☆ ई-अभिव्यक्ति – साहित्य एवं कला विमर्श (हिंदी, मराठी एवं अंग्रेजी)  ☆

ई-अभिव्यक्ति, साहित्य एवं कला विमर्श के लिए एक स्वतंत्र मंच है जो निःस्वार्थ साहित्य सृजन के यज्ञ में सहभागी है।

ई-अभिव्यक्ति की स्थापना  15 अक्टूबर 2018 को की गई थी।

इस सम्पूर्ण यात्रा में डॉ राजकुमार तिवारी ‘सुमित्र’ जी द्वारा प्राप्त आशीर्वचन – सन्दर्भ: अभिव्यक्ति ही हमारा सतत मार्गदर्शन करते रहे और आगे भविष्य में भी करते रहेंगे।

संभवतः यह पहली वेबसाइट/ब्लॉगसाइट होगी जो अतिथि ब्लॉग लेखकों द्वारा लिखी जा रही है। अतः वास्तव में यह ब्लॉग आप ही हिन्दी/मराठी/अङ्ग्रेज़ी  अथवा अन्य वैदेशिक भाषाओं में लिखने  जा रहे हैं। हम सब तो मात्र सूत्रधार हैं। यह सुनिश्चित करना हम सबका कर्तव्य है कि अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के साथ अनुशासन का पालन हो। आपका www.e-abhivyakti.com में बतौर सम्मानीय ब्लॉग लेखक/पाठक के रूप में सदैव स्वागत है।

ई-अभिव्यक्ति का सृजन कदापि व्यवसायिक नहीं है।

☆ परामर्श एवं सहयोग 

डॉ विजय मल्होत्रा, पूर्व निदेशक (राजभाषा), रेल मंत्रालय, डॉ राजकुमार तिवारी ‘सुमित्र’ (वरिष्ठ साहित्यकार), आचार्य भगवत दुबे (वरिष्ठ साहित्यकार), डॉ मुक्ता (पूर्व निदेशक, हरियाणा साहित्य अकादमी) प्रो चित्र भूषण श्रीवास्तव (वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद), डॉ कुन्दन सिंह परिहार (वरिष्ठ साहित्यकार), श्री संजय भारद्वाज, (अध्यक्ष हिंदी आंदोलन, पुणे) सुश्री निर्देश निधि (वरिष्ठ साहित्यकार), डॉ विजय तिवारी ‘किसलय’ (वरिष्ठ साहित्यकार), डॉ भावना शुक्ल (सम्पादक – प्राची), श्री जगत सिंह बिष्ट (मास्टर टीचर : हैप्पीनेस्स अँड वेल-बीइंग, हास्य-योग मास्टर ट्रेनर, लेखक) श्री सुरेश पटवा, वरिष्ठ साहित्यकार, सुश्री प्रभा सोनावणे (वरिष्ठ मराठी साहित्यकार), कवीराज विजय यशवंत सातपुते (वरिष्ठ मराठी साहित्यकार), श्री अशोक भांभुरे (वरिष्ठ मराठी साहित्यकार) आदि।

☆ सम्माननीय सम्पादक मंडल ☆

☆ हिन्दी साहित्य 
श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ 

मण्डला के एक साहित्यिक परिवार में जन्म. अभियांत्रिकी में स्नातकोत्तर शिक्षा के पश्चात विद्युत मण्डल में शासकीय सेवा. संप्रति जबलपुर मुख्यालय में मुख्य अभियंता के रूप में सेवारत हैं. १९९२ में  नई कविताओ की पहली किताब आक्रोश छपी. फिर व्यंग्य की किताबें रामभरोसे, कौआ कान ले गया, मेरे प्रिय व्यंग्य, धन्नो बसंती और बसंत आई. मिली भगत नाम से एक संयुक्त वैश्विक व्यंग्य संग्रह का संपादन किया जिसमें विश्व भर से ५१ व्यंग्यकारो के व्यंग्य शामिल हैं. व्यंग्य के नवल स्वर में सहभागिता. किंडल में ई-बुक्स, दूरदर्शन, आकाशवाणी, पत्र पत्रिकाओ में निरंतर प्रकाशन. कई साहित्यिक संस्थाओं में सक्रियता से जिम्मेदारी उठा रहे हैं. समीक्षा, तकनीकी लेखन, कविता, आदि के साथ मूलतः व्यंग्यकार.

संपर्क – बंगला नम्बर ए १ , विद्युत मण्डल कालोनी , रामपुर , जबलपुर ४८२००८

ईमेल –  apniabhivyakti@gmail.com

 

श्री जय प्रकाश पाण्डेय

देश की सभी प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं हंस, कादम्बिनी, वसुधा, कथ्य रूप, आजकल, गंभीर समाचार, जनसत्ता,नई दुनिया, हिन्दुस्तान, लोकमत, भास्कर, के अलावा आकाशवाणी में कहानी, व्यंग्य लेखों का 30 वर्षों से प्रकाशन /प्रसारण।

कबीर सम्मान,  व्यंग्य रचना सम्मान, अभिव्यक्ति सम्मान के अलावा नाटक, कहानी, कविता में अनेक पुरस्कार /सम्मान।

परसाई स्मारिका सम्पादित, ई-अभिव्यक्ति पत्रिका का महात्मा गाँधी विशेषांक एवं परसाई विशेषांक में अतिथि सम्पादक।

व्यंग्य संकलन “डांस इण्डिया डांस” प्रकाशित। आठ साझा संकलनों में कहानियां, व्यंग्य लेखों का प्रकाशन। दो व्यंग्य संग्रह और एक कहानी संकलन प्रकाशनाधीन

सम्पर्क – 416 – एच, जय नगर, आई बी एम आफिस के पास जबलपुर – 482002  मोबाइल 9977318765

☆ English Literature

Captain Pravin Raghuvanshi, NM

Captain Pravin Raghuvanshi

Captain Pravin Raghuvanshi —a multifaceted personality, beside being a Naval Officer, he is also a littérateur par excellent. He is a writer, poet and ‘Shayar’ himself and participates in literature fests and ‘Mushayaras’. He is also a member of ‘Bombay Film Writer Association’. Recently, he participated in the ‘International Hindi Conference’ at New Delhi.  He presided over the “Session Focused on Language and Translation” and also presented a research paper.  The conference was organized by Delhi University in collaboration with New York University and Columbia University. He has taken the mantle of translating the timeless beauties of Indian literature upon himself so that it reaches across the globe.

He has undertaken translation work for Shri Narendra Modi ji, the Hon’ble Prime Minister of India, which was highly appreciated by him.

Presently, he is serving as Senior Advisor in prestigious Supercomputer organisation           C-DAC, Pune. He is involved in various Artificial Intelligence and High-Performance Computing projects of national and international importance. He has got a long experience in the field of ‘Natural Language Processing’, especially, in the domain of Machine Translation. He is proficient in Hindi, Sanskrit, Urdu and English languages; and has worked in innumerable projects, involving comprehensive research work.

He is an Ex Captain of Indian Navy, who is qualified on all types of warships. He is an aviator and a deep Sea Diver and recipient of various awards including ‘Nao Sena Medal’ by the President of India; Prime Minister Award and C-in-C Commendation.

Captain Pravin Raghuvanshi is an IIM Ahmedabad alumnus also.

His latest quest rather experimentation involves social media, which is filled with rich but anonymous literature of nameless writers, shared on different platforms, like, WhatsApp / Facebook / Twitter / Your quotes / Instagram etc, which is translated by Captain Pravin Raghuvanshi  through due diligence in English or Hindi for the global viewership.

ईमेल –  psraghuvanshi@gmail.com

☆ मराठी साहित्य ☆

श्रीमती उज्ज्वला अनंत केळकर

शिक्षण – एम.ए. एम.एड. व्यवसाय – अध्यापन , क.ज्युनि. कॉलेज ऑफ एज्यकेशन, ३० वर्षे अध्यापन, सद्य: निवृत्त

प्रकाशित पुस्तके –  एकूण – ६५  बालवाङ्मय – एकूण २९ पुस्तके – कविता संग्रह – २, नाटिका -४, चरित्र – १,बाल कादंबरी – १ भौगोलिक – 1, बालकथा – १२ प्रौढ वाङ्मय –  मौलिक एकूण ८ पुस्तके कथासंग्रह –४, कविता संग्रह – २   संकीर्ण –  २ अनुवादित – अनुवाद हिंदी भाषेतून – एकूण २७ पुस्तके लघुतम कथासंग्रह – एकूण – ६ , लघुकथा  (हिंदीतील कहानी)  संग्रह – अनुवादित – १३  कादंबर्‍या – ६, व्यंग रचना -२ , तत्वज्ञान -अध्यात्म – ५  पुरस्कार –     बालकविता, बालकथा, बालनाटिका आणि एकंदर बालसाहित्याचे लेखन यांना पुरस्कार  अनुवादासाठी – स्पॉटलाईट, त्रिधारा या पुस्तकांना, एकंदर लेखनासाठी पंजाब साहित्य कला अकादमीचा विशिष्ट पुरस्कार  अन्य – सांगली जिल्हा आदर्श शिक्षिका पुरस्कार  अनुवाद  (हिंदी मध्ये)- काही लघुतम कथा व कही कथा यांचा हिंदी मध्ये अनुवाद व समकालिन भारतीय साहित्य, भाषा पत्रिका, मधुमती, हिमप्रस्थ इ. मासिके व कथा आणि लघुतम कथा संकलाच्या पुस्तकात प्रकाशित गणवेश कथा हिंदी, तेलुगु, कन्नड तिन्ही भाषांमध्ये प्रकाशित

सन्मान- कोटा – शब्दसरोज, जबलपूर – डॉ. श्रीराम दादा ठाकुर संस्कारधानी

आकाशवाणी प्रसारण – 1. प्रतिबिंब- कौतुंबिक श्रुतिका – १००च्या वर श्रुतिकांचे लेखन, २. नभोनाट्य – ५ नभोनाट्यांचे लेखन

शोध प्रकल्प – २ – १. किशोर मासिकातील प्रकाशित साहित्य, २. सांगली संस्थातील स्त्री शिक्षणाचा विकास – १८७५ ते १९५०

सम्पर्क – १७६/२  `गायत्री ‘ प्लॉट नं १२ , वसंत दादा साखर कामगारभवनजवळ सांगली ४१६४१६  फोन नं – ०२३३ – २३१००२०,   मो. – ९४०३३,१०१७०

ईमेल –  kelkar1234@gmail.com

 

श्री सुहास रघुनाथ पंडित

सेवानिवृत्त बॅंक कर्मचारी. कथा, ललित, प्रासंगिक लेखन, पुस्तक परिचय. कविता विशेष आवडीचा विषय.सा.सकाळ, जत्रा, दिवाळी अंक यात लेख, कथा, कविता प्रकाशित. लोकमान्य वाचनालय, मालाड, व संस्कार भारती ठाणे यांचे काव्य पुरस्कार. साहित्य कलायात्री प्रकाशन, पुणे यांचा काव्ययात्री पुरस्कार. ‘शब्द माझ्या सोबतीला’ हा पहिला कविता संग्रह 2017 मध्ये प्रकाशित झाला आहे. त्याला तीन पुरस्कार मिळाले आहेत. ते असे.:

1 अग्रणी साहित्य पुरस्कार, देशिंग, जि. सांगली

2 दक्षिण महाराष्ट्र साहित्य सभा, कोल्हापूर यांचा प्रथम प्रकाशन पुरस्कार

3 महाराष्ट्र साहित्य परिषद, पलूस, जि. सांगली व ग्रामीण साहित्य परिषद, पलूस यांचा  काव्यरत्न पुरस्कार.

अखिल भारतीय तसेच अनेक लहान मोठ्या साहित्य संमेलनात काव्यवाचन, परिसंवादात  सहभाग.

मो –  9421225491

ईमेल – soorpandit@gmail.com

☆ International Literature & Culture ☆

Dr. Radhika Pawar Bawankar

I studied Dentistry in Loni, India. I have pursued Masters in Health Economics in Germany. Besides Marathi, Hindi and English, I speak very good German. Currently I am living with my family in Bamberg, a very beautiful city located in South Germany. I keep myself busy with my hobbies, such as literature, dancing, yoga, arts & painting.

Email – radhikabawankar@gmail.com

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