श्री राजेन्द्र तिवारी
(ई-अभिव्यक्ति में संस्कारधानी जबलपुर से श्री राजेंद्र तिवारी जी का स्वागत। इंडियन एयरफोर्स में अपनी सेवाएं देने के पश्चात मध्य प्रदेश पुलिस में विभिन्न स्थानों पर थाना प्रभारी के पद पर रहते हुए समाज कल्याण तथा देशभक्ति जनसेवा के कार्य को चरितार्थ किया। कादम्बरी साहित्य सम्मान सहित कई विशेष सम्मान एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित, आकाशवाणी और दूरदर्शन द्वारा वार्ताएं प्रसारित। हॉकी में स्पेन के विरुद्ध भारत का प्रतिनिधित्व तथा कई सम्मानित टूर्नामेंट में भाग लिया। सांस्कृतिक और साहित्यिक क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय रहा। हम आपकी रचनाएँ समय समय पर अपने पाठकों के साथ साझा करते रहेंगे। आज प्रस्तुत है आपका एक भावप्रवण कविता ‘बचपन में सपने भरना है…‘।)
☆ बाल दिवस विशेष – कविता – बचपन में सपने भरना है… ☆ श्री राजेन्द्र तिवारी ☆
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अब बच्चों के हाथों में,
ये चांद नहीं देना है,
चांद उन्हें खुद पाना है
मेहनत, को अपनाना है,
बचपन में सपने भरना है,
सपनों को पूरा करना है,
सूरज के जैसे चमकें वो,
कर्म यही बस करना है,
मन में हो अपनत्व सदा,
सम्मान गुरु का करना है,
मुट्ठी में ही सपने हों,
सपनों को ऐसे पाना है,
नींद त्याग,हौसला रख,
पढ़ने में ध्यान लगाना है,
अपनो को अपना जाने,
रिश्तों का पालन करना है,
निज गौरव का मान करें
सदा गर्व से जीना है,
गुरुओं का सम्मान करें,
भाव यही बस भरना है,
अनुशासन पालन करना है,
सम्मान सभी का करना है,
छल दंभ द्वेष से दूर रहें,
राष्ट्र धर्म, पालन करना है.
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© श्री राजेन्द्र तिवारी
संपर्क – 70, रामेश्वरम कॉलोनी, विजय नगर, जबलपुर
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