श्री प्रदीप शर्मा
(वरिष्ठ साहित्यकार श्री प्रदीप शर्मा जी द्वारा हमारे प्रबुद्ध पाठकों के लिए दैनिक स्तम्भ “अभी अभी” के लिए आभार।आप प्रतिदिन इस स्तम्भ के अंतर्गत श्री प्रदीप शर्मा जी के चर्चित आलेख पढ़ सकेंगे। आज प्रस्तुत है आपकी एक भावप्रवण कविता – “३० जनवरी…“।)
अभी अभी # ९०४ ⇒ ३० जनवरी
श्री प्रदीप शर्मा
गांधीजी का दूसरा नाम
प्रार्थना था ! एक प्रार्थना
सभा में ही उनके मुख से
अंतिम शब्द, हे राम !
निकला था ।
उनकी सर्व-धर्म प्रार्थना;
ॐ तत्सत् श्री नारायण तू
पुरुषोत्तम गुरु तू
सिद्ध बुद्ध तू,स्कंध-विनायक
सविता पावक तू ।
ब्रह्म मज्द तू,यह्व शक्ति तू
ईश पिता प्रभु तू,
रुद्र विष्णु तू,रामकृष्ण तू,
रहीम,ताओ तू ।
वासुदेव गो-विश्व रूप तू,
चिदानंद हरि तू,
अद्वितीय तू,अकाल निर्भय
आत्म-लिंग शिव तू ।।
ॐ तत्सत् …
© श्री प्रदीप शर्मा
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