श्री यशोवर्धन पाठक
पथ, पाथेय और पथिक – डा. हर्ष कुमार तिवारी
श्री यशोवर्धन पाठक ☆
(जन्म दिवस पर आत्मीय बधाई)
आगे बढ़ते चलो, सफलता पीछे आयेगी,
कर्म करो वह आकर तुम्हें स्वयं रिझायेगी।
हिन्दी के सुप्रसिद्ध कवि स्व. श्री श्रीकृष्ण सरल की उपरोक्त काव्य पंक्तियों की सार्थकता सिद्ध की है जबलपुर के ऐसे बहुमुखी प्रतिभा के धनी डा. हर्ष कुमार तिवारी ने जिन्हें संस्कार, संस्कृति, साहित्य और पत्रकारिता की विशेषताएं विरासत में मिलीं।
सुप्रसिद्ध साहित्यकार और आध्यात्मविद परम आदरणीय पं. दीनानाथ जी तिवारी के प्रपौत्र, सम्माननीय पं . ब्रह्मदत्त जी तिवारी के पौत्र एवं स्वनामधन्य साहित्यकार, पत्रकार और शिक्षाविद श्रद्धेय डा. राजकुमार सुमित्र जी के यशस्वी पुत्र डा. हर्ष कुमार तिवारी ने प्रतिष्ठित विरासत और उच्च स्तरीय संबंधों पर सदा गर्व जरूर महसूस किया है लेकिन आगे बढ़ने के लिए कभी उनका उपयोग नहीं किया। श्रद्धेय सुमित्र जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से डा. हर्ष कुमार तिवारी ने अपने जीवन की विकास यात्रा में अपनी जमीन खुद तैयार की। शिक्षा, लेखन और पत्रकारिता में उन्होंने पूरी सक्रियता एवं दक्षता के साथ सराहनीय सफलताएं अर्जित की है। जबलपुर के दैनिक समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण विषयों पर उनके सोचनीय लेख अत्यंत पठनीय और प्रशंसनीय होते हैं। दैनिक जयलोक में प्रकाशित मन की बात और सुनो एक बात शीर्षक से उनका कालम काफी चर्चा में रहा। पत्रकारिता में अपनी उल्लेखनीय गतिविधियों को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अनेक पत्र-पत्रिकाओं में संपादन कार्य भी किया और बाद में डायमीनिक संवाद टी.. वी… का संचालन करते हुए असरदार समाचारों की प्रस्तुति के साथ ही साहित्यकारों की श्रेष्ठ रचनाओं के प्रसारण का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैंजो कि काफी चर्चित हो रहा है। श्रद्धेय डा. राजकुमार सुमित्र जी द्वारा साहित्यिक गतिविधियों और प्रकाशन को प्रोत्साहित करने के लिए डा. हर्ष कुमार तिवारी और श्री राजेश पाठक प्रवीण के सक्रिय सहयोग से पाथेय प्रकाशन सहित पाथेय समूह की जो स्थापना की थी, वह आज भी प्रगति के सोपान की कहानी लिखते हुए सुमित्र जी के स्वर्गवास के बाद भी संस्कारधानी को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर रही है।
ऐसे व्यक्ति अत्यंत सौभाग्यशाली होते हैं जो अपने गरिमामय व्यक्तित्व और कृतित्व से अपने परिवार की विरासत को गौरवान्वित करते हैं। डा हर्ष कुमार तिवारी भी ऐसे ही सौभाग्यशाली व्यक्ति हैं जिन्होंने अपने पिता सहित अपने पूर्वजों की प्रेरणा दायक विरासत के अनुरूप सराहनीय कीर्तिमान स्थापित किया है यहां तक कि अपनी बिटिया प्रियम को भी ऐसे संस्कार और मार्गदर्शन दिये किवह भी बाल्यावस्था में ही बाल पत्रकार के रूप में पत्रकारिता क्षेत्र में प्रतिष्ठित हो चुकी है और संस्कारधानी आज उसकी प्रतिभा से गौरवान्वित है।
आज 23 अप्रैल को डा . हर्ष कुमार तिवारी जी का जन्म दिवस है और हमारी मंगलकामना है कि मीडिया पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी सक्रिय गतिविधियों से हम सभी सदा गौरवान्वित होते रहें।
© श्री यशोवर्धन पाठक
पूर्व प्राचार्य, राज्य सहकारी प्रशिक्षण संस्थान, जबलपुर
💐 ई-अभिव्यक्ति परिवार की ओर से डॉ हर्ष कुमार तिवारी जी को उनके जन्मदिवस के अवसर पर अशेष हार्दिक शुभकामनाएं 💐
≈ संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈






