श्री राजेन्द्र तिवारी
(ई-अभिव्यक्ति में संस्कारधानी जबलपुर से श्री राजेंद्र तिवारी जी का स्वागत। इंडियन एयरफोर्स में अपनी सेवाएं देने के पश्चात मध्य प्रदेश पुलिस में विभिन्न स्थानों पर थाना प्रभारी के पद पर रहते हुए समाज कल्याण तथा देशभक्ति जनसेवा के कार्य को चरितार्थ किया। कादम्बरी साहित्य सम्मान सहित कई विशेष सम्मान एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित, आकाशवाणी और दूरदर्शन द्वारा वार्ताएं प्रसारित। हॉकी में स्पेन के विरुद्ध भारत का प्रतिनिधित्व तथा कई सम्मानित टूर्नामेंट में भाग लिया। सांस्कृतिक और साहित्यिक क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय रहा। हम आपकी रचनाएँ समय समय पर अपने पाठकों के साथ साझा करते रहेंगे। आज प्रस्तुत है आपका एक भावप्रवण कविता ‘राम कथा है अमृत वाणी…‘।)
☆ अभिव्यक्ति # १२४ ☆
☆ राम कथा है अमृत वाणी… ☆ श्री राजेन्द्र तिवारी ☆
राम का नाम, सुमरि ले प्राणी,
राम कथा है अमृत वाणी।
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जन्म अयोध्या राजमहल में,
सारी विद्या, सीखी पल में,
गाथा कहता, सरयू का पानी,
राम कथा है, अमृत वाणी।
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वन में जाकर, ताड़का मारी,
गौतम नारी, अहिल्या तारी,
ऋषि मुनियों से बात ये जानी,
राम कथा है, अमृत वाणी।
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जनकपुरी में धनुष को तोड़ा,
जनक सुता से नाता जोड़ा,
सिया राम मय, सब जग जानी,
राम कथा है अमृत वाणी।
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वचन पिता के, वन को धाये,
संग संग सिया, लखन भी आए,
अपनी अपनी लिए कहानी,
राम कथा है अमृत वाणी।
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जंगल जंगल डोल रहे थे,
कई बातों को खोल रहे थे,
शूर्पणखा की जिद न मानी,
राम कथा है अमृत वाणी।
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सीता को रावण हर लीना,
दुखद, है मानव जीवन जीना,
सिय, वियोग की, करुण कहानी,
राम कथा है अमृत वाणी।
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शोषित वंचित सबको जोड़ा,
ऊंच नीच के भ्रम को तोड़ा,
सागर पार करेंगे ठानी,
राम कथा है अमृत वाणी।
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लंका जाकर युद्ध किया,
रावण को भी मार दिया,
लिख दी जीत की नई कहानी,
राम कथा है अमृत वाणी,
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सीता को संग लेकर आए,
ऋषि मुनि सब हर्षित गाए,
हुई अवध में भोर सुहानी,
राम कथा है अमृत वाणी.
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© श्री राजेन्द्र तिवारी
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