प्रो. (डॉ.) शरद नारायण खरे
☆ नये साल में ☆ प्रो. (डॉ.) शरद नारायण खरे ☆
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सभी अधूरे सपने मेरे, पूरे होंगे नये साल में।
अरमानों में रंग भरेंगे, नहीं फंसेंगे मकड़ जाल में।।
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अब तक जो भी रहे अधूरे, सपने वे मुस्काएंगे।
हमको देकर के खुशियाँ वे, मंज़िल आज सजाएंगे।।
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नहीं निराशा संग रहेगी, मातम को दफनाएंगे।
कर्म करेंगे नये साल में, मंगल गीत सुनायेंगे।।
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जाने वाले का वंदन कर, आगत को घर लाएँगे।
रहे अधूरे सपने अब तक, उनको अब महकाएँगे।।
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जीवन में अब नव गति होगी, और सुहानी बातें।
सब कुछ अब मंगलमय होगा, सुखमय अब दिन-रातें।।
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नहीं संग अवसाद रहेगा, नया वेग अब तन-मन में।
आने वाला काल सँजोये, नया नेग अब आँगन में।।
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जीवन संकल्पित होकर के, नव अध्याय लिखेगा।
मुस्कानों का मौसम होगा, मातम नहीं दिखेगा।।
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सभी अधूरे सपने आकर, वंदन नमन करेंगे।
पूरे करके “शरद” उन्हें हम, आगत चमन करेंगे।।
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© प्रो.(डॉ.)शरद नारायण खरे
प्राचार्य, शासकीय महिला स्नातक महाविद्यालय, मंडला, मप्र -481661
(मो.9425484382)
ईमेल – khare.sharadnarayan@gmail.com
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈






