श्री एस के कपूर “श्री हंस”

☆ “श्री हंस” साहित्य # २२१ ☆

☆ गीत ।। जरा नज़र बदल कर देखिए नज़ारा बदल जाएगा ।। ☆ श्री एस के कपूर “श्री हंस” ☆

☆

जरा नज़र बदल कर देखिए नज़ारा बदल जाएगा।

सोच बदलते ही किस्मत का सितारा ही बदल जाएगा।।

**

जैसी होती है हमारी दृष्टि वैसा ही हम देख भी पाते हैं।

जो रंग आंखों में समाया वही ही हर जगह हम पाते हैं।।

बदला दृष्टिकोण जीवन नैया का किनारा बदल जाएगा।

जरा नज़र बदल कर देखिए नज़ारा बदल जाएगा।।

**

यदि विचार और सोच उलटी तो देखते भी गलत हैं।

अहंकार राग-द्वेष से तो आदमी का तन-मन जलत है।।

लेकिन सहयोग सरोकार से हर सहारा बदल जाएगा।

जरा नज़र बदल कर देखिए नज़ारा बदल जाएगा।।

**

बिना स्नेह-प्रेम के हमारे हर रिश्ते की हार हो जाती है।

बिन मधुरता के हर एक  बोली भी बेकार हो जाती है।।

बिन धन -दौलत के भी आपका गुजारा बदल जाएगा।

जरा नज़र बदल कर देखिए नज़ारा बदल जाएगा।।

☆

© एस के कपूर “श्री हंस”

बरेली ईमेल – Skkapoor5067@ gmail.com, मोब  – 9897071046, 8218685464

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

Please share your Post !

Shares
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

0 Comments
Oldest
Newest Most Voted