्य महोत्सव आयोजित 🌹

भारत के पड़ोसी देश नेपाल के विराटनगर शहर में भारत और नेपाल के चुनिंदा साहित्यकारों का कुंभ भारत नेपाल साहित्य महोत्सव 17 से 19 मार्च तक लगातार चौथे वर्ष आयोजित किया जा रहा है। 

इस कार्यक्रम  में जयपुर (राजस्थान) से राव शिवराज पाल सिंह और डॉ श्रीमती निशा अग्रवाल को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ज्ञातत्व है कि राजस्थान से पहली बार दो साहित्यकारों को साहित्य के इस विशाल कुंभ में आमंत्रित किया गया है। राव शिवराज पाल सिंह बेहद बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। ये जाने माने कवि, गद्यकार, कॉलम लेखक, राजपूताने इतिहास के अध्येता और विरासत सरंक्षण में विशेषज्ञ हैं। डॉ निशा अग्रवाल बाड़ी निवासी श्री जगदीश प्रसाद मंगल (पिपरैट वाले) की सुपुत्री हैं। ये शिक्षाविद होने के साथ साथ लेखिका, कवयित्री, स्क्रिप्ट राइटर और एंकर भी हैं। कला, संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में ये देश में ही नहीं अपितु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान बना रही हैं। डॉ निशा शिक्षा विषय से पीएचडी हैं। वर्ष 2022 में अल्जीरिया से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित हैं। डॉ निशा की संस्कृति एवं साहित्य के प्रति समर्पण की भावना बेहद सराहनीय एवं प्रशंसनीय है।

किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था विशेष द्वारा भारत की इन दोनों बहुमुखी प्रतिभाओं का अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान गौरवपूर्ण कार्य है। आपको बता दें कि नेपाल -भारत साहित्य महोत्सव में देश के कुछ ही चुनिंदा साहित्यकारों को आमंत्रित किया गया है। भारतीय हिंदी साहित्य के प्रतिनिधि के रूप में इनका सम्मान भी किया जायेगा। राव शिवराज और डॉ निशा ने बताया कि देश से बाहर हिंदी का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्हें बेहद गौरव की अनुभूति हो रही है और हमारा प्रयास रहेगा कि हिंदी को विश्व पटल पर सम्मानजनक स्थान मिले।

साभार –  डॉ निशा अग्रवाल

जयपुर ,राजस्थान  

 ☆ (ब्यूरो चीफ ऑफ जयपुर ‘सच की दस्तक’ मासिक पत्रिका)  ☆ एजुकेशनिस्ट, स्क्रिप्ट राइटर, लेखिका, गायिका, कवियत्री  ☆ 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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सूचना/Information ☆ “तब जाकर मुझे छाँव मिली” कविता संग्रह का विमोचन ☆ डॉ प्रेरणा उबाळे ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🍁 “तब जाकर मुझे छाँव मिली” कविता संग्रह का विमोचन 🍁

मार्च 2023 को हिंदी विभाग, महाविद्यालय (स्वायत्त), शिवाजीनगर, पुणे की ओर से “तब जाकर मुझे छाँव मिली” का विमोचन समारोह का आयोजन किया गया था l
मेरा जीवन संघर्ष विषय पर आधारित साझा कविता संग्रह के लिए हिंदी विभाग की ओर से कविताएँ भेजने का आवाहन छह माह पूर्व किया गया था उसके परिणामस्वरुप हिंदी विभाग को भारतभर से बहुत अच्छा प्रतिसाद मिला और लगभग 90 कविताएँ प्राप्त हुई l प्राध्यापक, हिंदी प्रेमी, वरिष्ठ कवि, निमंत्रित कवि आदि की जीवन संघर्ष विषय पर कविताएँ इस पुस्तक में संकलित की गई l विभिन्न प्रकार से जीवन के संघर्ष की अभिव्यक्ति करने वाली इन कविताओं का संकलन और संपादन का कार्य डॉ. प्रेरणा उबाळे ने किया l

शैलजा प्रकाशन, कानपुर के श्री आशुतोष तिवारी ने पुस्तक का प्रकाशन किया है l इस पुस्तक की भूमिका डॉ. सुनील देवधर ने लिखी है l

प्रस्तुत समारोह में सचिव प्रा. शामकांत देशमुख, मॉडर्न महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र झुंजारराव, उपप्राचार्य डॉ. विजय गायकवाड और हिंदी विभागप्रमुख डॉ. प्रेरणा उबाळे के कर कमलों से पुस्तक का विमोचन किया गया l

डॉ. सुनील देवधर जी ने अपने व्याख्यान में कविता, कवि और शब्दों के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी कवियों के लेखन की प्रशंसा की प्राचार्य डॉ राजेंद्र झुंजारराव ने छात्रों के लेखन को सराहा तथा जीवन को उन्नत बनाने के लिए संघर्ष को आवश्यक माना l संस्था के सचिव और प्रशासन विभाग के उपप्राचार्य प्रा. शामकांत देशमुख जी ने कविता-संग्रह के शीर्षक की सराहना की l साथ ही मराठी हिंदी के कवि और उनके जीवन से संबंधित कुछ किस्सों को ताजा किया l

इस कार्यक्रम में पुस्तक के लिए लेखन करने वाले उपस्थित कवियों को मान्यवर महानुभावों के हाथों “तब जाकर मुझे छाँव मिली” पुस्तक भेंट की इसके उपरांत उपस्थित कवियों ने अपने मंतव्य अभिव्यक्त किए l इनमें वाइ. के. सिंह, नंद कुमार मिश्रा, अमिताभ आर्य, दत्ता नागोसे आदि ने अपने मंतव्य प्रकट किए और इसमें सहभागी होने की खुशी जताई l

विमोचन समारोह में पुणे के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित थे l कार्यक्रम का संपूर्ण संयोजन हिंदी विभाग प्रमुख डॉ. प्रेरणा उबाळे ने किया और मंच संचालन प्रा. असीर मुलाणी और प्रा. संतोष तांबे ने किया l

साभार – डॉ. प्रेरणा उबाळे

सहायक प्राध्यापक, हिंदी विभागाध्यक्षा, मॉडर्न कला, विज्ञान और वाणिज्य महाविद्यालय (स्वायत्त), शिवाजीनगर,  पुणे ०५

संपर्क – 7028525378 / [email protected]

 ≈ ब्लॉग संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय  ≈

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सूचनाएँ/Information ☆ साहित्यिक गतिविधियाँ ☆ भोपाल से – सुश्री मनोरमा पंत ☆

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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🌹 साहित्यिक गतिविधियाँ ☆ भोपाल से – सुश्री मनोरमा पंत 🌹

(विभिन्न नगरों / महानगरों की विशिष्ट साहित्यिक गतिविधियों को आप तक पहुँचाने के लिए ई-अभिव्यक्ति कटिबद्ध है।)  

☆ डॉक्टर मनोज को रमन रिसर्च  फैलोशिप ☆

भोपाल के साइंटिस्ट डाॅ. मनोज कुमार गुप्ता को साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च काउंसिल की ओर से रमन रिसर्च फैलोशिप 2022-23के लिए सिलेक्ट किया गया ।यह फैलोशिप  इंजीनियरिंग साइंस के क्षेत्र  में दी गई  है ।

☆ भारतीय  कला और  एवं संस्कृति पर बुक लिखने में डाॅक्टर रंजन को लगे पाँच वर्ष ☆

2002 बैच के झारखंड कैडर के आइएएस डाॅ.रंजन ने तीन खंडों में कला संस्कृति के हर पक्ष को ध्यान  में रखकर पुस्तक  लिखी ।

“विज्ञान की गल्प  कथाएं लिखना चाहिए, ये  बच्चों का इमेजिनेशन बढ़ाती है  यह बात”टीनू का पुस्तकालय “पुस्तक  पर चर्चा करते हुए बाल कल्याण  एवं बाल साहित्य  शोध केन्द्र  में आदित्य अकादमी के निदेशक   विकास  दवे ने  कही ।मुख्य  अतिथि कुंकुम गुप्ता ने बच्चों को बाल कहानियाँ  पढ़ने पर जोर दिया ।सुमन ओबेराय  ने आज के मनोविज्ञान  के अनुसार  बाल साहित्य  लिखने के लिए  कहा ।इंदिरा त्रिवेदी ने कहा-बाल कहानियाँ सरल सहज और बच्चों की जिज्ञासा के अनुसार होनी चाहिए  ।

 लघुकथाकार  अपूर्व  सेन के नए लघुकथा संग्रह  ‘धुंध छँटते ही ‘ का लोकार्पण  वरिष्ठ  साहित्यकार  उर्मिला शिरीष  की अध्यक्षता में म.प्र.राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के बैनर तले हुआ ।

☆ मनीष  बादल  के गजल संग्रह  का लोकार्पण ☆

मनीष  बादल  के गजल संग्रह  ‘दो मिसरों में’ का लोकार्पण  जनजातीय  संग्रहालय में लोकार्पण  हुआ ।

☆ सरोकार साहित्य संवाद की व्यंग गोष्ठी सम्पन्न ☆

भोपाल | सरोकार साहित्य संवाद की व्यंग्य गोष्ठी वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ.हरि जोशी की अध्यक्षता एवम वरिष्ठ साहित्यकार श्री देवेंद्र जैन के मुख्य आतिथ्य एवम वरिष्ठ कवि प्रो0 चित्रभूषण श्रीवास्तव ‘ विदग्ध’ एवम वरिष्ठ कवि कथाकार श्री बलराम गुमाश्ता के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुई |

कार्यक्रम के प्रारम्भ में सरोकार साहित्य संवाद की और से संस्था के संस्थापक अध्यक्ष व्यंग्यकार श्री कुमार सुरेश ने स्वागत उदबोधन किया इस अवसर पर उन्होंने पुस्तकें भेंटकर मंचस्थ अतिथियों का स्वागत किया |

साहित्यकार घनश्याम मैथिल “अमृत” के संचालन में व्यंग्य गोष्ठी आरम्भ हुई जिसमें सर्वप्रथम व्यंग्यकार श्री कुमार सुरेश ने ‘सरकारी बैठक ‘ एवं ‘आम आदमी को वॉशरूम का सपना ‘ व्यंग्यों का प्रभावी वाचन किया, व्यंग्यकार श्री विवेकरंजन श्रीवास्तव ने ‘किंकर्तव्यविमूढ़ अर्जुन ‘ और ‘आदमी को मयस्सर नहीं इंसा होना ‘ सुनाकर उपस्थितजनों को भाव विभोर कर दिया |

अगले क्रम में व्यंग्यकार श्री अशोक व्यास ने समसामयिक व्यंग्य ‘होली के रंग बापू के संग ‘प्रस्तुत कर श्रोताओं को ताली बजाने पर विवश कर दिया ,इस व्यंग्य गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ जवाहर कर्नावट के व्यंग्य ‘गरीब जो देखन चला ‘ को भी उपस्थितजनों का भरपूर आशीर्वाद मिला | इस गोष्ठी में वरिष्ठ कवियत्री कथाकार डॉ नीहारिका रश्मि के व्यंग्य ‘देशभक्ति ज़िंदाबाद ‘ को भी खूब पसंद किया गया |

श्री सुरेश पटवा ने उन्होंने ‘एक हिंदी सेवी की विदेश यात्रा ‘ व्यंग्य का पाठ किया | इसके पश्चात सुपरिचित व्यंग्यकार श्री विजी श्रीवास्तव ने ‘एक गधे को कुत्ते की मौत ‘ व्यंग्य का पाठ कर इस व्यंग्य गोष्ठी को यादगार बनाकर शिखर तक पहुंचा दिया |

इस आयोजन में डॉ हरि जोशी के आत्मकथा सङ्ग्रह ‘ तूफानों से घिरी ज़िन्दगी ” का लोकार्पण किया गया | इस अवसर पर आयोजन के मुख्य अतिथि श्री देवेंद्रकुमार जैन ने अपने उद्बोधन में व्यंग्य की बढ़ती स्वीकार्यता पर प्रकाश डाला और कार्यक्रम के अध्यक्ष वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ हरि जोशी ने समकालीन व्यंग्य के समक्ष उपस्थित चुनोतियों की चर्चा की कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि कवि कथाकार श्री बलराम गुमाश्ता ने व्यंगकार को पक्ष अथवा विपक्ष में नहीं बल्कि प्रतिपक्ष की भूमिका निर्वहन की बात की ,इस आयोजन में वरिष्ठ साहित्यकार प्रो0चित्रभूषण श्रीवास्तव विदग्ध ने भी अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए |

☆ शिखर साहित्य संगम भोपाल द्वारा होली विषय पर काव्य गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न ☆

शिखर साहित्य संगम भोपाल का आभासी पटल पर होली महोत्सव कार्यक्रम के अन्तर्गत होली विषय पर  काव्य गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ.वंदना मिश्र जी साहित्यकार पूर्व प्रधानाचार्य  हमीदिया स्कूल भोपाल ने की।

मुख्य अतिथि  उषा सक्सेना जी भोपाल लेखिका साहित्यकार थी। विशेष अतिथि डॉ हरिदत्त गौतम ‘अमर’ जी,मोदी नगर गाजियाबाद (उ. प्र.)थे। सरस्वती वंदना का पाठ डॉ प्रो.मंजरी अरविंद गुरु,रायगढ़ (छ. ग.)किया । सभी साहित्यकारों का स्वागतम अभिनन्दन एवम संचालन शिखर पटल के अध्यक्ष कवि अशोक गौतम ने किया। अंत में  सभी का आभार व्यक्त  कवि चन्द्रभान सिंह चन्दर  जी ने किया।

आज की विशेष  होली काव्य गोष्ठी में जिन कवि कवयित्रियों ने काव्य के रंग बिखेरे उनमें मनोरमा पंत जी,भोपाल, रेखा कापसे,  कुमुद जी, बिहारी लाल सोनी अनुज कवयित्री अनीता शरद झा,आशा सिंह कपूर ,अंजली कुमार, पद्मा तिवारी, उषा सक्सेना जी,सुनीता मुकर्जी  जी, मधुलिका सक्सेना ,डॉ प्रो. मंजंरी,डॉ हरिदत्त गौतम ,रामलाल द्विवेदी ,चन्द्रभान सिंह चन्दर, डॉ वंदना मिश्र  डॉ औरिना अदा जी,रागिनी मित्तलडॉ प्रियंका भट्ट जी, पुष्पा गुप्ता ,तथाकविअशोक गौतम भोपाल नेकाव्य पाठ किया।

☆ अ. भा .कला मँदिर भोपाल द्वारा होली पर काव्य गोष्टी संपन्न ☆

अ. भा .कला मँदिर भोपाल द्वारा दिनाँक 11.  3. 2023 को ‘रंगोत्सव’ संस्था प्रमुख डाॅ. गौरी शंकर गौरीश  की अध्यक्षता में मनाया गया। समारोह  के मुख्य  अतिथि थे डाँ के जी सुरेश कुलपति माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता वि. वि,  विशिष्ट अतिथि श्री आलोक सँजर पूर्व साँसद म.प्र शासन ,और सारस्वत अतिथि थे डाँ सुरेन्द्र विहारी गोस्वामी पूर्व निर्देशक ग्रँथ अकादमी कार्यक्रम  का प्रारम्भ  अतुल शर्मा की सुदंर सगीतमयी सरस्वती वंदना से हुआ ।

सबसे पहले सँगीतमय फूलमार होली खेली गई। जिसे सरस्वती संगीत विद्यालय ने एक मनोहारी होली गीत  द्वारा जीवंत किया।फिर  बुँदेली होली, बृज की होली ,पारँपरिक होली एवं लोकगीतों  से पूरा सभागार  होली मय  हो गया ।कलाकार थेआशा श्रीवास्तव,सुधा दुबे,श्रीमती  रजनी वर्मा सुषमा   श्रीवास्तव ‘सजल’ राधारानी चौहान,और सभी के साथी ।राजेन्द्र  गट्टानी ,गोकुल सोनी,राकेश कुमार हैरत,    लोकगायक रामनरेश, तथावंदना खरे ने भी अपनी रचनाओं से सबको मंत्र मुग्ध  कर दिया ।

सभाध्यक्ष  गौरीशंकर  गौरीश  ने होली के महत्व को बताया ।मुख्य अतिथि श्रीके.जी .सुरेश ने अपने उद्बोधन  भाषण में कहा कि रंगोत्सव  जैसे कार्यक्रम  हमारी संस्कृति की पुष्टि करते हैं ।विशिष्ट  अतिथि आलोक संजर जी ने आज विद्वान  नहीं विद्यावान बनने की आवश्यकता है ।सारस्वत  अतिथि के रूप में गोस्वामी जी ने प्रमुख चार रंगों के माध्यम सप्रेम को परिभाषित  किया कि ईश्वर  के रंग में रंग जाना ही वास्तविक  प्रेम है ।

कार्यक्रम  का संचालन  हरिवल्लभ  जी शर्मा  एवं मधु शुक्ला ने किया तथा आभार प्रदर्शन मनोरमा पंत द्वारा किया गया ।

साभार – सुश्री मनोरमा पंत, भोपाल (मध्यप्रदेश) 

 ≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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सूचनाएँ/Information ☆ साहित्य की दुनिया ☆ प्रस्तुति – श्री कमलेश भारतीय ☆

 ☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🌹 साहित्य की दुनिया – श्री कमलेश भारतीय  🌹

(साहित्य की अपनी दुनिया है जिसका अपना ही जादू है । देश भर में अब कितने ही लिटरेरी फेस्टिवल आयोजित किये जाने लगे हैं । यह बहुत ही स्वागत् योग्य है । हर सप्ताह आपको इन गतिविधियों की जानकारी देने की कोशिश ही है – साहित्य की दुनिया)

☆ विनोद कुमार शुक्ल को अंतर्राष्ट्रीय सम्मान

प्रसिद्ध कवि, लेखक, उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल को अंतर्राष्ट्रीय सम्मान व्लादिमीर नाबाकोव से सम्मानित किया गया । यह अमेरिका के आस्कर अवाॅर्ड जैसा है और आजीवन लेखन सम्मान है जिसमें पचास हजार डालर यानी भारतीय करेंसी में 41 लाख रुपये दिये गये । यह गीतांजलि श्री को पिछले साल मिले बुकर सम्मान के बाद दूसरा ऐसा सम्मान है जो भारतीय मूल के किसी लेखक को मिला है । इनसे पहले अपने समय में अज्ञेयनिर्मल वर्मा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहे । सम्मान पर बोलते हुए विनोद कुमार शुक्ल ने कहा कि मैंने सम्मान के लिये कभी नहीं लिखा । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह हिंदी की बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है । विनोद कुमार शुक्ल को हार्दिक बधाई । इन्हीं विनोद कुमार शुक्ल ने एक हिंदी प्रकाशक द्वारा अपनी राॅयल्टी न दिये जाने का वीडियो जारी किया था ।

लघुकथा रत्न पर कथा पाठ : कथा व लघुकथा में पिछले पचास सालों से सक्रिय व हरियाणा लेखक मंच के अध्यक्ष कमलेश भारतीय को इंडियानेट बुक्स की ओर से लघुकथा रत्न सम्मान प्रदान करने व दिल्ली की संस्था नट सम्राट की ओर से क्रिटिक अवाॅर्ड देने की घोषणा हुई है । इसी संदर्भ में हिसार के सर्वोदय भवन में कमलेश भारतीय को लघुकथा पाठ के लिये आमंत्रित किया गया । इसमें कार्यक्रम के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता पी के संधीर ने कहा कि लघुकथा देखन में छोटी मगर प्रभाव में बहुत बड़ी है । कमलेश भारतीय की लघुकथाओं की सराहना न केवल संधीर बल्कि दूरदर्शन के पूर्व समाचार निदेशक अजीत सिंहआकाशवाणी के पूर्व निदेशक विनोद मेहता ने की । इस गोष्ठी में नगर के अनेक साहित्य प्रेमी मौजूद रहे ।

हरिगंधा का महिला विशेषांक : हरियाणा साहित्य अकादमी की पत्रिका हरिगंधा का मार्च अंक महिला विशेषांक के रूप में आया है जो काफी प्रभावशाली रचनायें लिये हुए है । इसमें हरियाणा की रचनाकारों को यथायोग्य स्थान दिया गया है । गुलजार की कविता और अरुण कमल की ओर से अनुवादित कवितायें कवर पर हैं । मैत्रेयी पुष्पावर्षा खनगवाल के साक्षात्कार भी शानदार हैं । संपादक डाॅ चंद्र त्रिखा और अतिथि संपादिका कमल कपूर बधाई के पात्र हैं । बस । एक ही शहर के एकसाथ अनेक रचनाकारों की रचनायें होना थोड़ा खटकता है ।

हिसार में रंग नाट्योत्सव : हिसार में पिछले नौ वर्षों से रंग आंगन नाट्योत्सव का आयोजन हो रहा है और इतने वर्षों में देश के काम से कम तीन हजार रंगकर्मी इसमें अपने नाटक मंचित करने आ चुके हैं । इस बार बारह मार्च को प्रसिद्ध अभिनेता राजेंद्र गुप्ताअभिनेत्री हिमानी शिवपुरी, जीना इसी का नाम है नाटक मंचित करेंगे । यह दो पात्रों का ही नाटक है और जीवन की सांध्य बेला की समस्याओं को इसमें बड़े ही अच्छे ढंग से उठाया गया है । इसके अतिरिक्त सोलह नाटक मंचित किये जायेंगे ।

साभार – श्री कमलेश भारतीय, पूर्व उपाध्यक्ष हरियाणा ग्रंथ अकादमी

संपर्क – 1034-बी, अर्बन एस्टेट-।।, हिसार-125005 (हरियाणा) मो. 94160-47075

(आदरणीय श्री कमलेश भारतीय जी द्वारा साहित्य की दुनिया के कुछ समाचार एवं गतिविधियां आप सभी प्रबुद्ध पाठकों तक पहुँचाने का सामयिक एवं सकारात्मक प्रयास। विभिन्न नगरों / महानगरों की विशिष्ट साहित्यिक गतिविधियों को आप तक पहुँचाने के लिए ई-अभिव्यक्ति कटिबद्ध है।)  

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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सूचनाएँ/Information ☆ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार – जयपुर से ☆ प्रस्तुति – डॉ निशा अग्रवाल ☆

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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🌹 साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार – जयपुर से  – डॉ निशा अग्रवाल🌹

🌹 अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं होली के अवसर पर ऑनलाइन काव्य गोष्ठी आयोजित 🌹

अखिल भारतीय काव्य मंच मुंबई संस्था के द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं होली के पुनीत अवसर पर एक ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में अध्यक्ष की भूमिका में वरिष्ठ लेखिका मोटिवेशनल स्पीकर मुंबई निवासी डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा जी शामिल हुई। मुख्य अतिथि की भूमिका में वरिष्ठ कवयित्री रेखा ड्रोलिया जी कोलकाता से, विशिष्ट अतिथि की भूमिका में जयपुर से डॉ निशा अग्रवाल जी, उत्तराखंड से पूनम डबराल जी, मुंबई से खुशी झा,बलिया से युवा कवयित्री शिवांगी सिंह कृष्णा बावरी, अलीगढ़ से डॉ संगीता राज जी शामिल हुई। कार्यक्रम का संचालन श्रेष्ठ एवं लोकप्रिय संचालिका गाजियाबाद की पूनम माहेश्वरी जी ने किया। कार्यक्रम का आगाज खुशी झा की मां सरस्वती की वंदना से हुआ।

तत्पश्चात पूनम डबराल ने एक शानदार होली गीत की प्रस्तुति दी जिसे सभी ने सराहा।खुशी झा ने लाजवाब मुक्तक सुनाया। शिवांगी कृष्णा वावरी ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति दी। डॉ निशा अग्रवाल ने लाजवाब प्रस्तुति दी।उनकी रचनाओं ने सभी को प्रभावित किया। पूनम माहेश्वरी ने शानदार प्रस्तुति से सभी को प्रभावित किया। रेखा ड्रोलिया ने लाजवाब प्रस्तुति से सभी को प्रभावित किया और महिला की महत्ता को बताते हुए अपनी बात रखी। डॉ संगीता राज ने अद्भुत होली गीत सुनाया और महिला दिवस पर अपने विचार साझा किया। अंत में डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने नारी के सभी रिश्तों को एक कविता के द्वारा बताते हुए अपनी शानदार कविता सुनाई और अपना अध्यक्षीय उद्बोधन भी दिया। डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने अखिल भारतीय काव्य मंच को साधुवाद भी दिया। पटल के संस्थापक प्रो अंजनी द्विवेदी अनमोल ने सभी आमंत्रित सम्मानित साहित्यकारों को इस कार्यक्रम में जुड़ने के लिए धन्यवाद दिया।कार्यक्रम के संयोजक विकास मिश्र सागर ने सभी आमंत्रित अतिथियों श्रोताओं दर्शकों और पटल के पदाधिकारियों मुकेश पाण्डेय, निर्भय झा निर्वाण, ममता बारोट सभी को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में शुभ्रा पालीवाल जी,सोहन लाल शर्मा प्रेम पूरे कार्यक्रम में जुड़े रहे। एक हजार से अधिक कमेंट्स से श्रोताओं और दर्शकों ने इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता प्रदान की।

साभार –  डॉ निशा अग्रवाल

जयपुर ,राजस्थान  

 ☆ (ब्यूरो चीफ ऑफ जयपुर ‘सच की दस्तक’ मासिक पत्रिका)  ☆ एजुकेशनिस्ट, स्क्रिप्ट राइटर, लेखिका, गायिका, कवियत्री  ☆ 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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सूचनाएँ/Information ☆ साहित्य की दुनिया ☆ प्रस्तुति – श्री कमलेश भारतीय ☆

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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🌹 साहित्य की दुनिया – श्री कमलेश भारतीय  🌹

(साहित्य की अपनी दुनिया है जिसका अपना ही जादू है । देश भर में अब कितने ही लिटरेरी फेस्टिवल आयोजित किये जाने लगे हैं । यह बहुत ही स्वागत् योग्य है । हर सप्ताह आपको इन गतिविधियों की जानकारी देने की कोशिश ही है – साहित्य की दुनिया)

☆ पुस्तक मेले में लम्बी लम्बी कतारें – कमलेश भारतीय

दिल्ली के प्रगति मैदान में पुस्तक मेला जारी है और पांच मार्च को संपन्न होगा । तीस देशों के प्रकाशक इसमें अपनी पुस्तकें लेकर आये हैं । पिछले रविवार पुस्तक मेले में जाने का अवसर मिला । कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक विभाग के पूर्व निदेशक , रंगकर्मी व लेखक अनूप लाठर की नयी किताब –काल और ताल के विमोचन पर ! प्रो योगेश सिंह और प्रो अनु लाठर ने इसका विमोचन किया । इस बहाने सारी रौनक देखने को मिली । सबसे खुशी की बात कि मेले में प्रवेश के लिये लम्बी लम्बी कतारें लगी थीं। अंदर बाहर मेला ही मेला ! नागपुर से सृजन बिम्ब की संचालिका रीमा दीवान चड्ढा ने भी अपने प्रकाशन की पुस्तकों का विमोचन करवाया । लघुकथा के अनेक परिंदे कांता राॅय के आमंत्रण पर मौजूद रहे । हर स्टाॅल पर लेखक ही लेखक ! मिलन एक साल बाद ! नयी से नयी पुस्तकों का विमोचन और चर्चायें ! फिर एक साल बाद जुटेंगे ! व्यवस्था भी खूब तारीफ के लायक ! सबको बधाई जिनकी किताबें आईं और विमोचन हुए ।

यह मेला और इसकी रौनक बताते है कि अभी छपी हुई किताब का आकर्षण बाकी है । डिजीटल ने सब कुछ छीन नहीं लिया ।

चंडीगढ़ साहित्य अकादमी पुरस्कार : चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में लेखकों को सम्मानित किया गया । इसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार एवं राष्ट्रीय साहित्य अकादमी दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री प्रोफेसर विश्वनाथ तिवारी द्वारा की गई। जसपाल सिंह , कुमार शर्मा अनिल, गुल चौहान, सुषमा अलंकार एवं मोहम्मद शकील खान को अवाॅर्ड ऑफ रिकग्निशन प्रदान किया गया।

अंग्रेजी भाषा में लिखने के लिए कवि कुमार हर्ष, उपन्यासकार मंजू जैदका, कवयित्री लिली स्वर्ण, बाल साहित्य में सुलेखा शर्मा, हिंदी के लिए बाल साहित्य में किरण कालिया, कवि और उपन्यासकार अजय सिंह राणा, उपन्यासकार विजय सौदाई, अनुवादक प्रमिला गुप्ता और ऋतु भनोट, कहानीकार शैलजा कौशल कोचर, कवि अनिता सुरभि, पंजाबी के लिए बाल साहित्य में बहादुर सिंह गोसल, अनुवादक सुरेंद्र बंसल, कथा हरप्रीत सिंह चानू और कवि सतविंदर सिंह धनोआ वहीं उर्दू भाषा में कवि चमन शर्मा को सम्मानित किया गया ।

इलाहाबाद में रवींद्र कालिया को याद किया : प्रसिद्ध लेखक, पत्रकार, संपादक , अलमस्त और फक्कड़ रवींद्र कालिया को इलाहाबाद ने दो दिवसीय आयोजन कर याद किया । जाहिर है कि यह आयोजन उनकी पत्नी व लेखिका ममता कालिया व उनके बेटे अनिरुद्ध के बिना कैसे हो सकता था ! वे दोनों इसमें मौजूद रहे और यह कहा कि इलाहाबाद में सरस्वती बहती रहनी चाहिए । साथ ही रवींद्र कालिया के बारे ने संस्मरण भी सुनाये ! यश मालवीय ने संचालन किया । आनंद कक्कड़ ने जानकारी देते बताया कि यह दो दिवसीय आयोजन कहकशां फाउंडेशन की ओर से किया गया । कथा, संस्मरण के साथ शायरी की महफिल भी जमी! ऐसे रचनाकारों को कहीं न कहीं याद किये जाने से साहित्य और संस्कृति बची रहेगी । जालंधर वालों को भी रवींद्र कालिया को किसी बहाने याद करना चाहिए !

दिल्ली में डायलॉग गोष्ठी : दिल्ली की अर्पणा आर्ट एड लिटरेचर अकादमी में इसी रविवार पुस्तक मेले के बीच डायलॉग की गोष्ठी में जाने का अवसर भी मिला । इसे उपाध्यक्ष देव प्रकाश चौधरी संचालित करते हैं । इनकी धर्मपत्नी प्रीतिमा वत्स भी इनका साथ सक्रियता से देती हैं । पिछले छब्बीस साल से यह डायलॉग जारी है और प्रसिद्ध लेखिका अजीत कौरपेटर आर्टिस्ट अर्पणा के सान्निध्य में ! इस गोष्ठी में डाॅ दिविक रमेशविज्ञान व्रत ने अपनी चुनिंदा रचनाओं का पाठ कर इस विमोचन को खूबसूरत बना दिया । नये रचनाकारों ऋत्विक भारतीय , हिमानी दीवान , सुनीता चौधरी, राजेंद्र शर्मा ने भी प्रभावित किया । मुझे भी अपनी कहानी तीन दृश्य : एक चेहरा के पाठ का अवसर मिला । यों इसमें दीप्ति एंग्रीश, पुनीत सिंह, अनु चावला, रश्मि, नीलम और अन्य रचनाकार भी मौजूद रहे । यह डायलॉग चलता रहे । यही दुआ है ।

साभार – श्री कमलेश भारतीय, पूर्व उपाध्यक्ष हरियाणा ग्रंथ अकादमी

संपर्क – 1034-बी, अर्बन एस्टेट-।।, हिसार-125005 (हरियाणा) मो. 94160-47075

(आदरणीय श्री कमलेश भारतीय जी द्वारा साहित्य की दुनिया के कुछ समाचार एवं गतिविधियां आप सभी प्रबुद्ध पाठकों तक पहुँचाने का सामयिक एवं सकारात्मक प्रयास। विभिन्न नगरों / महानगरों की विशिष्ट साहित्यिक गतिविधियों को आप तक पहुँचाने के लिए ई-अभिव्यक्ति कटिबद्ध है।)  

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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सूचनाएँ/Information ☆ टैक्स फ्री नाटक का मंचन – विवेचना थिएटर ग्रुप का आयोजन ☆ श्री हिमांशु राय ☆

 ☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🌹 टैक्स फ्री नाटक का मंचन – विवेचना थिएटर ग्रुप का आयोजन ☆ श्री हिमांशु राय 🌹

3 मार्च 2023 शुक्रवार

शहीद स्मारक ऑडिटोरियम, गोल बाजार जबलपुर – शाम 7:30 बजे

एक अंतराल के बाद विवेचना थिएटर ग्रुपमहा. शहीद स्मारक ट्रस्ट सांस्कृतिक प्रकोष्ठ द्वारा जबलपुर में अतिथि नाट्य प्रस्तुति के अंतर्गत दिल्ली के आस्था थिएटर ग्रुप की प्रस्तुति “टैक्स फ्री” को आमंत्रित किया गया है। इसका निर्देशन कैलाश जोशी ने किया है। नाटक के लेखक चंद्रशेखर फडसालकर हैं।

यह नाटक चार दृष्टिहीनों की कहानी है जो दुर्घटनावश दृष्टिहीन हो गए हैं। उन्होंने दुनिया देखी है। वो मिलकर एक एंटरटेनमेंट क्लब बनाते हैं। नाटक बहुत मनोरंजक, रोचक और प्रेरक है।

आप सभी सादर आमंत्रित हैं । कृपया अपनी सीट व्हाट्सएप संदेश भेजकर आरक्षित करवाएं। प्रवेश प्रथम आए प्रथम पाए के आधार पर।

दर – ₹100 व ₹200

साभार – हिमांशु राय बांकेबिहारी ब्यौहार, मनु तिवारी, अनिल श्रीवास्तव,अजय धाबर्डे , व डी डी शर्मा, जबलपुर (मध्यप्रदेश)

(विभिन्न नगरों / महानगरों की विशिष्ट साहित्यिक / सांस्कृतिक गतिविधियों को आप तक पहुँचाने के लिए ई-अभिव्यक्ति कटिबद्ध है।)  

 ≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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सूचनाएँ/Information ☆ साहित्यिक गतिविधियाँ ☆ भोपाल से – सुश्री मनोरमा पंत ☆

 ☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🌹 साहित्यिक गतिविधियाँ ☆ भोपाल से – सुश्री मनोरमा पंत 🌹

(विभिन्न नगरों / महानगरों की विशिष्ट साहित्यिक गतिविधियों को आप तक पहुँचाने के लिए ई-अभिव्यक्ति कटिबद्ध है।)  

🌹 युवा अपनी ऊर्जा देश को नई दिशा, नई गति देने में लगाए 🌹

नेहरू युवा केन्द्र द्वारा युवा संसद आयोजित की गई। युवाओं ने समसामयिक विषयों के साथ G-20 तथा Y-20 पर भी विचार व्यक्त किये। मुख्य अतिथि थे समाजसेवी तथा भोपाल विकास  प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लिली अग्रवाल। प्रतिभागी पुरू शर्मा, देवेश शर्मा, अंकित सिंह ने अपने विचार व्यक्त किये। राज्य निदेशक डॉ. सुरेन्द्र शुक्ला ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारतीय युवाओ की ओर उम्मीद से देख रही है।

🌹 कर्मयोगी यशस्वी पत्रकार पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर का जन अभिनंदन🌹

कर्मयोगी यशस्वी पत्रकार पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर का जन अभिनंदन हिन्दी भवन  में किया गया। माधवराव सप्रे संग्रहालय के संस्थापक पद्मश्री विजयदत्त के सम्मान समारोह में उद्गार संबोधन श्री विजय मोहन तिवारी ने किया। उन्होंने कहा – भोपाल गैस त्रासदी जैसी भीषण त्रासदी का दस्तावेज केवल सप्रे संग्रहालय में ही है और कहीं नहीं। प्रतिनिधि वक्तव्य सुखदेव प्रसाद दुबे, अध्यक्ष हिन्दी भवन न्यास ने दिया। श्रीधर जी का सम्मान हिन्दी भवन, मानस भवन, गांधी भवन, लेखक संघ, लेखिका संघ, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश उर्दु अकादमी द्वारा किया गया।

🌹 दो दिवसीय वनमाला कथा का वार्षिक समारोह सम्पन्न 🌹

रविन्द्र भवन में वनमाली सृजन पीठ, आईसेक्ट पब्लिकेशन और रविन्द्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय वनमाला कथा का वार्षिक समारोह सम्पन्न हुआ। प्रथम दिवस पर अमित मलिक एवं नितिन मंगरोले द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति  के पश्चात वनमाली कथा के नवीन अंक तथा नवलेखन अंक के दूसरे संस्करण का लोकार्पण  हुआ। प्रथम सत्र में अनुराग अनन्त, मुदित श्रीवास्तव, कैफी हाशमी सबाहत आफरीन ने कहानी पाठ किया।

समारोह के दूसरे दिन पुस्तक एवं चित्र प्रदर्शनी के पश्चात शिवमूर्ति, मुकेश वर्मा, अल्पना मिश्र द्वारा कहानी पाठ हुआ। शाम को रवीन्द्र भवन में हिंमाशु जोशी द्वारा दास्तान गोई का आयोजन हुआ।

समारोह में ममता कालिया, दिव्यप्रकाश, अल्पना मिश्र, मुकेश वर्मा एवं सिद्धार्थ चतुर्वेदी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

🌹 दो दिवसीय राजभाषा कार्यशाला संपन्न🌹

राजभाषा हिन्दी विषय पर एयर पोर्ट एथारिटी आफ इंडिया द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें वरिष्ठ अधीक्षक महिमा सोनी ने राजभाषा नीति नियम विषय पर प्रकाश डाला।

🌹🌹

बरकतउल्लाह विश्व विद्यालय के कुलपति एस के जैन ने अपनी वेशभूषा, खानपान के साथ अपनी मातृभाषा केंद्रीकरण पर जोर दिया।

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गुजराती समाज ने नई पीढ़ी की मातृभाषा के प्रयोग के प्रति रूचि कम होने से चिंतित होकर निःशुल्क गुजराती भाषा सिखाने का निर्णय लिया।

🌹 प्रो. राजाराम की स्मृति में समारोह आयोजित🌹

सुप्रसिद्ध  साहित्यकार विनय राजाराम के पति कलाकार गुरू और कला आलोचक प्रो. राजाराम की स्मृति में आयोजित समारोह में कुलाधिपति प्रकाश बरतुनिया अम्बेडकर  विश्वविद्यालय ने कहा –  कला और साहित्य अभिव्यक्ति के माध्यम हैं, इनके भाव एक हैं।

🌹🌹

साभार – सुश्री मनोरमा पंत, भोपाल (मध्यप्रदेश) 

 ≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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सूचनाएँ/Information ☆ साहित्य की दुनिया ☆ प्रस्तुति – श्री कमलेश भारतीय ☆

 ☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🌹 साहित्य की दुनिया – श्री कमलेश भारतीय  🌹

(साहित्य की अपनी दुनिया है जिसका अपना ही जादू है । देश भर में अब कितने ही लिटरेरी फेस्टिवल आयोजित किये जाने लगे हैं । यह बहुत ही स्वागत् योग्य है । हर सप्ताह आपको इन गतिविधियों की जानकारी देने की कोशिश ही है – साहित्य की दुनिया)

☆ सांस्कृतिक साहित्यिक शहर जालंधर की बात – कमलेश भारतीय

इस बार पंजाब के सांस्कृतिक व साहित्यिक शहर जालंधर की बात करने को मन उमड़ आया है। वैसे मेरी साहित्यिक यात्रा भी यहीं से शुरू हुई। यहां सभी भाषाओं के समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं -हिंदी, पंजाबी और उर्दू। आकाशवाणी केंद्र और दूरदर्शन केंद्र भी यहां हैं। बताया गया कि कभी आकाशवाणी केंद्र के निदेशक प्रसिद्ध फिल्मकार राजेंद्र सिंह बेदी भी यहां रहे।  यहीं रहे रामानंद सागर जिन्होंने दूरदर्शन को रामायण देकर कोरोना काल में भी झंडे गाड़ दिये। हफीज जालंधरी जैसे शायर जिन्होंने बाद में पाकिस्तान का कौमी तराना लिखा और दीपक जालंधरी जो व्यंग्यकार रहे। वैसे शुरूआत में उपेंद्रनाथ अश्क यहां से खूब चर्चित रहे। फिर इलाहाबाद बस गये। इनके बेटे नीलाभ ने भी कविता में और बीबीसी में नाम कमाया। इसी तरह रवींद्र कालिया भी जालंधर से इलाहाबाद बसे और जालंधर का नाम खूब रोशन किया। गालिब छुटी शराब संस्मरणात्मक किताब और अनेक कहानियां चर्चित हैं। इनकी पत्नी ममता कालिया भी आज देश की वरिष्ठतम रचनाकार हैं। मोहन राकेश ने भी जालंधर के डी ए वी काॅलेज में प्रोफैसरी की और रवींद्र कालिया कहते हैं कि क्लास काॅफी हाउस में लगती थी! मोहन राकेश के ठहाके आज भी जालंधर में कहीं गूंजते सुनाई देते होंगे! अफसोस कभी डी ए वी काॅलेज ने इनकी स्मृति में कोई कार्यक्रम नहीं रखा होगा।

अभी जालंधर इसलिये याद आया कि हिंदी लेखक संघ ने रविवार को दिलजीत दिव्यांशु के कविता संग्रह पर विरसा विहार में कार्यक्रम रखा। इसमें जयप्रकाश और राकेश प्रेम ने दिलजीत की कविताओं पर आलेख प्रस्तुत किये। बाद में काव्य गोष्ठी भी हुई जिसमें डाॅ सरला भारद्वाज, डाॅ कैलाश भारद्वाज, डाॅ तरसेम गुजराल और अन्य अनेक कवियों ने काव्य पाठ किया।

