श्री आशिष बिवलकर
चित्रकाव्य
रडू आवरेना
श्री आशिष बिवलकर ☆
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साखर महाग | तोंड झाले कडू |
सामान्यांना रडू | आवरेना ||१||
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साखर सम्राट | झाले मालामाल |
जनता कंगाल | सद्यस्थिती ||२||
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कृतिम टंचाई | साठेबाजी धंदा |
महागाई फंदा | गळ्यामध्ये ||३||
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इथेनॉलसाठी | गाळपला ऊस |
सामान्यांची कूस | मोडूनिया ||४||
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उसाला लागला | इथेनॉल कोल्हा |
खिशावर डल्ला | सामान्यांच्या ||५||
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सहकार क्षेत्र | संपूर्ण उध्वस्त |
कारखाने फस्त | स्वार्थासाठी ||६||
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सामान्यांच्या माथी | रोज नवा धोंडा |
अच्छेदिन गंडा | घालोनिया ||७||
©️ वास्तवरंग
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(चित्र सौजन्य – श्री आशिष बिवलकर)
© श्री आशिष बिवलकर
बदलापूर
मो 9518942105
≈संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈






