श्री आशिष बिवलकर
चित्रकाव्य
जागर
श्री आशिष बिवलकर ☆
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आदिमाया तुझा | मांडला जागर |
भक्तीचा सागर | नवरात्र ||१||
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घटस्थापनेस | देवी बैसे घटी |
ताराया संकटी | भक्तगणां ||२||
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देवी आनंदाने | मागतो जोगवा |
दारोदारी धावा | नऊदिनी ||३||
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खणा नारळाने | भरतो ही ओटी |
भक्तीभाव दाटी | ह्रदयात ||४||
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फुले हार वेणी | माळ घटावर |
सप्तधान्य घेर | भोवताली ||५||
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उपवास व्रत | कठोर साधना |
उद्धारते मना | तपश्चर्या ||६||
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उदो उदो देवी | शक्तीने प्रहार |
दुष्टांचा संहार | रक्षणासी ||७||
©️ वास्तवरंग
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(चित्र सौजन्य – श्री आशिष बिवलकर)
© श्री आशिष बिवलकर
बदलापूर
मो 9518942105
≈संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈






