श्री प्रदीप शर्मा
(वरिष्ठ साहित्यकार श्री प्रदीप शर्मा जी द्वारा हमारे प्रबुद्ध पाठकों के लिए दैनिक स्तम्भ “अभी अभी” के लिए आभार।आप प्रतिदिन इस स्तम्भ के अंतर्गत श्री प्रदीप शर्मा जी के चर्चित आलेख पढ़ सकेंगे। आज प्रस्तुत है आपका आलेख – “सब – मिट…“।)
अभी अभी # 732 ⇒ आलेख – सब – मिट
श्री प्रदीप शर्मा
| submit |
हर शब्द का एक संदर्भ होता है, एक अर्थ होता है।
कुछ नियम व्याकरण के होते हैं और कहीं कहीं कुछ शब्दों के बारे में कोई तर्क नहीं चलता। आज के शीर्षक में एक शब्द हिंदी का है और एक अंग्रेजी का। लेकिन साथ साथ लिखा होने के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि यह अंग्रेजी का submit शब्द है जिसका अर्थ पेश करना अथवा प्रस्तुत करना होता है। अक्सर इस सबमिट शब्द से रिपोर्ट शब्द भी जुड़ा हुआ है। हिंदी में जिसे हम मामले की विस्तृत जानकारी पेश करना कहते हैं।
हिंदी में सब मिट केवल एक शब्द नहीं, एक अधूरे वाक्य का अंश है। अगर इस अधूरे वाक्य को पूरा करें तो सब मिट गया अथवा सब मिट जाएगा जैसे कई वाक्य बन सकते हैं।।
हम जितने अपनी मातृभाषा में सहज होते हैं उतने अन्य भाषा में नहीं !
अंग्रेजी को तो वैसे भी फनी लैंग्वेज कहा गया है। Put पुट और but बट का कोई स्पष्टीकरण नहीं है। कहीं psychology में p silent है तो walk, talk और chalk में एल। जब तक हम पूरा वाक्य नहीं पढ़ेंगे nose और knows का फर्क कैसे पता करेंगे। जहां उच्चारण एक जैसा हो वहां sun और son में केवल स्पेलिंग से ही अंतर स्पष्ट होता है।
हमारे रिश्ते या तो प्रेम के होते हैं या फिर खून के, हम कभी कानून को बीच में नहीं लाते। लेकिन अंग्रेजी में रिश्तों के बीच कानून बार बार अपनी टांग अड़ाता है। अच्छे भले ससुर फादर इन लॉ हो जाते हैं तो सास मदर इन लॉ ! और तो और, साली आधी घर वाली, को भी कानूनन बहन बना देते हैं ससुरे और साले को ब्रदर इन लॉ। बेटी पराई होते हुए भी कानूनी रूप से लड़की ही रहती है, यानी डॉटर इन लॉ लेकिन दामाद तो वैधानिक रूप से पुत्र ही बन बैठते हैं। सन इन लॉ। ।
एक शब्द है well .वेल, इसका अर्थ कुआं भी हो सकता है और यह आपकी अच्छी तबीयत भी बयां कर सकता है। How are you ? I am quite well. यहां इस quite शब्द ने फिर भटकाया ! और अगर आपने ज्यादा तर्क वितर्क किए तो आपको यह हिदायत भी दी जा सकती है, please keep quiet. और अगर सामने वाला इतनी सी बात पर अपना आपा खो बैठे तो आप पर बरस भी सकता है। Please shut your mouth.
कुछ अंग्रेजी शब्द तो बड़े अपने अपने से लगते हैं। उनकी वॉल और हमारी दीवाल में ज्यादा अंतर नहीं। हमारा उनका mood कितना कॉमन है। हमारा भी मूड कभी अच्छा कभी खराब होता है और उनका भी। बस bad और bed में थोड़ा अंतर है। इंसान का बेडरूम अच्छा होना चाहिए लेकिन आदमी ना तो bad होना चाहिए और ना ही बदनाम। क्योंकि जिसका bad name होता है, हमारी भाषा में वही तो बदनाम होता है। ।
हमारी हां अगर उनकी yes है तो हमारी ना इनकी no. लेकिन यह no कब no से not और फिर not से knot बन जाती है, कुछ पता ही नहीं चलता। हां लेकिन उनकी knot हमारी गांठ से थोड़ी बहुत तो मिलती जुलती ही है।
हमारी हिंदी अंग्रेजी की बड़ी सुखद और रोचक यह सांठगांठ है। जितना प्रेम इन दो भाषाओं में है, काश हम सबमें, आपस में भी उतना प्रेम होता तो कितना अच्छा होता। जिन्हें अंग्रेजी के ढाई अक्षर भी नहीं आते, उन्हें भी लव मैरेज करने से कोई नहीं रोक सकता। भाषा हमें जोड़ती है। Language is only language.
Neither veg.nor non veg. It’s just a language. भले ही सब कुछ जाए मिट, प्रेम की भाषा अमिट।।
© श्री प्रदीप शर्मा
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