कैप्टन प्रवीण रघुवंशी, एन एम्
(हम कैप्टन प्रवीण रघुवंशी जी द्वारा ई-अभिव्यक्ति के साथ उनकी साहित्यिक और कला कृतियों को साझा करने के लिए उनके बेहद आभारी हैं। आई आई एम अहमदाबाद के पूर्व छात्र कैप्टन प्रवीण जी ने विभिन्न मोर्चों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर पर देश की सेवा की है। आप सी-डैक के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एचपीसी ग्रुप में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्यरत थे साथ ही आप विभिन्न राष्ट्र स्तरीय परियोजनाओं में भी शामिल थे।)
कैप्टन प्रवीण रघुवंशी जी ने अपने प्रवीन ‘आफ़ताब’ उपनाम से अप्रतिम साहित्य की रचना की है। आज प्रस्तुत है नव वर्ष पर आपकी अप्रतिम रचना “नूतन वर्ष अभिनंदन …”।
नूतन वर्ष अभिनंदन… ☆ कैप्टन प्रवीण रघुवंशी, एन एम् ☆
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बीता वर्ष धुँधला होकर, एक इतिहास मात्र रह गया
कल की थकी हवाओं में, हर संघर्ष कहीं बह गया
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समय न रुकता कभी, न मुड़ता, उसका धर्म है गति
सूर्य नित्य सिखलाता ये, हर अस्त के बाद है ज्योति
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अब नए वर्ष की दहलीज पर, आशाओं का दीप जले
मन दृढ़ हो, नित्य संकल्प उठें- हर अँधियारा छूट चले
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जो खोया, वह अनुभव बनकर मन की गहराई बन गया
हर पीड़ा का छोटा कण भी जीवन का अध्याय बन गया
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नूतन वर्ष लाएगा नव-सुख व समृद्धि का हर्षित गीत
नव आशाओं की शीतल छाया में, हर पथ होगा प्रदीप्त
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करें सहस्र दीपशिखा प्रज्वलित, हों पूरित समस्त आकांक्षाएं
नव वर्ष के शुभ अवसर पर, स्वीकारें हमारी, शुभकामनाएँ
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~ प्रवीन रघुवंशी ‘आफताब’
© कैप्टन प्रवीण रघुवंशी, एन एम्
पुणे
≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈





