श्री जगत सिंह बिष्ट
(Master Teacher: Happiness & Well-Being, Laughter Yoga Master Trainer, Author, Blogger, Educator, and Speaker.)
🌺 जब बप्पा के साथ आपकी याद भी घर आई… 🌺
(आदरणीय मित्र अ ल देशपांडे को अभी एक संदेश भेजा। उसे आपको भी भेज रहा हूं। आप सभी इसे पढ़कर आनंदित हों! 🙏)
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🌺 जब बप्पा के साथ आपकी याद भी घर आई… 🌺
(कुछ स्मृतियाँ मोदक की मिठास जैसी होती हैं—वर्षों बाद भी वैसी ही मीठी!)
आदरणीय अ. ल. जी, 🙏
आज गणेश चतुर्थी के इस पावन अवसर पर घर में जैसे ही “गणपति बप्पा मोरया!” का जयघोष गूँजा, दिल के किसी कोने से आपकी याद का उभर आना उतना ही स्वाभाविक था, जितना पूजा के बाद मोदक की थाली पर निगाह का जाना! 😊
सच्चाई तो यह है कि जीवन में गणपति जी की पहली विधिवत, भव्य और आत्मीय पूजा का अनुभव आपके ही आँगन में हुआ था। उस समय पूजा के पावन मंत्रों के बीच मेरी नज़रें भले ही गणपति जी पर टिकी हों, लेकिन मन की एकाग्रता बार-बार मोदक और लड्डुओं की थाली की ओर खिंच जाती थी! 😄
और सच मानिए, मैंने और राजू ने मिलकर आपके घर प्रसाद का जो “सफ़ाया अभियान” चलाया था, उसका रिकॉर्ड आज तक कोई नहीं तोड़ पाया! 😂
भाभी जी के हाथों से बने उस सुस्वादु और अनूठे भोजन का स्वाद आज भी जिह्वा ही नहीं, स्मृतियों में भी ताज़ा है। आपकी लाड़ली बच्चियों ने जिस आदर, अपनत्व और अपार स्नेह से वह सब परोसा था, वह केवल भोजन नहीं था—वह रिश्तों की मिठास थी। ❤️
तब हमारा राजू भी बहुत छोटा-सा था। आपकी बेटियों से मिले बहन के उस पावन अनुराग ने उसके बचपन को जो आत्मीयता दी, उसकी स्मृतियाँ आज भी हमारे हृदय में एक अनमोल धरोहर की तरह सुरक्षित हैं। कुछ रिश्ते समय के साथ पुराने नहीं होते; वे समय के साथ और गहरे उतरते जाते हैं। 🌸
स्मृतियों के इस कारवाँ में वह लम्हा भी बार-बार याद आता है, जब मेरे स्थानांतरण के समय आपने मुझे गणेश जी की एक बेहद मोहक और सुंदर प्रतिमा भेंट की थी। 🙏
दुर्भाग्य से ट्रांसपोर्ट वालों की “अद्भुत मूर्तिकारी कला” के कारण वह प्रतिमा रास्ते में थोड़ी क्षतिग्रस्त हो गई थी और हमारा मन बहुत दुखी हुआ था।
लेकिन आज पीछे मुड़कर देखता हूँ तो लगता है—शायद बप्पा ने अपना एक छोटा-सा अंश उसी स्नेह-स्मृति के रूप में हमारे पास रोक लिया था! ❤️🙏
कल जब हम बाज़ार गए और दुकानों पर बप्पा के हज़ारों रूप देखे, तो मन आनंद से भर उठा। एक से बढ़कर एक सुंदर और मनमोहक प्रतिमाएँ सजी थीं। उस विहंगम दृश्य ने जैसे बरसों पुराना उत्साह फिर से जगा दिया।
इस वर्ष हमने भी पूरे भक्ति-भाव से अपने घर में इको-फ्रेंडली गणेश जी की स्थापना करने और विधि-विधान से पूजन का संकल्प लिया है। 🌿🐘🙏
यह जानकर आपको कितनी खुशी होगी, इसका अंदाज़ा हम सहज ही लगा सकते हैं।
इस पावन अवसर पर हमारी ओर से आपको और आपके पूरे परिवार को गणेश चतुर्थी की अनंत और हार्दिक मंगलकामनाएँ! 🌺
बप्पा आपके जीवन में सुख, शान्ति, समृद्धि और स्वास्थ्य के साथ-साथ वही पुरानी मिठास सदा बनाए रखें। 🙏✨
और हाँ…
हमारे घर बप्पा पधार चुके हैं—अब आपका इंतज़ार है! 😊
आप पूरे परिवार सहित सहर्ष सादर आमंत्रित हैं। पधारिए और वर्षों पुरानी इन मधुर स्मृतियों के रिश्ते को एक बार फिर नए मोदकों की मिठास दीजिए। 🪷🍘❤️
🙏 जय गणेश!
🙏 गणपति बप्पा मोरया!
आपका
ज. सिं. बि.
˚⊱🪷⊰˚
© श्री जगत सिंह बिष्ट
साधक
A Pathway to Authentic Happiness, Well-Being & A Fulfilling Life! We teach skills to lead a healthy, happy and meaningful life.
≈संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’≈










आत्मीयता से परिपूर्ण
जय बप्पा मौर्या 🙏
प्रणाम महोदय!
बहुत बहुत धन्यवाद।
जय गणेश!
🙏 🪷 🙏