जालंधर में कभी विचारधारा संस्था सक्रिय थी जिसमें मैं नवांशहर से भाग लेने आता था। जनवादी लेखक संघ की इकाई रही जिसे डाॅ रमेश कुंतल मेघ और डाॅ रीटा बाबा ने चलाया। यहां भी मैं कार्यकारिणी में रहा और जालंधर आना जाना रहा।

आजकल वरिष्ठ लेखक सिमर सदोष  पंकस अकादमी चला रहे हैं और हर वर्ष अकादमी अवाॅर्ड देते चले आ रहे हैं। ऐसा करते करते छब्बीस साल हो गये सिमर को! स्मारिका भी प्रकाशित करते हैं। इनके जज्बे को सलाम! इसी तरह यहां गीता डोगरा त्रिवेणी साहित्य अकादमी संस्था चला रही हैं और इनके कार्यक्रम भी आयोजित होते रहते हैं। कभी हिमाचल भी ले जाती है त्रिवेणी को! अनेक संकलन संपादित किये हैं। मोहन सपरा यहां से आस्था प्रकाशन चला रहे हैं जो संभवतः दीपक पब्लिकेशन के बाद दूसरा प्रकाशन है पंजाब में! सबसे बड़ी बात यहां प्रेस क्लब है जिसमें आमतौर पर साहित्यिक आयोजन होते रहते हैं। हमारे मित्र सतनाम माणक और लखविंद्र जौहर जैसे इसके अध्यक्ष रहते है। डाॅ कृष्ण कुमार रत्तू दूरदर्शन जालंधर में रहे। पुनीत सहगल जो पहले रंगकर्मी रहे और बाद में आकाशवाणी, दूरदर्शन में! रमेश बत्तरा का जन्म जालंधर में हुआ और उसके लेखन को आधार दिया जालंधर में सिमर सदोष ने! अंतिम दिन भी बिताये जालंधर में!   जालंधर में डाॅ अजय शर्मा और डाॅ तरसेम गुजराल उपन्यास क्षेत्र में चर्चित नाम हैं और उपन्यास लेखन की परंपरा का अच्छी तरह निर्वाह कर रहे हैं। बहुत याद आते हो जालंधर क्योंकि पुराने नाता है कोई, यूं ही नहीं दिल लुभाता कोई!

पुस्तक मेला शुरू : दिल्ली का पुस्तक मेला शुरू हो गया और देश भर से रचनाकार अपनी अपनी पुस्तकों के विमोचन के लिये पहुंचने शुरू हो गये हैं। यह बहुत खुशी और उल्लास का अवसर है हर लेखक के लिये। बस। पुस्तक खरीदने की संस्कृति भी फैलनी चाहिए!

राजुरकर राजू नहीं रहे : दुष्यंत संग्रहालय के लिए चर्चित राजुरकर राजू नहीं रहे। दुष्यंत संग्रहालय को एक छोटे से कमरे से शुरू कर देश भर में चर्चित करने में भूमिका निभाने वाले राजुरकर राजू को नमन्!

साभार – श्री कमलेश भारतीय, पूर्व उपाध्यक्ष हरियाणा ग्रंथ अकादमी

संपर्क – 1034-बी, अर्बन एस्टेट-।।, हिसार-125005 (हरियाणा) मो. 94160-47075

(आदरणीय श्री कमलेश भारतीय जी द्वारा साहित्य की दुनिया के कुछ समाचार एवं गतिविधियां आप सभी प्रबुद्ध पाठकों तक पहुँचाने का सामयिक एवं सकारात्मक प्रयास। विभिन्न नगरों / महानगरों की विशिष्ट साहित्यिक गतिविधियों को आप तक पहुँचाने के लिए ई-अभिव्यक्ति कटिबद्ध है।)  

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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सूचनाएँ/Information ☆ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार – जयपुर से ☆ प्रस्तुति – डॉ निशा अग्रवाल ☆

 ☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🌹 साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार – जयपुर से  – डॉ निशा अग्रवाल🌹

🌹 म्हारो तो वेलेंटाइन बस म्हारो भारत – किशोर पारीक🌹

19 फरवरी 2023 को समरस साहित्य सृजन जयपुर इकाई एवं जकासा की मासिक काव्य गोष्ठी दुर्गापुरा स्थित स्टूडियों में  जयपुर इकाई अध्यक्ष वरिष्ठ कवि श्री लक्ष्मण रामानुज लड़ीवाला एवं मुख्य अतिथि से. नि. प्रशासनिक अधिकारी श्री श्याम सिंह राजपुरोहित जी के द्वारा दीप प्रज्वलन एवं वैद्य भगवान सहाय पारीक द्वारा ढूंढाड़ी में सरस्वती वंदना के साथ प्रारंभ हुई।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय कवि वरुण चतुर्ववेदी एवं  वरिष्ठ साहित्यकार राव शिवराज पाल सिंह ने होली पर रचना सुना फाल्गुनी  माहौल बना दिया, जकासा के संस्थापक ने “म्हारो वेलेंटाइन तो बस म्हारो भारत, कवि श्री सुशील पारीक ने महाभारत में कृष्ण-अर्जुन संवाद, डॉ निशा अग्रवाल, डॉ एन.एल. शर्मा, मशहूर शायर विजय मिश्र ‘दानिश, श्री सुबोध पारीक, अरुण ठाकर, एवं कई कवियों ने प्रकृति के अदभुत रंग, प्रेम रंग, श्रंगार एवं भक्ति रस से सराबोर कर देने वाली कविताएं रहीं।

अंत में अध्यक्षता कर रहे श्री लड़ीवाला की शिव वन्दना में खुशहाली की प्रार्थना के साथ गोष्ठी का समापन हुआ ।  कार्यक्रम का प्रभावी संचालन जयपुर इकाई की महासचिव डॉ निशा अग्रवाल के द्वारा किया गया।

साभार –  डॉ निशा अग्रवाल

जयपुर ,राजस्थान  

 ☆ (ब्यूरो चीफ ऑफ जयपुर ‘सच की दस्तक’ मासिक पत्रिका)  ☆ एजुकेशनिस्ट, स्क्रिप्ट राइटर, लेखिका, गायिका, कवियत्री  ☆ 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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