श्री एस के कपूर “श्री हंस”

 

☆ “श्री हंस” साहित्य # १८२ ☆

☆ गीत ।। जान लो एक दिन विश्वनायक मेरा हिंदुस्तान बनेगा ।। ☆ श्री एस के कपूर “श्री हंस” ☆

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जान लो एक दिन विश्व नायक मेरा हिंदुस्तान बनेगा।

विश्व शान्ति का एक परिचायक मेरा हिंदुस्तान बनेगा।।

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भारत महान कहलाता संस्कार संस्कृति सहयोग कारण।

शांति से रहता भारत  कभी नहीं करता युद्ध अकारण।।

अपनी नीति कारण जन-जन नायक मेरा हिंदुस्तान बनेगा।

जानलो एकदिन विश्व नायक मेरा हिंदुस्तान बनेगा।।

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चाल चरित्र और चेहरा भारत का विश्व अनुकरण करेगा।

भारत की पहल पर विश्व आतंकवाद निराकरण जनेगा।।

तीसरी बड़ीअर्थव्यवस्था सुखदायक मेरा हिंदुस्तान बनेगा।

जानलो एकदिन विश्व नायक मेरा हिंदुस्तान बनेगा।।

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परमाणु ऊर्जा को विनाश नहीं बल्कि उत्पादन मेंआएगा।

यदि जरूरत नभजलथल में सौ ऑपरेशन सिंदूर लाएगा।।

संपूर्ण मानवता के लिए फलदायक मेरा हिंदुस्तान बनेगा।

जानलो एकदिन विश्व नायक मेरा हिंदुस्तान बनेगा।।

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सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत विश्व में मिसाल बेमिसाल है।

वेद पुराण गीता रामायण की भी अनूठी संस्कारी ढाल है।।

सोने की चिड़िया सा नायक कमाल मेरा हिंदुस्तान बनेगा।

जान लो एक दिन विश्व नायक मेरा हिंदुस्तान बनेगा।।

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© एस के कपूर “श्री हंस”

बरेली ईमेल – Skkapoor5067@ gmail.com, मोब  – 9897071046, 8218685464

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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