श्री आशिष बिवलकर
चित्रकाव्य
दु:ख बोलवेना …
श्री आशिष बिवलकर ☆
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खंदा सहकारी | गेलाय सोडून |
आक्रित घडून | गेलं आज ||१||
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रिकाम्या खुर्चीस | होतेय वेदना |
दुःख बोलवेना | मुकी स्तब्ध ||२||
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नि:शब्द चेहरे | अश्रू ओघळती |
मिश्किल सोबती | दुरावला ||३||
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क्रूर नियतीने | केला असा घात |
मालवली वात | नेतृत्वाची ||४||
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चटका मनास | बसलाय आज |
व्यथित समाज | घटनेने ||५||
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महाराष्ट्र बुडे | शोक सागरात |
हुंदका कंठात | वियोगाचा ||६||
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दादा माणसाचा | ऐसा कैसा अंत |
हळहळ खंत | ह्रदयात ||७||
©️ वास्तवरंग
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(चित्र सौजन्य – श्री आशिष बिवलकर)
© श्री आशिष बिवलकर
28/01/26
बदलापूर
मो 9518942105
≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈






