श्री आशिष  बिवलकर

?️?  चित्रकाव्य  ?️?

? नराधम... ? श्री आशिष  बिवलकर ☆

वासनाधुंद्याने | कळी चिरडली |

ती तडफडली | प्राणांतिक ||१||

*

नराधम वृद्ध | परोल सुटका |

वासना घटका | अत्याचार ||२||

*

विकृत वावरे | ऐसे समाजात |

करतात घात | कोवळ्यांचा ||३||

*

आंधळा कायदा | कुर्मगती न्याय |

पीडितांचा पाय | खोलातच ||४||

*

ज्ञात अज्ञात त्या | असंख्य निर्भया |

प्रतीक्षेत न्याया | दुर्लक्षित ||५||

*

नेहमीच कैसी | तिचीच शिकार |

करावा धिक्कार | विकृतांचा ||६||

*

भर चौकातच | घाला त्यास गोळी |

व्हाव्या पोरीबाळी | सुरक्षित ||७||

©️ वास्तवरंग

(चित्र सौजन्य – श्री आशिष बिवलकर) 

© श्री आशिष  बिवलकर

बदलापूर

मो 9518942105

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

Please share your Post !

Shares
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments