सुश्री मीना भट्ट ‘सिद्धार्थ’

(संस्कारधानी जबलपुर की सुप्रसिद्ध साहित्यकार सुश्री मीना भट्ट ‘सिद्धार्थ ‘जी सेवा निवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डिविजनल विजिलेंस कमेटी जबलपुर की पूर्व चेअर पर्सन हैं। आपकी प्रकाशित पुस्तकों में पंचतंत्र में नारी, पंख पसारे पंछी, निहिरा (गीत संग्रह) एहसास के मोती, ख़याल -ए-मीना (ग़ज़ल संग्रह), मीना के सवैया (सवैया संग्रह) नैनिका (कुण्डलिया संग्रह) हैं। आप कई साहित्यिक संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित हैं। आप प्रत्येक शुक्रवार सुश्री मीना भट्ट सिद्धार्थ जी की अप्रतिम रचनाओं को उनके साप्ताहिक स्तम्भ – रचना संसार के अंतर्गत आत्मसात कर सकेंगे। आज इस कड़ी में प्रस्तुत है आपकी एक अप्रतिम गीत – गोरी ने शृंगार किया…।

? रचना संसार # ६८ – गीत – गोरी ने शृंगार किया…  ☆ सुश्री मीना भट्ट ‘सिद्धार्थ’ ? ?

☆

मेघों का संदेशा आया,

गोरी ने शृंगार किया ।

वसुंधरा भी हर्षित पुलकित ,

प्राणों का संचार किया।।

*

लगी झड़ी सावन की ऐसी

दिशा-दिशा मुस्कायी है।

सप्त सुरों ने छेड़ी सरगम,

मनहर प्रियता लायी है।

महके-चहके वातायन ने

 मेघों का सत्कार किया।

*

मेघों का संदेशा आया,

गोरी ने शृंगार किया ।।

**

शीतल- शीतल बौछारों से,

कंचन-सा ये तन सारा ।

पाकर सोंधी गंध पवन की,

हृदय चपल मेरा हारा।।

कनक भोर है लाल शर्म से,

भँवरों ने गुंजार किया ।

*

मेघों का संदेशा आया,

गोरी ने शृंगार किया।।

**

प्रेम-ज्वार सागर में आया

पर पंछी ने फैलाए।

पाकर छुअन नेह की तेरे,

मृगनयनी भी इठलाए।

यौवन मद में डूबे मन का

बूँदों ने उद्धार किया।

*

मेघों का संदेशा आया ,

गोरी ने शृंगार किया।।

☆

© सुश्री मीना भट्ट ‘सिद्धार्थ’

(सेवा निवृत्त जिला न्यायाधीश)

संपर्क –1308 कृष्णा हाइट्स, ग्वारीघाट रोड़, जबलपुर (म:प्र:) पिन – 482008 मो नं – 9424669722, वाट्सएप – 7974160268

ई मेल नं- meenabhatt18547@gmail.com, mbhatt.judge@gmail.com

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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