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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)
☆ श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ के बाल उपन्यास – “चंद्रबस्ती का रहस्य” को राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की स्वीकृति – अभिनन्दन ☆
बाल साहित्य में चंद्रमा की ओर एक नई उड़ान –
नई दिल्ली। बाल साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ द्वारा रचित उपन्यास “चंद्रबस्ती का रहस्य” को राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय द्वारा किशोरों के लिए भारतीय साहित्य पुस्तकमाला के अंतर्गत स्वीकृत किया गया है।
यह उपन्यास विज्ञान और कल्पना का अद्भुत संगम है, जिसमें लेखक ने चंद्रमा पर भविष्य में मानव बस्ती बसने की संभावना को आधार बनाकर एक रोमांचक और विचारोत्तेजक कथा रची है। बाल पाठकों के लिए यह रचना न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, अन्वेषण और भविष्य की संभावनाओं से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास भी है।
“चंद्रबस्ती का रहस्य” में लेखक ने चंद्रमा की सतह, वहां की चुनौतियाँ, तकनीकी संघर्ष और मानव जिज्ञासा को बाल मनोविज्ञान के अनुरूप प्रस्तुत किया है। यह उपन्यास बच्चों को कल्पनाशीलता, वैज्ञानिक सोच और साहसिकता की ओर प्रेरित करता है।
उपन्यास के रचनाकार ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ एक प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार हैं, जिनकी रचनाएँ बाल पाठकों के बीच लोकप्रिय हैं। वे बाल साहित्य में संवेदना, संस्कृति और विज्ञान के समन्वय के लिए जाने जाते हैं। उनकी यह नवीनतम रचना बाल साहित्य को अंतरिक्ष की नई दिशा में ले जाने वाली मानी जा रही है।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा इस उपन्यास को स्वीकृति मिलना न केवल लेखक की उपलब्धि है, बल्कि यह संकेत है कि बाल साहित्य अब कल्पना से आगे बढ़कर भविष्य की वैज्ञानिक संभावनाओं को भी छूने लगा है।
यह उपन्यास शीघ्र ही प्रकाशित होकर देशभर के किशोर पाठकों तक पहुंचेगा, और उन्हें चंद्रमा की रहस्यमयी दुनिया में एक नई दृष्टि प्रदान करेगा।
≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈





बहुत ही उम्दा प्रस्तुति। इस प्रस्तुति के लिए हार्दिक आभार आदरणीय जी।