सुश्री मंजिरी “निधि”
(बड़ोदा से सुश्री मंजिरी “निधि” जी की गद्य एवं छंद विधा में विशेष अभिरुचि है और वे साथ ही एक सफल महिला उद्यमी भी हैं। आज प्रस्तुत है आपका आलेख ‘समृद्ध संस्कृति की अद्भुत भूमि – १‘।)
☆ मंजिरी साहित्य # १६ ☆
आलेख – समृद्ध संस्कृति की अद्भुत भूमि – १ ☆ सुश्री मंजिरी “निधि”
आज मैं आपको ले चलती हूँ भारत के एक ऐसे जिले के किस्से सुनाने जो असीम विषमताओं को समेटे, सिंधुघाटी संस्कृति या हड़प्पा सभ्यता या सिंधु-सरस्वती सभ्यता से लेकर अत्याधुनिक बंदरगाह और ट्रेड के लिये जाना जाता हैl यहाँ की प्रजा खुमारी में जीती हैl यहाँ हड़प्पन वर्ल्ड संस्कृति का चौथा शहर धोलावीरा हैl वो धोलावीरा जो उस समय का एक बहुत बड़ा व्यापारिक केंद्र थाl यहाँ ओमान, अरब, इराक के व्यापारी समुद्र मार्ग से आकर व्यापार करते थेl इस बात की पुष्टि के लिये व्यापार के अवशेष यहाँ देखने को मिलते हैंl यह इतिहास का वह काल था जब मनुष्य ने टिन और ताम्बे के औजार और हथियार बनाने शुरू किये थेl यूनेस्को ने धोलावीरा को विश्व धरोहर में स्थान दिया है और भारत सरकार ने इसे गुजरात राज्य के चौथे विश्व धरोहर का नाम दे दियाl
पढ़ने में आता है कि जलवायु परिवर्तन एवं नदियों के सूखने के कारण वहाँ बहुत भयंकर सूखा पडा जिसके चलते लोगो को शहर छोड़ देना पड़ा और आज ये धोलावीरा खंडहर बन गयाl
ऐसा जिला जिसने अपने आप को विनाशकारी, दर्दनाक भूकंप से धराशाई होने पर भी पुनः संगठित कियाl ऐसा जिला जिसकी भूमि जो आज भी 23 प्रकार के खनिज सम्पदा अपने में समेटे हैl ऐसा जिला जहाँ दो बंदरगाह, चार हवाई अड्डे, दो ट्रेन टर्मिनस, पहाड़, रेगिस्तान और समुद्र सभी एक ही जगह पर दिखते हैंl
यह जिला हिंदूस्तान में क्षेत्रफल में सबसे बड़ा जिला है, जिसकी ब्रिटिश सरकार के समय अपनी स्वयं कि मुद्राएँ होती थींl
हाँ जी आप में से बहुत लोगों ने इसे पहचान ही लिया होगाl यह जिला हमारे देश भारत के उत्तर पश्चिम का, समुद्र में तैरते हुए कछुए जैसा दिखने वाला कच्छ हैl इसकी धरती शांत और रहस्यमयी जरूर है परन्तु यह धरती प्राकृतिक और अंतरराष्ट्रीय दृष्टि से अति संवेदनशील भी हैl हमारी सीमा सुरक्षा बल की सुरक्षा के कारण इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का अभेद्य प्रहरी भी कहा जाता हैl
इस जिले की पूर्वी सीमा राजस्थान को एक छोटे रण द्वारा छूती हैl पश्चिमी सीमा पर विशाल अरब सागर रेत के धोरों और लहरों का एक अद्वितीय संगम हैl उत्तर में पाकिस्तान और कच्छ का महान रण हैl साथ ही दक्षिण में कच्छ की खाड़ी हैl
– क्रमशः
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© सुश्री मंजिरी “निधि”
बड़ोदा, गुजरात
≈ संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈





