डॉ राकेश ‘चक्र’
(हिंदी साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर डॉ. राकेश ‘चक्र’ जी की अब तक लगभग तेरह दर्जन से अधिक मौलिक पुस्तकें ( बाल साहित्य व प्रौढ़ साहित्य ) तथा लगभग चार दर्जन साझा – संग्रह प्रकाशित तथा कई पुस्तकें प्रकाशनाधीन।लगभग चार दर्जन साझा – संग्रह प्रकाशित तथा कई पुस्तकें प्रकाशनाधीन। कई कृतियां पंजाबी, उड़िया, तेलुगु, अंग्रेजी आदि भाषाओँ में अनूदित । कई सम्मान/पुरस्कारों से सम्मानित/अलंकृत। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा बाल साहित्य के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मान ‘बाल साहित्य श्री सम्मान’ और उत्तर प्रदेश सरकार के हिंदी संस्थान द्वारा बाल साहित्य की दीर्घकालीन सेवाओं के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मान ‘बाल साहित्य भारती’ सम्मान, अमृत लाल नागर सम्मान, बाबू श्याम सुंदर दास सम्मान तथा उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संस्थान के सर्वोच्च सम्मान सुमित्रानंदन पंत, उत्तर प्रदेश रत्न सम्मान सहित बारह दर्जन से अधिक राजकीय प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं गैर साहित्यिक संस्थाओं से सम्मानित एवं पुरुस्कृत।
आदरणीय डॉ राकेश चक्र जी के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें संक्षिप्त परिचय – डॉ. राकेश ‘चक्र’ जी।
आप “साप्ताहिक स्तम्भ – समय चक्र” के माध्यम से उनका साहित्य प्रत्येक गुरुवार को आत्मसात कर सकेंगे।)
☆ साप्ताहिक स्तम्भ – समय चक्र – # ३११ ☆
☆ गीत – देश बचाए दयानंद जी… ☆ डॉ राकेश ‘चक्र’ ☆
☆
देश बचाए दयानंद जी,
आओ मिल सब याद करें।
कुर्बानी को भूल न जाऐं,
मिल बैठे संवाद करें।
छुआछूत का भेद मिटाया,
बाल विवाहों को रोका।
सती प्रथा को बंद करा कर,
नहीं दिया कोई मौका।
पाखंडों पर छुरी चला कर,
मार दिया छक्का-चौका।
जीवन कला सिखाई उनने,
ओम नाम का जाप करें।
जब भी बॅंटे देश के हिंदू,
घोर गुलामी ने घेरा।
गुरुकुल नष्ट हुए अपने तो,
आया घोर ॲंधेरा।
आर्य, सनातन संस्कृति से,
आए नया सवेरा।
ऋण न भूलें दयानंद के,
न हम जातिवाद करें।
वेद भाष्य कर डाले ऋषि ने,
ज्ञान की गंगा लहराई।
जातिवाद का भेद मिटाया,
जागृत हुई थी तरुणाई।
जाग गए राजे महाराजे,
ड्यूटी उनको बतलाई।
ऋण उनका अपने ऊपर है,
नहीं कभी प्रतिवाद करें।
प्रेरित हुए युवा अनगिन ही,
अंग्रेजों को छका दिया।
बिगुल फूॅंक कर आजादी का,
जीवन अपना गॅंवा दिया।
झूल गए फांसी का फंदा,
हंसते-हंसते प्राण दिया।
शेखर, भगत से चांद सितारे,
यह अभी आह्लाद करें।
☆
© डॉ राकेश चक्र
(एमडी,एक्यूप्रेशर एवं योग विशेषज्ञ)
90 बी, शिवपुरी, मुरादाबाद 244001 उ.प्र. मो. 9456201857
≈ संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈




