श्री आशिष बिवलकर
चित्रकाव्य
समाधिस्थ काया… तेजोमय
श्री आशिष बिवलकर ☆
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जय जय रामकृष्ण हरी
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फूलला मोगरा | ज्ञानियाच्या दारी |
सुगंध ईश्वरी | देऊनिया ||१||
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मिटूनिया चक्षु | ध्यान ज्ञानेश्वर |
प्रकटे ईश्वर | ज्ञान योग ||२||
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ब्रम्हानंदी लागे | ज्ञानियाची टाळी |
भावार्थाच्या ओळी | लिहूनिया ||३||
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भावार्थ दीपिका | एक एक ओवी |
स्व अनुभवावी | ज्ञानेश्वरी ||४||
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कैवल्य पुतळा | झाली ही माऊली |
ज्ञानाची सावली | उद्धारासी ||५||
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एक एक ओवी | अमृता समान |
मराठी सन्मान | मायबोली ||६||
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भागवत धर्म | रचुनिया पाया |
समाधीस्त काया | तेजोमय ||७||
©️ वास्तवरंग
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(चित्र सौजन्य – श्री आशिष बिवलकर)
© श्री आशिष बिवलकर
बदलापूर
मो 9518942105
≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈







