ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (6 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (6 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

जय श्री राम। कलयुग के पराक्रमी देवता श्री हनुमान जी के चरणों में शत-शत नमन के साथ आज की चौपाई है :-

तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा,

राम मिलाय राजपद दीन्हा॥ 

हनुमान चालीसा की इस चौपाई के संपुट पाठ करने से राजकीय मान सम्मान प्राप्त होता है। हनुमत कृपा पर विश्वास आपको चतुर्दिक सफलता दिलाएगा।

नासे  रोग हरे सब पीरा” नाम की पुस्तक में हनुमान चालीसा की चौपाइयों के संबंधित सभी उपायों का विस्तृत विवरण दिया हुआ है। इस पुस्तक को आप हमारे यहां से प्राप्त कर सकते हैं।

अब हम इस सप्ताह के ग्रहों के विचरण के बारे में चर्चा करेंगे।

इस सप्ताह सूर्य, शनि और मंगल मीन राशि में, वक्री राहु कुंभ राशि में, गुरु मिथुन राशि में और शुक्र मेष राशि में गोचर करेंगे। बुध प्रारंभ में कुंभ राशि में रहेंगे तथा 10 तारीख के 2:14 रात से मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। आइये अब राशिवार राशिफल की चर्चा करते हैं।

मेष राशि

इस सप्ताह आपका व्यापार ठीक चलेगा। धन आने की पूरी उम्मीद है। गलत रास्ते से भी धन आएगा। भाई बहनों के साथ संबंधों में मधुरता कम हो सकती है। कचहरी के कार्यों में सफलता प्राप्त हो सकती है परंतु इसके लिए आपको अत्यंत सावधानी लेनी होगी। अपने वकील से भी आपको सावधान रहना पड़ेगा। आप अपने शत्रुओं को मामूली से प्रयासों से से परास्त कर सकते हैं। इस सप्ताह आपके लिए, 11 और 12 तारीख विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए उचित है। 6 और 7 तारीख को आपको थोड़ा सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गरीबों के बीच में चावल का दान दें तथा शुक्रवार को मंदिर में जाकर पुजारी जी को चावल या सफेद वस्त्रो का दान करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

वृष राशि

इस सप्ताह आपके पास धन आने का अच्छा योग है। धन की वृद्धि होगी। अधिकारी और कर्मचारियों के लिए यह सप्ताह सामान्य रहेगा। आपका स्वास्थ्य इस सप्ताह ठीक रहेगा। जीवनसाथी के साथ स्वास्थ्य में 6 और 7 तारीख को थोड़ी समस्या हो सकती है। इस सप्ताह आपकी कुंडली के गोचर में शत्रुहंता योग बन रहा है। इसके कारण आपके शत्रु कम या समाप्त हो सकते हैं। इस सप्ताह आपके लिए 11 और 12 तारीख थोड़ा ठीक है। सप्ताह के बाकी दिनों में आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

मिथुन राशि

कर्मचारी एवं अधिकारियों के लिए यह सप्ताह का उत्तम रहेगा। उनका प्रमोशन अगर ड्यू है तो वह भी हो सकता है। सीमित मात्रा में धन आने का योग है। भाग्य से आपको सामान्य मदद मिलेगी। भाई बहनों के साथ संबंध सामान्य रहेंगे। आपके पेट में थोड़ी परेशानी हो सकती है।, आपके माताजी और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहने की उम्मीद है। आपके ब्लड प्रेशर और डायबिटीज में थोड़ी वृद्धि हो सकती है। छात्रों के लिए यह सप्ताह मिला-जुला प्रभाव लेकर आएगा। इस सप्ताह आपके लिए 8, 9 और 10 तारीख के दोपहर तक का समय किसी भी कार्य को सफलतापूर्वक करने के लिए उपयुक्त है। सप्ताह के बाकी दिनों में आपको सावधानी से कार्य करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काले कुत्ते को तंदूर की रोटी खिलाएं। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

कर्क राशि

इस सप्ताह भाग्य आपका भरपूर साथ देगा। आपके जो भी कार्य सिर्फ भाग्य की वजह से अटक जाते हैं उनको इस सप्ताह करने का कष्ट करें। वे सभी कार्य हो जाएंगे। इस सप्ताह आपके खर्चे में वृद्धि होगी। पेट में छोटी-मोटी तकलीफ हो सकती है। ड्राइविंग के समय सावधान रहें। अपने प्रतिष्ठा के प्रति भी आपको सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 11 और 12 तारीख किसी भी कार्य को करने के लिए सफलता दायक है। 8, 9 और 10 तारीख को आपको सावधानीपूर्वक कार्यों को संपन्न करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

सिंह राशि

व्यापारियों का व्यापार इस सप्ताह ठीक चलेगा। मामूली धन आने की उम्मीद है। भाई बहनों के साथ तनाव हो सकता है। भाग्य से ज्यादा आपको अपने पुरुषार्थ पर यकीन करना चाहिए। कर्मचारी और अधिकारियों के लिए सप्ताह ठीक रहेगा। जनप्रतिनिधियों को इस सप्ताह सावधान रहकर के कार्यों को करना चाहिए। व्यापारियों के लिए यह सप्ताह सामान्य है। इस सप्ताह आपके लिए 6 और 7 तारीख सभी प्रकार के कार्यों के लिए मददगार है। 10, 11 और 12 को आपको अपने कार्यों को पूरी सावधानी के साथ करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

कन्या राशि

यह सप्ताह आपके जीवनसाथी के लिए बहुत अच्छा है। आपके लिए यह सप्ताह मिश्रित फल दायक है। कर्मचारी एवं अधिकारियों को इस सप्ताह सावधान रहना चाहिए। व्यापारियों के लिए सप्ताह लाभ देने वाला है। विद्यार्थियों को इस सप्ताह में कोई विशेष लाभ नहीं हो पाएगा। भाई बहनों के साथ इस सप्ताह आपको सावधानी के साथ व्यवहार करना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 8, 9 और 10 तारीख कार्यों को पूर्ण करने के लिए लाभ फलदायक हैं। 6 और 7 अप्रैल को आपके भाई बहनों को कुछ लाभ हो सकता है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

तुला राशि

अविवाहित जातकों के लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा। विवाह के नए-नए प्रस्ताव आएंगे। भाग्य से आपको इस सप्ताह कम मदद मिलेगी। आपको अपने कर्मों पर ज्यादा विश्वास करना चाहिए। आपको अपने संतान से इस सप्ताह मामूली सहयोग मिल सकता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई भी सामान्य ही रहेगी अर्थात पहले से काफी कम हो जाएगी। इस सप्ताह आपके लिए 11 और 12 तारीख विभिन्न प्रकार से परिणाम दायक है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए की शिव पंचाक्षरी स्त्रोत का प्रतिदिन पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

वृश्चिक राशि

यह सप्ताह आपके संतान के लिए काफी अच्छा रहेगा। अगर उनका प्रमोशन ड्यू है तो प्रमोशन भी हो सकता है। परीक्षा में उनको सफलता प्राप्त होगी। धन प्राप्त होने की आशा है। जनप्रतिनिधियों को अपने प्रतिष्ठा के प्रति इस सप्ताह सतर्क रहना चाहिए। कर्मचारी और अधिकारियों के लिए यह सप्ताह सामान्य है। ‌दुर्घटनाओं से आपको सचेत रहना चाहिए। आपके पेट में कष्ट हो सकता है। इस सप्ताह आपको 6 और 7 तारीख को अपने स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सतर्क रहना चाहिए। सप्ताह के बाकी दिन ठीक है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

धनु राशि

इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह सामान्य रूप से अच्छा है। यात्रा का योग बन सकता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई साधारण रूप से चलेगी। आपके जीवन साथी के पेट में कुछ तकलीफ हो सकती है। अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह सप्ताह ठीक है अर्थात ना अच्छा है और ना बुरा। इस सप्ताह आपके लिए 8, 9 और 10 तारीख लाभप्रद है। 6 और 7 तारीख को आपको कचहरी के कार्यों में सावधानी से कार्य करने पर सफलता प्राप्त हो सकती है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

मकर राशि

यह सप्ताह आपके भाई बहनों के लिए उत्तम है। भाई बहनों से आपके संबंध भी अच्छे रहेंगे। उनका समर्थन भी आपको प्राप्त होगा। धन आने का योग है। भाग्य से आपको मदद कम मात्रा में मिलेगी। आपके कर्म आपकी पूरी मदद करेंगे। कर्मचारी एवं अधिकारियों के लिए यह सप्ताह ठीक रहेगा। उनको चाहिए कि वे व्यर्थ का वाद विवाद न करें। इस सप्ताह आपके लिए 11 और 12 तारीख सभी प्रकार के कार्यों के लिए शुभ है। 8, 9 और 10 तारीख को आपको सावधान रहकर कार्यों को करना चाहिए। 6 और 7 तारीख को आपको धन के प्रति सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गायत्री मंत्र का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

कुंभ राशि

इस सप्ताह आपके पास धन आने का उत्तम योग है। आपके थोड़े थोड़े से प्रयास से ही आपके पास अधिक मात्रा में धन आ सकता है। धन प्राप्त करने की सभी योजनाओं पर आपको इस सप्ताह कार्य करना चाहिए। भाई बहनों के साथ संबंध पहले जैसे ही रहेंगे। संतान से आपको इस सप्ताह कम सहयोग प्राप्त होगा। दुर्घटनाओं के प्रति आपको इस सप्ताह सतर्क रहना चाहिए। भाग्य के स्थान पर आपको अपने कर्म पर विश्वास करना चाहिए। आप जितना कर्म करेंगे उतना ही आपको फल प्राप्त होगा। इस सप्ताह आपके लिए आपको 6, 7 तथा 11 और 12 अप्रैल को सावधान रहकर कार्यों को करने की आवश्यकता है। 8, 9 और 10 तारीख थोड़ा ठीक है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काले उड़द की दाल का दान करें। और शनिवार को शनि मंदिर में जाकर शनि देव की आराधना करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

मीन राशि

यह सप्ताह आपके लिए अधिकांश रूप से ठीक रहेगा। इस सप्ताह आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। लोगों पर आप विजय प्राप्त कर सकते हैं। धन प्राप्त होने का सामान्य योग है। आपको अपने प्रतिष्ठा के प्रति सतर्क रहना चाहिए। कचहरी के कार्यों में भी आपको सावधान रहकर कार्यों को करना चाहिए। किसी प्रकार का कोई रिस्क नहीं लेना चाहिए। भाई बहनों के साथ संबंध पहले जैसे ही रहेंगे। दुर्घटनाओं के प्रति भी आपको सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 8, 9 और 10 तारीख कार्यों को करने हेतु अनुकूल हैं। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन चिड़ियों को दाना दें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

ध्यान दें कि यह सामान्य भविष्यवाणी है। अगर आप व्यक्तिगत और सटीक भविष्वाणी जानना चाहते हैं तो आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है या आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें। जय मां शारदा।

 राशि चिन्ह साभार – List Of Zodiac Signs In Marathi | बारा राशी नावे व चिन्हे (lovequotesking.com)

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (30 मार्च से 5 अप्रैल 2026) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (30 मार्च से 5 अप्रैल 2026) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

परम पावन पर्व नवरात्रि समाप्त हो गया है। परंतु श्री हनुमान जी की हमारी और आपकी आराधना लगातार चलेंगी। इस बार के चौपाई इस प्रकार हैं।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते,

कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

हनुमान चालीसा की इस चौपाई के संपुट पाठ करने से यश कीर्ति की वृद्धि होती है, मान सम्मान बढ़ता है। “नाशे रोग हरे सब पीरा” नाम की पुस्तक में हनुमान चालीसा की चौपाइयों के संबंधित सभी उपायों का विस्तृत विवरण दिया हुआ है। इस पुस्तक को आप हमारे यहां से प्राप्त कर सकते हैं।

इसके उपरांत में अब आपको इस सप्ताह के ग्रहों के गोचर के बारे में बताऊंगा। सप्ताह इस सप्ताह सूर्य और शनि मीन राशि में, मंगल और बुध कुंभ राशि में, गुरु मिथुन राशि में, शुक्र मेष राशि में और राहु कुंभ राशि में मंगल और बुध के साथ में गोचर करेंगे।

आईये अब राशिवार राशिफल की चर्चा करते हैं।

मेष राशि

अविवाहित जातकों के लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा। उनके विवाह के प्रस्ताव आएंगे। प्रेम संबंधों में वृद्धि होगी। साथ ही प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी। अगर आप सावधानी से कार्य करेंगे तो कचहरी के कार्यों में विजय प्राप्त हो सकती है। गलत रास्ते से धन आने का योग है। व्यापारियों के लिए यह सप्ताह उत्तम है। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह ठीक रहेगा। अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह सप्ताह सामान्य है। विद्यार्थियों के लिए भी यह सप्ताह सामान्य ही रहेगा। इस सप्ताह आपको अपने कर्म पर ज्यादा विश्वास करना चाहिए। भाग्य से भी थोड़ी बहुत मदद मिल सकती है। आपको अपने संतान का सहयोग प्राप्त हो सकता है। इस सप्ताह आपके लिए तीन चार और पांच अप्रैल कार्यों को करने हेतु उपयुक्त हैं। एक और दो अप्रैल को आपको कोई भी कार्य बड़े सावधानी के साथ करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

वृष राशि

इस सप्ताह आपके पास धन आने का अच्छा योग है। अच्छे और बुरे दोनों रास्तों से धन आ सकता है। इस सप्ताह आपको अपने संतान से कोई विशेष मदद प्राप्त नहीं हो पाएगी। कचहरी के कार्यों में रिक्स ना लें। आपका स्वास्थ्य थोड़ा खराब हो सकता है। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। व्यापारियों के लिए यह सप्ताह सामान्य रहेगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने वाणी पर इस सप्ताह कंट्रोल करना चाहिए। किसी से फालतू लड़ाई नहीं करना चाहिए। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह ठीक है। उनके प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए यह सप्ताह कम ठीक है। उनको सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह 30 और 31 मार्च आपके लिए परिणाम दायक हैं। तीन चार और पांच तारीख को आपको सतर्क होकर कार्यों को अंजाम देना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

मिथुन राशि

कर्मचारी और अधिकारियों के लिए सप्ताह अत्यंत अच्छा रहेगा। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह सामान्य है। विद्यार्थियों के लिए सप्ताह ठीक रहेगा। व्यापारियों का व्यापार इस सप्ताह सामान्य गति से चलेगा। भाग्य से इस सप्ताह आप सभी को कम मदद प्राप्त होगी। आपको अपने परिश्रम पर ज्यादा विश्वास करना पड़ेगा। भाई बहनों के साथ संबंध ठीक नहीं रह पाएंगे। कर्मचारियों को अपने कार्यालय में अच्छा सम्मान प्राप्त होगा। इस सप्ताह आपके लिए एक और दो अप्रैल कार्यों को करने हेतु फलदायक है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक है। इस सप्ताह आपको चाहिए की आप प्रतिदिन गरीबों के बीच में चावल का दान दें तथा शुक्रवार को मंदिर पर जाकर पुजारी जी को सफेद वस्त्रो का दान करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

कर्क राशि

इस सप्ताह आपको भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। भाग्य के सहारे आपके कार्य हो सकते हैं। कर्मचारी और अधिकारियों को इस सप्ताह थोड़ा सावधान रहना चाहिए। आप सभी को इस सप्ताह दुर्घटनाओं के प्रति सचेत रहना चाहिए। व्यय की मात्रा में बढ़ोतरी होगी। भाई बहनों के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है। पेट में थोड़ा कष्ट भी हो सकता है। इस सप्ताह आपके लिए तीन चार और पांच तारीख सफलता दायक है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काली उड़द का दान करें तथा शनिवार को शनि मंदिर में जाकर शनि देव की आराधना करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

सिंह राशि

व्यापारियों का व्यापार इस सप्ताह ठीक-ठाक चलेगा। कर्मचारियों अधिकारियों का भी यह सप्ताह सामान्य रहेगा। जनप्रतिनिधियों के लिए भी यह सप्ताह सामान्य होगा। आपके माताजी और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। भाग्य के स्थान पर आपको अपने पुरुषार्थ पर यकीन करना चाहिए। भाई बहनों के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है। इस सप्ताह आपके लिए 30 और 31 मार्च सफलता प्राप्त करने के लिए उचित है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन लाल मसूर की दाल का दान करें और मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का वाचन करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

कन्या राशि

यह सप्ताह आपके जीवनसाथी के लिए अत्यंत उत्तम है। उनका स्वास्थ्य ठीक-ठाक रहेगा। आपके माताजी और आपका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। पिताजी के स्वास्थ्य में थोड़ी परेशानी हो सकती है। शत्रुओं से सप्ताह आपको सतर्क रहना चाहिए। दुर्घटनाओं से भी आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस सप्ताह आपके लिए एक और 2 अप्रैल विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए मददगार हैं। 30 और 31 मार्च को आपको सावधानीपूर्वक कार्यों को पूर्ण करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

तुला राशि

इस सप्ताह अविवाहित जातकों के विवाह के उत्तम प्रस्ताव आएंगे। प्रेम संबंधों में वृद्धि होगी। नए प्रेम संबंध भी बन सकते हैं। भाग्य के प्रति आपको थोड़ा सतर्क रहना चाहिए। छात्रों की पढ़ाई में बाधा पड़ सकती है। आपको अपने संतान से सहयोग कम मिलेगा। इस सप्ताह आप आसानी से अपने शत्रुओं को पराजित कर सकते हैं, परंतु इसके लिए भी थोड़ा परिश्रम करना पड़ेगा। इस सप्ताह आपके लिए तीन चार और पांच अप्रैल लाभदायक है। एक और दो अप्रैल को अगर आप सावधानी बस कार्य नहीं करेंगे तो कार्यों में आपको नुकसान हो सकता है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन रुद्राष्टक का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

वृश्चिक राशि

यह सप्ताह आपके संतान के लिए काफी अच्छा रहेगा। संतान को उन्नति मिल सकती है। आपको भी संतान से अच्छा सहयोग भी प्राप्त होगा। छात्रों की पढ़ाई अच्छी चलेगी परीक्षा में उनको सफलता प्राप्त होगी। भाई बहनों के साथ संबंधों में थोड़ा तनाव हो सकता है। आपके पेट में कष्ट हो सकता है। दुर्घटनाओं के प्रति आपको सचेत रहना चाहिए। आपको अपने शत्रुओं से भी सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 30 और 31 मार्च अनुकूल है। तीन चार और पांच अप्रैल को आपको कार्यों को पूर्ण सतर्कता के साथ करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

धनु राशि

जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह काफी अच्छा रहेगा। उनको प्रतिष्ठा प्राप्त होगी। कर्मचारियों अधिकारियों के लिए यह सप्ताह सामान्य है। व्यापारियों के लिए सप्ताह ठीक है। भाई बहनों के साथ संबंध कम ठीक रहेंगे। भाग्य से मदद मिलेगी। यात्रा का योग बन सकता है। इस सप्ताह आपको अपने संतान से सहयोग नहीं मिल पाएगा। इस सप्ताह आपके लिए एक और दो अप्रैल कार्यों के लिए परिणाम दायक हैं। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गरीब बच्चों के बीच में पुस्तकों का दान दें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

मकर राशि

इस सप्ताह आपके पास सामान्य रूप से धन आ सकता है। भाई बहनों के साथ संबंध उत्तम रहेगा। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह थोड़ा कम ठीक है। भाग्य आपका साथ दे सकता है। छात्रों को इस सप्ताह पढ़ाई में परेशानी आ सकती है। गलत रास्ते से भी धन आने का योग है। इस सप्ताह आपके लिए तीन चार और पांच तारीख शुभ है। 30 और 31 मार्च के दिन कार्यों को करने के पहले पूरी प्लानिंग कर लेना चाहिए तथा सतर्कता पूर्वक कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

कुंभ राशि

इस सप्ताह आपके पास धन आने का अच्छा योग है। धन अच्छे और बुरे दोनों रास्तों से आ सकता है। भाई बहनों के साथ संबंधों में थोड़ा बहुत तनाव हो सकता है। माता जी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपके अंदर क्रोध की मात्रा बढ़ सकती है। आपको खून संबंधी रोग जैसे डायबिटीज ब्लड प्रेशर से सावधान रहना चाहिए। जीवनसाथी का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। पिताजी का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। छात्रों की पढ़ाई में बाधा आ सकती है। इस सप्ताह आपके लिए 30 और 31 मार्च कार्यों को करने के लिए आनंददायक हैं। एक और दो अप्रैल को आपको कोई भी कार्य पूरी सजगता के साथ करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काले कुत्ते को तंदूर की रोटी खिलाएं। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

मीन राशि

इस सप्ताह आपका आत्मविश्वास अत्यंत उच्च कोटि का रहेगा। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। कचहरी के कार्यों में इस सप्ताह आपको सावधानी बरतना चाहिए। जनप्रतिनिधियों को अपने प्रतिष्ठा के प्रति सतर्क रहना चाहिए। भाई बहनों के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है। दुश्मनों को आप आसानी से इस सप्ताह पराजित कर सकते हैं। आपके जीवन साथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है। इस सप्ताह आपके लिए एक और दो अप्रैल कार्यों को करने के लिए उचित हैं। सप्ताह के बाकी दिनों में आपको सतर्क रहकर कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा शनिवार को दक्षिण मुखी हनुमान जी के मंदिर में जाकर कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का वाचन करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

ध्यान दें कि यह सामान्य भविष्यवाणी है। अगर आप व्यक्तिगत और सटीक भविष्वाणी जानना चाहते हैं तो आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है या आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें। जय मां शारदा।

 राशि चिन्ह साभार – List Of Zodiac Signs In Marathi | बारा राशी नावे व चिन्हे (lovequotesking.com)

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (23 मार्च से 29 मार्च 2026) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (23 मार्च से 29 मार्च 2026) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

जयश्री राम। मैं पंडित अनिल पांडे पहले की भांति आज भी आपको श्री हनुमान चालीसा की चार चौपाइयों के बारे में बताऊंगा जो की आपकी परेशानियों में मंत्र जैसा कार्य करेंगी। पहली दो चौपाइयां मैं अभी बताऊंगा तथा बाद की दो चौपाइयां इस वीडियो के अंत में बताई जाएंगी।

आज की श्री हनुमान चालीसा की पहले दो चौपाइयां ये है।

लाय सजीवन लखन जियाए,

श्री रघुबीर हरषि उर लाए।

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई,

तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥

हनुमान चालीसा की इन चौपाइयों के संपुट पाठ करने से शारीरिक व्याधियों का निवारण होता है तथा अपने से बड़ों की कृपा प्राप्त होती है। अगर आपका बॉस आप से नाराज है या आप रोगों से ग्रस्त हो गए हैं तो आपको इन चौपाइयों का संपुट पाठ करना चाहिए।

साप्ताहिक राशिफल में आज सबसे पहले मैं आपको 23 मार्च से 29 मार्च 2026 के सप्ताह के ग्रहों के परिवर्तन के बारे में बताऊंगा। उसके बाद राशिवार राशिफल की बारे में चर्चा की जाएगी।

इस सप्ताह सूर्य और शनि मीन राशि में मंगल, बुध और राहु कुंभ राशि में और गुरु मिथुन राशि में भ्रमण करेंगे। शुक्र प्रारंभ में मीन राशि में रहेंगे तथा 25 तारीख के 3:53 रात से मेष राशि में गोचर करेंगे।

आईये अब राशिवार राशिफल की चर्चा करते हैं।

मेष राशि

इस सप्ताह सतर्कता पूर्वक कार्य करके आप कचहरी के कार्यों में लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अविवाहित जातकों के लिए यह सप्ताह ठीक रहेगा। विवाह के प्रस्ताव आएंगे। प्रेम संबंधों में वृद्धि संभव है। व्यापारियों को लाभ होगा। भाई बहनों के साथ संबंध स्थिर रहेंगे। आपके संतान को लाभ होगा। संतान का आपको अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। इस सप्ताह आपके लिए 27, 28 और 29 तारीख विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए उचित है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गाय को हरा चारा खिलाएं। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

वृष राशि

इस सप्ताह आपके पास धन आने का अच्छा योग है। आपको इस सप्ताह धन अर्जित करने का पूर्ण प्रयास करना चाहिए। कचहरी के कार्यों में सावधान रहें। व्यापारियों के लिए सप्ताह अच्छा है। कर्मचारी और अधिकारियों को सावधान रहना चाहिए। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह ठीक है। उनको प्रतिष्ठा प्राप्त होगी। इस सप्ताह आपके लिए 23 और 24 तारीख सफलता प्रदान करने वाले हैं। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा शनिवार को दक्षिण मुखी हनुमान जी के मंदिर में जाकर कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

मिथुन राशि

कर्मचारियों के लिए यह सप्ताह उत्तम है। उनको प्रतिष्ठा प्राप्त होगी। अगर वे चाहेंगे और प्रयास करेंगे तो उनको सही पदस्थापना मिल सकती है। भाग्य से मामूली लाभ होगा। व्यापारियों के लिए यह सप्ताह उत्तम है। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह बहुत अच्छा नहीं है। भाई बहनों के साथ संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं। इस सप्ताह आपको 25 और 26 तारीख का विशेष रूप से उपयोग करना चाहिए। इन दोनों तारीखों में आपके अधिकांश कार्य सफल होंगे। 23 और 24 तारीख को आपको सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

कर्क राशि

इस सप्ताह भाग्य आपका भरपूर साथ देगा। भाग्य की मदद से आपके सभी कार्य संपन्न हो सकते हैं। मगर प्रयास तो करना ही पड़ेगा। आपके व्यय में वृद्धि होगी। कर्मचारियों अधिकारियों को सावधान रहना चाहिए। आपका, आपके जीवनसाथी का और माता जी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। दुर्घटनाओं से इस सप्ताह आपको सावधान रहना चाहिए। व्यापारियों को भी इस सप्ताह में सावधानी के साथ व्यापार करना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 27 के दोपहर से लेकर 28 और 29 तारीख कार्यों को पूर्ण करने में मददगार है। 25 और 26 तारीख को आपको सचेत रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

सिंह राशि

इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा। मामूली मात्रा में धन आने की उम्मीद है। इस सप्ताह आपको अपने परिश्रम पर विश्वास करके कार्यों को करना चाहिए। माता जी और पिताजी का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। कर्मचारियों और अधिकारियों को इस सप्ताह सावधान रहकर कार्यों को करना चाहिए। व्यापारियों के लिए यह सप्ताह उत्तम है। इस सप्ताह आपके लिए 23 और 24 तारीख लाभदायक है। 27, 28 और 29 तारीख को आपको सावधानी पर जोर देना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काले उड़द का दान करें और शनिवार को शनि मंदिर में जाकर शनि देव का पूजन करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

कन्या राशि

व्यापारियों के लिए सप्ताह उत्तम रहेगा। उनके व्यापार में वृद्धि होगी। कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए भी यह सप्ताह ठीक है। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह प्रतिष्ठा दायक रहेगा। दुर्घटनाओं से आपको सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आप अपने शत्रुओं को आसानी से पराजित कर सकते हैं। इस सप्ताह आपके लिए 25 और 26 तारीख शुभ है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक है। 25 और 26 तारीख को आपको अधिकांश कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन लाल मसूर की दाल का दान करें और मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर पर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

तुला राशि

इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा। अविवाहित जातकों के नए-नए विवाह के प्रस्ताव प्राप्त होंगे। नए प्रेम संबंध भी बन सकते हैं। आपके संतान को कष्ट हो सकता है। संतान का सहयोग आपको कम मिलेगा। परीक्षाओं में सफलता के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। शत्रुओं को आप आसानी से पराजित कर सकते हैं। भाग्य से थोड़ा बहुत लाभ प्राप्त होगा। कर्मचारियों के लिए यह सप्ताह सामान्य है। व्यापारियों के लिए सप्ताह ठीक रहेगा। जनप्रतिनिधियों के लिए भी यह सप्ताह सामान्य रहेगा। इस सप्ताह आपके लिए 27, 28 और 29 तारीख उपयोगी हैं। 23 और 24 तारीख को आपको सावधान रहने की सलाह दी जाती है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन रुद्राष्टक का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

वृश्चिक राशि

इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपके संतान की उन्नति हो सकती है। संतान से आपको अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। छात्रों को पढ़ाई में सफलता प्राप्त होगी। इस सप्ताह आपको शत्रुओं से सावधान रहना चाहिए। अविवाहित जातकों के विवाह के प्रस्ताव में कुछ लोग बाधक बन सकते हैं। धन प्राप्त होने की उम्मीद है। व्यापारियों का व्यापार सामान्य रहेगा। कर्मचारी और अधिकारियों के लिए सप्ताह ठीक है, परंतु उनको अपने विचारों पर नियंत्रण रखना होगा। जनप्रतिनिधियों के लिए सावधान रहने का समय है, अन्यथा उनकी प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। इस सप्ताह आपके लिए 23 और 24 तारीख परिणाम मूलक हैं। 25 और 26 तारीख को आपको कोई भी कार्य बहुत सोच समझकर करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवारहै।

धनु राशि

इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपका इच्छित स्थान पर स्थानांतरण हो सकता है। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह अत्यंत उत्तम है। उनके प्रतिष्ठा में भरपूर वृद्धि हो सकती है। भाई बहनों के साथ आपके संबंध सामान्य रहेंगे। कर्मचारी और अधिकारियों को इस सप्ताह सावधानी से कार्य करना चाहिए। व्यापारियों का व्यापार सामान्य रहेगा। इस सप्ताह आपके लिए 25 और 26 तारीख विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए लाभप्रद है। सप्ताह के बाकी दिनों में आपको सावधान रहकर अपने कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षर स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन गुरुवार है।

मकर राशि

आपका, आपके जीवनसाथी का, आपके माताजी और पिताजी का स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। भाई बहनों के साथ अच्छे संबंध बनेंगे। इस सप्ताह आपको अपने परिश्रम पर अधिक विश्वास करना चाहिए। भाग्य पर नहीं। छात्रों को पढ़ाई में बाधा पड़ेगी। आपको अपने संतान का सहयोग बहुत कम मिलेगा। शत्रुओं से इस सप्ताह आपको सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 27, 28 और 29 तारीख परिणाम दायक हैं। 25 और 26 तारीख को आपको सावधान रहकर अपने कार्यों को पूर्ण करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करें साथ ही रुद्राष्टक का भी पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

कुंभ राशि

इस सप्ताह आपके पास धन आने का अच्छा योग है। आपको धन प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। इस सप्ताह आपको ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि रोगों से सावधान रहना चाहिए। आपके माता-पिता जी का और जीवनसाथी का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आपको अपनी संतान से सामान्य सहयोग प्राप्त होगा। इस सप्ताह आपके लिए 23 और 24 तारीख विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए फलदायक है। 27, 28 और 29 तारीख को आपको सचेत रहकर कार्यों को अंजाम देना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

मीन राशि

इस सप्ताह आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आप अपने बहुत सारे कार्य अपने आत्मविश्वास के बल पर कर लेंगे। कचहरी के कार्यों में इस सप्ताह आपको सावधान रहना चाहिए। धन प्राप्त करने में सावधानी बरतें। जनप्रतिनिधियों को इस सप्ताह सावधान रहना चाहिए। कर्मचारियों के लिए यह सप्ताह ठीक है। इस सप्ताह आपको अपने शत्रुओं से भी थोड़ा सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 25 और 26 तारीख विभिन्न रूप से मददगार है। सप्ताह के बाकी दिन ठीक-ठाक है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गायत्री मंत्र की तीन माला का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

आईये अब हनुमान चालीसा के मंत्रवत चौपाइयों की चर्चा कर लें। आज की दो चौपाइयां हैं;-

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।

अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं॥

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।

नारद सारद सहित अहीसा॥

हनुमान चालीसा की इन चौपाईयों के संपुट पाठ करने से यश, सम्मान, प्रसिद्धि और कीर्ति बढ़ती है। अगर आपको मान और प्रतिष्ठा प्राप्त करना हो तो इन चौपाइयों का संपुट पाठ करना चाहिए।

ध्यान दें कि यह सामान्य भविष्यवाणी है। अगर आप व्यक्तिगत और सटीक भविष्वाणी जानना चाहते हैं तो आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है या आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें। जय मां शारदा।

 राशि चिन्ह साभार – List Of Zodiac Signs In Marathi | बारा राशी नावे व चिन्हे (lovequotesking.com)

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (23 फरवरी से 1 मार्च 2026) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (16 मार्च से 22 मार्च 2026) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

जय श्री राम। 23 मार्च से काल पुरुष की कुंडली में कालसर्प योग लगने वाला है आपको भी इससे बचने का उपाय करना पड़ेगा मैं इस संबंध में एक अलग से वीडियो बनाया है जिसका लिंक इस साप्ताहिक राशिफल के डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दिया गया है हम सभी जानते हैं की श्री हनुमान जी कलयुग के जीवंत देवता है। कलयुग में सभी प्रकार के कष्टों से से मुक्ति के लिए श्री हनुमान जी की उपासना अतिआवश्यक है। इसीलिए मैं पंडित अनिल पांडे आपको प्रति सप्ताह श्री हनुमान चालीसा की मंत्रवत चौपाइयों से होने वाले लाभ के बारे में बताता हूं। दो चौपाई के बारे में मैं आपको अभी बताऊंगा तथा दो चौपाइयों के बारे में मैं आपको इस वीडियो के अंत में बताऊंगा। आज की चौपाई है :-

बिद्यावान गुनी अति चातुर |

राम काज करिबे को आतुर ||

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया |

राम लखन सीता मन बसिया ||

हनुमान चालीसा की इन चौपाईयों के संपुट पाठ करने से ज्ञान, बुद्धि, रामकृपा और यश प्राप्त होता है।

आइये अब हम 16 मार्च से 22 मार्च 2026 तक के सप्ताह के साप्ताहिक राशिफल की राशिवार चर्चा करते हैं।

मेष राशि

इस सप्ताह आपके व्यापार में वृद्धि होगी। आपको अपने संतान से बहुत अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। धन की प्रति थोड़ी कम होगी। परंतु अगर आप सावधानी से कार्य करेंगे तो कचहरी के कार्यों में आपको सफलता मिलेगी। जनप्रतिनिधियों के प्रतिष्ठा में न तो वृद्धि होगी और ना ही नुकसान। शत्रुओं को आप आसानी से पराजित कर सकेंगे। इस सप्ताह आपके लिए 16, 21 और 22 मार्च कार्यों को करने के लिए सफलता प्रदान करने वाले हैं। 19 और 20 मार्च को आपको सावधान रहकर कार्यों को अंजाम देना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन लाल मसूर की दाल का दान करें और मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

वृष राशि

इस सप्ताह आपके पास पर्याप्त मात्रा में धन आएगा। आप इस सप्ताह अपना पूरा ध्यान धन प्राप्ति में लगायें। जिससे की इस अवसर का आप अधिक से अधिक उपयोग कर सकें। व्यापारियों के लिए यह सप्ताह उत्सव जैसा रहेगा। कर्मचारियों के लिए भी यह सप्ताह ठीक है परंतु आपको अपने अधिकारियों से इस सप्ताह सावधान रहना चाहिए। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह काफी ठीक रहेगा। उनके प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। इस सप्ताह सफलता प्राप्त करने के लिए आपको 17 और 18 मार्च का उपयोग करना चाहिए। 21 और 22 मार्च को कार्यों को पूर्ण सावधानी से करें। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काले उड़द की दाल का दान करें और शनिवार को शनि देव के मंदिर में जाकर उनका पूजन करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

मिथुन राशि

यह सप्ताह आपके लिए शुभ फलदायक है। कर्मचारी व अधिकारियों के लिए सप्ताह उत्तम रहेगा। उनकी पदस्थापना उनके इच्छित स्थान पर हो सकता है। व्यापारियों के लिए यह सप्ताह सामान्य है। राजनीतिज्ञों के लिए इस सप्ताह सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको भाग्य को छोड़कर अपने परिश्रम पर विश्वास करना चाहिए। कचहरी का कार्यों में सावधान रहें। इस सप्ताह आपके लिए 19 और 20 तारीख कार्यों को करने के लिए उपयोगी है। 16 मार्च को आपको सावधानी पूर्वक अपने कार्यों को करने का प्रयास करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गाय को हरा चारा खिलाएं। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

कर्क राशि

इस सप्ताह आपको अपने भाग्य से अच्छी मदद मिल सकती है। भाग्य से रुके हुए कार्यों को करने का प्रयास करें। आपको सफलता प्राप्त होगी। दुर्घटनाओं से सावधान रहें। भाई बहनों के साथ संबंधों में थोड़ा तनाव आ सकता है। आपके व्यय में वृद्धि होगी। आमदनी पहले जैसी ही रहेगी। इस सप्ताह आपके लिए 16, 21 और 22 मार्च विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए मददगार हैं। 17 और 18 मार्च को आपको पूर्ण सावधानी बरतना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन सोमवार है।

सिंह राशि

इस सप्ताह आपके माताजी और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। भाग्य सामान्य रूप से कार्य करेगा। आमदनी सामान्य रहेगी। आपके या आपके जीवन साथी के स्वास्थ्य में थोड़ी खराबी आ सकती है। दुर्घटनाओं से आप साफ-साफ बचेंगे। अगर कोई दुर्घटना होती है तो भी आपको किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा। भाई बहनों के साथ संबंध थोड़े कम ठीक रहेंगे। इस सप्ताह आपके लिए 17 और 18 मार्च लाभदायक है। 16,19 और 20 मार्च को आपको सावधानी पूर्वक कार्यों को करना है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

कन्या राशि

अविवाहित जातकों के लिए यह सप्ताह अच्छा है। विवाह के नए-नए प्रस्ताव आएंगे। युवक और युवतियों के लिए सप्ताह अच्छा है। नए-नए प्रेम संबंध बन सकते हैं। पुराने संबंधों में प्रगाढ़ता आ सकती है। कर्मचारियों अधिकारियों के लिए यह सप्ताह सामान्य है। उनको सावधानी पूर्वक कार्य करना चाहिए। अपने शत्रुओं को आप इस सप्ताह आसानी से पराजित कर सकते हैं। इस सप्ताह आपके लिए 19 और 20 तारीख विभिन्न प्रकार के कार्यों हेतु शुभ है। सप्ताह के बाकी दिनों में आपको सावधान रहकर कार्य करने की आवश्यकता है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

तुला राशि

इस सप्ताह थोड़े से प्रयासों से ही आप अपने शत्रुओं को आसानी से पराजित कर सकते हैं। आपका आपके माता-पिता का और आपके जीवन साथी का स्वास्थ्य सामान्य रहेगा अर्थात पहले जैसा ही रहेगा। कचहरी के कार्यों में रिस्क लेने का कार्य न करें। भाग्य से आपको मामूली मदद मिल सकती है। आपको अपने संतान का सहयोग कम मिलेगा। छात्रों का पढ़ाई में मन नहीं लगेगा। इस सप्ताह आपके लिए 16, 21 और 22 मार्च विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए सुविधाजनक है अर्थात लाभदायक हैं। 19 और 20 मार्च को आपको कार्यों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गरीबों के बीच में चावल का दान दें और शुक्रवार को मंदिर में जाकर पुजारी जी को सफेद वस्त्रों का दान दें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

वृश्चिक राशि

यह सप्ताह आपके संतान के लिए उत्तम रहेगा। आपको अपने संतान का बहुत अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। छात्रों को पढ़ाई में सफलता प्राप्त होगी। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह थोड़ा कम ठीक है। उनकी प्रतिष्ठा में बाधा पड़ सकती है। आप सभी को अपने प्रतिष्ठा के प्रति इस सप्ताह सतर्क रहना चाहिए। माता जी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। आपका और आपके जीवन साथी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। धन प्राप्त करने के मार्ग में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। उनसे बचने का प्रयास करें। इस सप्ताह आपके लिए 17 और 18 मार्च विभिन्न प्रकार के मामलों में लाभप्रद हैं। 21 और 22 मार्च को आपको बड़े सावधानी से कार्यों को संपन्न करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन रुद्राष्टक का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

धनु राशि

जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह उत्तम रहेगा। उनके प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। उनको अपने कार्यों में बार-बार सफलता प्राप्त होगी। कर्मचारी एवं अधिकारियों के लिए सप्ताह थोड़ा सावधानी भरा है। उनको इस पूरे सप्ताह सावधानीपूर्वक कार्य करना चाहिए। व्यापारियों के लिए इस सप्ताह सामान्य है। भाई बहनों के साथ आपके संबंधों में तनाव हो सकता है। भाग्य आपका साथ देगा। लंबी यात्रा का योग बन सकता है। इस सप्ताह आपके लिए 19 और 20 मार्च परिणाम दायक हैं। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गाय को हरा चारा खिलाएं। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

मकर राशि

इस सप्ताह आपका भाई बहनों के साथ संबंध उत्तम रहेगा। आपके भाई बहनों को भी विभिन्न कार्यों में सफलता प्राप्त हो सकती है। आपके पराक्रम में वृद्धि होगी। भाग्य से आपको थोड़ा कम मदद मिल पाएगी परंतु कामभर की मदद मिल सकती है। आपके स्वास्थ्य में थोड़ी गिरावट संभव है। इस सप्ताह आपके लिए 16 तथा 21 और 22 तारीख परिणाम मूलक हैं। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

कुंभ राशि

इस सप्ताह आपके पास धन आने का अच्छा योग है। आपको धन प्राप्ति के लिए पूर्ण प्रयास करना चाहिए। आप को इस सप्ताह अपने संतान से कम सहयोग मिलेगा। आपका और आपके जीवन साथी को थोड़ी स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है। पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। दुर्घटनाओं के प्रति आपको इस सप्ताह सचेत रहना चाहिए। व्यापारियों के लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा। जनप्रतिनिधियों को सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 17 और 18 तारीख विभिन्न प्रकार के मामलों में उपयुक्त है। 16 तारीख को आपको सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षर मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

मीन राशि

इस सप्ताह आपका आत्मविश्वास अत्यंत उच्च स्तर पर होगा। आपके बहुत सारे कार्य आपके आत्मविश्वास के कारण ही पूर्ण हो जाएंगे। आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। पिताजी का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। कचहरी के कार्यों में इस सप्ताह आपको रिक्स नहीं लेना चाहिए। भाई बहनों के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है। आप अपने शत्रुओं को आसानी से पराजित कर सकते हैं। आपके जीवन साथी को थोड़ा कष्ट हो सकता है। इस सप्ताह आपके लिए 19 और 20 मार्च अनुकूल हैं। 17 और 18 मार्च को आपको सावधान रहकर कार्यों को अंजाम देना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा शनिवार को दक्षिण मुखी हनुमान जी के मंदिर में जाकर कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का वाचन करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

 श्री हनुमान चालीसा के मंत्रवत चौपाइयों का वर्णन इस प्रकार है।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा,

बिकट रूप धरि लंक जरावा।

भीम रूप धरि असुर संहारे,

रामचंद्र के काज संवारे॥

इन दोनों चौपाइयों के संपुट पाठ करने से श्री हनुमान जी आपके सभी कष्टों को हरते हैं तथा आपके सभी कार्य संपन्न हो सकते हैं।

ध्यान दें कि यह सामान्य भविष्यवाणी है। अगर आप व्यक्तिगत और सटीक भविष्वाणी जानना चाहते हैं तो आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है या आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें। जय मां शारदा।

 

 राशि चिन्ह साभार – List Of Zodiac Signs In Marathi | बारा राशी नावे व चिन्हे (lovequotesking.com)

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (9 मार्च से 15 मार्च 2026) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (9 मार्च से 15 मार्च 2026) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

जय श्री राम। आजकल मैं पंडित अनिल पाण्डेय हर सप्ताह आपके पास साप्ताहिक राशिफल के अलावा श्री हनुमान चालीसा के दो चौपाइयों को लेकर आता हूं जो आपकी विभिन्न परेशानियों में मंत्र काम करेगीं।

आज की पहली चौपाई है:-

कंचन बरन बिराज सुबेसा, कानन कुंडल कुंचित केसा॥

हनुमान चालीसा की इह चौपाई के संपुट पाठ करने से आर्थिक समृद्धि, अच्छा खानपान, अच्छा संस्कार और अच्छा पहनावा प्राप्त होगा।

इस सप्ताह राहु, मंगल और बक्री बुध कुंभ में, तथा शुक्र और शनि मीन राशि में गोचर करेंगे। सूर्य प्रारंभ में कुंभ राशि में रहेगा तथा 14 तारीख के 3:30 रात से मीन राशि में प्रवेश करेगा। प्रारंभ वक्री गुरु मिथुन राशि में रहेगा तथा 11 मार्च के 4:36 शाम से मिथुन राशि में ही मार्गी हो जायेगा। आईये अब हम राशिवार राशिफल की चर्चा करते हैं।

मेष राशि

इस सप्ताह आपके पास धन आने का योग है। भाई बहनों के साथ संबंध नरम-गरम रहेंगे। धन आने की मात्रा भी कम रहेगी। आपका आपके माता-पिता जी का तथा आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य पहले जैसा ही रहेगा। छात्रों की पढ़ाई अच्छी चलेगी। संतान का आपके सहयोग प्राप्त होगा। व्यापारियों के लिए यह सप्ताह ठीक है। इस सप्ताह आपको कचहरी के कार्य में सफलता प्राप्त हो सकती है परंतु उसके लिए आपको बहुत सतर्क होना पड़ेगा। शत्रुओं से आपको सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 14 और 15 मार्च कार्यों को करने के लिए शुभ है। 9, 10 और 11 तारीख को अगर कोई दुर्घटना होती है तो उसे आप साफ-साफ बच जाएंगे। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है। ‌

वृष राशि

इस सप्ताह आपके पास धन आने का अच्छा योग है। अगर आप नौकरीपेशा है तो इस सप्ताह आपको थोड़ा सावधान रहना चाहिए और अपनी वाणी पर कंट्रोल करना चाहिए। अगर आप व्यापारी हैं तो आपके लिए यह सप्ताह ठीक है। जनप्रतिनिधियों के लिए भी यह सप्ताह अच्छा है। आप की प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। संतान से आपको इस सप्ताह सहयोग प्राप्त नहीं हो पाएगा। इस सप्ताह आपके लिए 14 और 15 तारीख कार्यों को करने हेतु सफलता दायक हैं। सप्ताह के बाकी दिनों में आपको सतर्क रहना चाहिए। अगर आप अविवाहित हैं तो इस सप्ताह 9, 10 और 11 को आपके पास विवाह के उत्तम प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। इस सप्ताह के सभी दिनों में आपको सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन तांबे के पात्र में जल अच्छत और लाल पुष्प लेकर भगवान सूर्य को जल अर्पण करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

मिथुन राशि

अगर आप नौकरी करते हैं तो यह सप्ताह आपके लिए काफी अच्छा हो सकता है। व्यापारियों के लिए भी यह सप्ताह अच्छा है। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह थोड़ा कम ठीक रहेगा। भाग्य से आपको मदद कम मिलेगी। आपको अपने परिश्रम पर ज्यादा यकीन करना पड़ेगा। इस सप्ताह आपके लिए 12 और 13 तारीख सफलता प्राप्त करने के लिए उचित है। सप्ताह के बाकी दिनों में आपको सावधान रहकर कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काले कुत्ते को रोटी खिलाएं। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

कर्क राशि

इस सप्ताह भाग्य आपका पूर्ण रूप से साथ देगा। आपके जो भी कार्य भाग्य की वजह से रुके हुए हैं उनको करने का प्रयास करें। इस सप्ताह आपके खर्चे में वृद्धि हो सकती है। मकान खरीद सकते हैं या बच्चे की शादी वगैरह में पैसा खर्च कर सकते हैं। भाई बहनों के साथ आपके संबंध ठीक नहीं रह पाएंगे। मामूली पैसे आने का योग है। दुर्घटनाओं से इस सप्ताह आपको सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 14 और 15 तारीख सफलता हेतु उपयोगी है। 12 और 13 तारीख को आपको सजग रहकर कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन लाल मसूर की दाल का दान करें और मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर हनुमान जी की पूजा करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

सिंह राशि

इस सप्ताह आपके प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जन प्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह काफी अच्छा रहेगा। व्यापारियों के लिए भी यह सप्ताह उत्तम है। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह सप्ताह सावधान रहने का है। भाग्य से इस सप्ताह आपको कोई विशेष लाभ नहीं हो पाएगा। आप अपने परिश्रम पर विश्वासकरें। कम धन आने की उम्मीद है। इस सप्ताह आपके लिए 9, 10 और 11 तारीख ठीक है। 14 और 15 तारीख को आपको सावधान रहकर कार्यों को अंजाम देना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गाय को हरा चारा खिलाएं। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

कन्या राशि

अविवाहित जातकों के लिए यह सप्ताह उत्तम है। प्रेम के नए-नए संबंध भी बढ़ सकते हैं। विवाह के नए-नए संबंध आएंगे। आपका प्रेम संबंध में भी वृद्धि होगी। शत्रुओं को आप इस सप्ताह आसानी से पराजित कर सकते हैं। इस सप्ताह आपको प्रतिष्ठा प्राप्त होगी। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह उत्तम रहेगा। कर्मचारियों के लिए यह सप्ताह ठीक है। व्यापारियों के लिए यह सप्ताह सावधान रहने का है। इस सप्ताह आपके लिए 12 और 13 तारीख कार्यों को करने के लिए लाभदायक है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक है। 9, 10 और 11 तारीख को आपको अपने भाई बहनों और अपने पराक्रम के प्रति सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

तुला राशि

इस सप्ताह आपका आपके जीवनसाथी का और माता-पिता जी का स्वास्थ्य पहले जैसा ही ठीक रहेगा। शत्रु शांत रहेंगे। प्रयास करने पर समाप्त भी हो सकते हैं। छात्रों की पढ़ाई में बाधा पड़ सकती है। आपको अपने संतान का बहुत कम सहयोग प्राप्त होगा। 10 और 11 तारीख को आपको धन के प्रति सतर्क रहना चाहिए। 14 और 15 तारीख विभिन्न प्रकार के कार्यों हेतु अनुकूल हैं। 14 और 15 तारीख को आपके अधिकांश कार्य सफल हो सकते हैं। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

वृश्चिक राशि

इस सप्ताह आपके संतान को लाभ होगा। संतान का आपको अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। इस सप्ताह अगर आप कोई परीक्षा देंगे तो उसमें सफलता प्राप्त करेंगे। दुर्घटनाओं से आपको इस सप्ताह सतर्क रहना चाहिए। जनप्रतिनिधियों के लिए सप्ताह अनुकूल नहीं है। व्यापारियों के लिए सप्ताह ठीक है। इस सप्ताह आपके लिए 9, 10 और 11 तारीख कार्यों के संपन्न करने के लिए शुभ है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

धनु राशि

इस सप्ताह आपको भाग्य से मदद मिलेगी। आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह उत्तम रहेगा। व्यापारियों के लिए सप्ताह ठीक है। कर्मचारियों को इस सप्ताह सावधान रहना चाहिए। उन्हें अपनी जिव्हा को कंट्रोल में करना चाहिए। शत्रुओं को आप इस सप्ताह पराजित कर सकते हैं। इस सप्ताह आपके लिए 12 और 13 तारीख कार्यों को करने के लिए परिणाम दायक हैं। 9, 10 और 11 तारीख को अगर आप प्रयास करेंगे तो कचहरी के कार्यों में आपको सफलता प्राप्त हो सकती है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन रुद्राष्टक का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

मकर राशि

इस सप्ताह आपका आपके जीवनसाथी का और आपके माताजी पिताजी का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। भाइयों से आपके संबंध अच्छे रहेंगे। आपके पराक्रम में वृद्धि होगी। पेट संबंधी रोगों के प्रति सतर्क रहें। छात्रों को सावधान रहना चाहिए। व्यापारियों और नौकरी पेशा लोगों के लिए सप्ताह ठीक है। इस सप्ताह आपके लिए 14 और 15 मार्च लाभदायक है। 12 और 13 मार्च को आपको किसी भी कार्य को बड़ी सतर्कता पूर्वक करना चाहिए। अगर आप सतर्कता से कार्य नहीं करेंगे तो कार्य संपन्न नहीं हो पाएंगे। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षर स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

कुंभ राशि

इस सप्ताह आपके पास धन आने का अच्छा योग है। व्यापारियों के लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा। नौकरी करने वालों के लिए भी यह सप्ताह ठीक है। इस सप्ताह आप अपने स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सतर्क रहें। आपके जीवनसाथी का तथा माता और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। जनप्रतिनिधियों को अपने प्रतिष्ठा के प्रति इस सप्ताह सावधान रहना चाहिए। दुर्घटनाओं के लिए भी आप को सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 9 10 और 11 तारीख विभिन्न प्रकार के राजकीय कार्यों के लिए उपयुक्त हैं। 14 और 15 तारीख को आपको सचेत रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

मीन राशि

अगर आप अविवाहित हैं तो यह सप्ताह आपके लिए ठीक है। आपको विवाह के नए-नए प्रस्ताव प्राप्त होंगे। आपका, तथा आपके माता और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य में थोड़ी समस्या आ सकती है। कचहरी के कार्यों में अगर आप सावधानी से कार्य करेंगे तो सफलता मिल सकती है। भाई बहनों के प्रति आपका संबंध पहले जैसा ही रहेगा। उसमें कोई गिरावट या उछाल नहीं आएगा। इस सप्ताह आपके लिए 12 और 13 तारीख कार्यों को करने के प्रति उपयुक्त हैं। 9, 10 और 11 तारीख को आपको भाग्य के भरोसे कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षर मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

आईये अब हम श्रीहनुमान चालीसा के आज की दूसरी और तीसरी चौपाई के बारे में चर्चा करते हैं।

आज की दूसरी और तीसरी चौपाई है:-

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजे, काँधे मूँज जनेउ साजे।

शंकर सुवन केसरी नंदन, तेज प्रताप महा जग बंदन।

हनुमान चालीसा की ये चौपाइयां विजय दिलाती है। इनके संपुट पाठ से व्यक्ति के ओज और कांति में वृद्धि होती है।

“ध्यान दें कि यह सामान्य भविष्यवाणी है। अगर आप व्यक्तिगत और सटीक भविष्वाणी जानना चाहते हैं तो आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है या आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें। जय मां शारदा।

 राशि चिन्ह साभार – List Of Zodiac Signs In Marathi | बारा राशी नावे व चिन्हे (lovequotesking.com)

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (2 मार्च से 8 मार्च 2026) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (2 मार्च से 8 मार्च 2026) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

मैं पंडित अनिल पाण्डेय ने आपसे वादा किया था कि मैं हर सप्ताह आपको श्री हनुमान चालीसा के चौपाइयों के संपुट पाठ से होने वाले होने वाले मंत्रवत फल के बारे में आपको बताऊंगा। इसी श्रेणी में आज की चौपाई है।

“राम दूत अतुलित बल धामा, अंजनि पुत्र पवनसुत नामा।। “

हनुमान चालीसा की इस चौपाई के संपुट पाठ करने पर हनुमत कृपा से आत्मिक और शारीरिक बल की प्राप्ति होती है।

अगली चौपाई के संपुट पाठ से प्राप्त होने वाले फल के बारे में इस वीडियो के अंत में बताया जाएगा।

अब मैं आपको इस सप्ताह ग्रहों की स्थिति के बारे में बताऊंगा। इस पूरे सप्ताह सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध कुंभ राशि में रहेंगे। वक्री गुरु मिथुन राशि में और शनि मीन राशि में गोचर करेंगे। शुक्र प्रारंभ में कुंभ राशि में रहेगा तथा एक तारीख के 11:46 रात से मीन राशि में प्रवेश करेगा। आईये अब राशिवार राशिफल की चर्चा करते हैं।

मेष राशि

इस सप्ताह सावधानी पूर्वक कार्य करने पर आपको कचहरी के कार्यों में सफलता प्राप्त हो सकती है। आपको अपने संतान का अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। भाई बहनों के साथ नरम-गरम संबंध रहेंगे। गलत रास्ते से धन आ सकता है। इस सप्ताह आपके लिए 7 और 8 तारीख विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए सफलता दायक है। चार तारीख के दोपहर के बाद से पांच और 6 तारीख को आपको सावधान रहकर कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

वृष राशि

इस सप्ताह आपके पास धन आने का योग है। थोड़े से प्रयास से ही आपके पास धन आ सकता है। कर्मचारी और अधिकारियों के लिए यह सप्ताह मिश्रित फल वाला होगा। आपको अपने साथियों का सहयोग कम मिलेगा। आपके कार्यालय में सावधान भी रहना चाहिए। भाई और बहनों के साथ संबंध ठीक-ठाक रहेंगे। इस सप्ताह आपके लिए दो-तीन और चार तारीख कार्यों को करने के लिए मददगार है। 7 और 8 तारीख को आपको बहुत सचेत रहकर कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

मिथुन राशि

अगर आप अधिकारी या कर्मचारी हैं तो आपके लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य ठीक-ठाक रहने की संभावना है। पिताजी और जीवनसाथी का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। कचहरी के कार्यों में सावधान रहें। भाई बहनों के साथ संबंध ठीक रहेंगे। माता जी का स्वास्थ्य थोड़ा खराब हो सकता है। भाग्य के स्थान पर अपने परिश्रम पर विश्वास करें। इस सप्ताह आपके लिए चार-पांच और 6 तारीख कार्यों को करने के लिए लाभदायक है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन तांबे के पात्र में जल अक्षत और लाल पुष्प लेकर भगवान सूर्य को जल अर्पण करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

कर्क राशि

इस सप्ताह आपका आपके माता जी और पिताजी का तथा जीवनसाथी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा भाग्य से आपको मदद मिलेगी दुर्घटनाओं से बचने का प्रयास करें धन आनंद धन आने की उम्मीद है भाई बहनों के साथ संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। शत्रु शांत रहेंगे परंतु समाप्त नहीं होंगे इस सप्ताह आपके लिए साथ और आठ मार्च किसी भी कार्य को करने के लिए फलदायक है सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक है इस सप्ताह आपको चाहिए कि आपका दिन प्रतिदिन आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

सिंह राशि

इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा। भाग्य से सामान्य मदद ही मिल पाएगी। थोड़े बहुत धन की उम्मीद की जा सकती है। भाई बहनों के साथ संबंधों में कोई विशेष प्रगति नहीं होगी, अर्थात जैसे संबंध चल रहे हैं वैसे ही रहेंगे। कर्मचारियों को उनके सहकर्मियों की मदद मिलेगी। इस सप्ताह आपको अपने परिश्रम पर ज्यादा यकीन करना पड़ेगा। व्यापारियों का व्यापार ठीक चलेगा। इस सप्ताह आपके लिए दो, तीन और चार तारीख कार्यों को करने के लिए अनुकूल है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गाय को हरा चारा खिलाएं। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

कन्या राशि

अविवाहित जातकों के लिए यह सप्ताह काफी अच्छा रहेगा। विवाह के नए-नए प्रस्ताव आएंगे। प्रेम संबंधों में वृद्धि एवं नए प्रेम संबंध बनना भी संभव है। आपके माता-पिता और जीवनसाथी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। भाग्य से थोड़ी मदद मिल सकती है। कचहरी के कार्यों में ध्यानपूर्वक कार्य करने से सफलता मिल सकती है। आपके स्वास्थ्य में थोड़ी खराबी हो सकती है। इस सप्ताह आपके लिए 5 और 6 तारीख कार्यों को करने के लिए उपयुक्त है। दो-तीन और चार के दोपहर तक का समय सावधान रहने का है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन लाल मसूर की दाल का दान करें तथा मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर हनुमान जी का पूजन करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

तुला राशि

इस सप्ताह आपका, आपके जीवन साथी का और माता जी तथा पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। भाग्य से मामूली मदद मिल सकती है। आपको इस सप्ताह अपने पुत्र पर ध्यान देना चाहिए। छात्रों की पढ़ाई में काफी उथल-पुथल रहेगी। शत्रुओं से संधि करने का यह सबसे अच्छा समय है। अगर आपके कोई शत्रु हैं तो आपको इस समय संधि के लिए प्रयास करना चाहिए। कचहरी के कार्यों में कोई भी रिस्क ना लें। इस सप्ताह आपके लिए सात और आठ मार्च किसी भी कार्य को करने के लिए परिणाम दायक हैं। चार-पांच और 6 तारीख को आपको होशियार रहकर कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा शनिवार को दक्षिण मुखी हनुमान जी के मंदिर में जाकर कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

वृश्चिक राशि

यह सप्ताह आपके पुत्र के लिए काफी अच्छा रहेगा। उसको तरक्की मिल सकती है। छात्रों की पढ़ाई उत्तम चलेगी। कर्मचारीयों और अधिकारियों के लिए यह सप्ताह ठीक है। उनको अपने साथियों और अधिकारियों से सहयोग प्राप्त होगा। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह थोड़ा कम ठीक है। उनके प्रतिष्ठा में कमी हो सकती है। इस सप्ताह आपके लिए 2-3 और 4 तारीख कार्यों को करने के लिए शुभ हैं। सात और 8 तारीख को आपको कोई भी कार्य बहुत सजगता पूर्वक करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काली उड़द का दान करें तथा शनिवार को शनि मंदिर में जाकर शनि देव का पूजन करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

धनु राशि

इस सप्ताह आपके प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जनप्रतिनिधियों के लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा। उनका जन सम्मान बढ़ेगा। भाई बहनों के साथ संबंध ऊंच नीच के चलेंगे। भाग्य इस सप्ताह आपका साथ देगा। लंबी यात्रा का भी योग बन सकता है। कर्मचारीयों और अधिकारियों को इस सप्ताह सतर्क रहकर कार्य करना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए चार-पांच और 6 मार्च लाभप्रद हैं। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन रुद्राष्टक का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

मकर राशि

इस सप्ताह आपके पास धन आने की उम्मीद है। मात्र थोड़ी कम हो सकती है। भाई बहनों के साथ संबंध ठीक रहेगा। आपके पराक्रम में वृद्धि होगी। पेट के रोग में आराम मिल सकता है। आपको अपने संतान से इस सप्ताह कोई सहयोग प्राप्त नहीं हो पाएगा। भाग्य से कोई विशेष मदद नहीं मिलेगी। इस सप्ताह आपके लिए 7 और 8 तारीख कार्यों को करने के लिए उचित हैं। दो-तीन और चार तारीख को आपको सचेत रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

कुंभ राशि

आपके थोड़े से प्रयासों से ही इस सप्ताह आपके पास धन अच्छी मात्रा में आ सकता है। आपको इस सप्ताह अपने प्रतिष्ठा के प्रति सतर्क रहना चाहिए। जीवनसाथी का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। माता और पिताजी का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। आपको अपने संतान से सहयोग प्राप्त हो सकता है। दुर्घटनाओं के प्रति सतर्क रहें। इस सप्ताह आपके लिए दो-तीन और चार तारीख के दोपहर तक का समय परिणाम दायक है। चार की दोपहर के बाद से लेकर 5 और 6 तारीख को आपको होशियार रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक तथा रुद्राष्टक का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

मीन राशि

इस सप्ताह आपका आत्मविश्वास काफी अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। अपने आत्मविश्वास के कारण आप कई स्थानों पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं। आपका और आपके माता-पिता जी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। जीवनसाथी को थोड़ी परेशानी हो सकती है। कचहरी के काम कार्यों में बहुत सावधान रहें। इस सप्ताह आपके लिए चार की दोपहर के बाद से लेकर 5 और 6 तारीख कार्यों को करने के लिए उचित हैं। सप्ताह के बाकी दिनों में आपको सजग रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

आईये अब हम श्रीहनुमान चालीसा के आज की दूसरी चौपाई के बारे में चर्चा करते हैं।

आज की दूसरी चौपाई है:-

“महाबीर बिक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी। “

इस चौपाई के संपुट पाठ करने से व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक होती है।

ध्यान दें कि यह सामान्य भविष्यवाणी है। अगर आप व्यक्तिगत और सटीक भविष्वाणी जानना चाहते हैं तो आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है या आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें। जय मां शारदा।

 

 राशि चिन्ह साभार – List Of Zodiac Signs In Marathi | बारा राशी नावे व चिन्हे (lovequotesking.com)

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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हिन्दी साहित्य – आलेख ☆ विवाह बाधा योग और दूर करने के उपाय ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

☆ आलेख ☆ विवाह बाधा योग और दूर करने के उपाय ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

अपने समाज पर दृष्टि डालने पर हम पाते हैं कि अधिकांश माता-पिता अपने बच्चों के विवाह को लेकर बहुत चिंतित रहते हैं। अगर बच्चों ने लव मैरिज भी कर ली है तो उनका वैवाहिक जीवन ठीक चलेगा या नहीं इसका भी माता-पिता को काफी चिंता रहती है। उनकी चिंता को दूर करने के लिए अगर हम बालक और बालिका के कुंडली का विश्लेषण करें तो हम आसानी से पता कर सकते हैं कि उनके विवाह में देरी या वैवाहिक जीवन ठीक से न चलने का क्या कारण है। इसके अलावा हम यह भी जान सकते हैं कि विवाह हो तथा वैवाहिक जीवन ठीक चले इसके लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए। आइये आज हम इसी पर चर्चा करते हैं।

विवाह होने में होने वाली परेशानी तथा वैवाहिक जीवन की परेशानी का मुख्य कारण विवाह बाधा योग है।

 विवाह बाधा योग लड़के, लड़कियों की कुंडलियों में समान रूप से लागू होते हैं, अंतर केवल इतना है कि लड़कियों की कुंडली में गुरू की स्थिति पर विचार तथा लड़कों की कुंडलियों में शुक्र की विशेष स्थिति पर विचार करना होता है।

(1) यदि कुंडली में सप्तम भाव ग्रह रहित हो और सप्तमेश बलहीन हो, सप्तम भाव पर शुभ ग्रहों की दृष्टि न हो तो, ऐसे जातक को अच्छा पति/पत्नी मिल पाना संभव नहीं हो पाता है।

(2) सप्तम भाव में बुध-शनि की युति होने पर भी दाम्पत्य सुख की हानि होती है। सप्तम भाव में यदि सूर्य, शनि, राहू-केतू आदि में से एकाधिक ग्रह हों अथवा इनमें से एकाधिक ग्रहों की दृष्टि हो तो भी दाम्पत्य सुख बिगड़ जाता है।

(3) यदि कुण्डली में सप्तम भाव पर शुभाशुभ ग्रहों का प्रभाव हो तो पुनर्विवाह की संभावना रहती है। नवांश कुंडली में यदि मंगल या शुक्र का राशि परिवर्तन हो, या जन्म कुंडली में चंद्र, मंगल, शुक्र संयुक्त रूप से सप्तम भाव में हों, तो ये योग चरित्रहीनता का कारण बनते हैं, और इस कारण दाम्पत्य सुख बिगड़ सकता है।

(4) यदि जन्मलग्न या चंद्र लग्न से सातवें या आठवें भाव में पाप ग्रह हों, या आठवें स्थान का स्वामी सातवें भाव में हो, तथा सातवें भाव के स्वामी पर पाप ग्रहों की दृष्टि हो, तो दाम्पत्य जीवन सुखी होने में बहुत बाधाएं आती हैं।

(5) यदि नवम भाव या दशम भाव के स्वामी, अष्टमेश या षष्ठेश के साथ स्थित हों, तो दांपत्य जीवन में दरार आ सकती है।

(6) अगर लग्नेश तथा शनि बलहीन हों, चार या चार से अधिक ग्रह कुंडली में कहीं भी एक साथ स्थित हों अथवा द्रेष्काण कुंडली में चन्द्रमा शनि के द्रेष्काण में गया हो, और नवांश कुंडली में मंगल के नवांश में शनि हो, और उस पर मंगल की दृष्टि हो तो तो भी वैवाहिक जीवन में विभिन्न परेशानियां आती हैं।

(7) अगर सूर्य, गुरू, चन्द्रमा में से एक भी ग्रह बलहीन होकर लग्न में दशम में, या बारहवें भाव में हो और बलवान शनि की पूर्ण दृष्टि में हो, तो ये योग जातक या जातिका को सन्यासी प्रवृत्ति देते हैं, या फिर वैराग्य भाव के कारण अलगाव की स्थिति आ जाती है, और विवाह की ओर उनका लगाव बहुत कम होता है।

(8) यदि लग्नेश भाग्य भाव में हो तथा नवमेश पति स्थान में स्थित हो, तो ऐसी लड़की भाग्यशाली पति के साथ स्वयं भाग्यशाली होती है। उसको अपने कुटुम्बी सदस्यों द्वारा एवं समाज द्वारा पूर्ण मान-सम्मान दिया जाता है। इसी प्रकार यदि लग्नेश, चतुर्थेश तथा पंचमेश त्रिकोण या केंद्र में स्थित हों तो भी उपरोक्त फल प्राप्त होता है।

 (9) यदि सप्तम भाव में शनि और बुध एक साथ हों और चंद्रमा विषम राशि में हो, तो दाम्पत्य जीवन कलहयुक्त बनता है और अलगाव की संभावना होती है।

 (10) यदि जातिका की कुुण्डली में सप्तम भाव, सप्तमेश एवं गुरू तथा जातक की कुण्डली में सप्तम भाव सप्तमेश एवं शुक्र पाप प्रभाव में हों, तथा द्वितीय भाव का स्वामी छठवें, आठवें या बारहवें भाव में हो, तो इस योग वाले जातक-जातिकाओं को अविवाहित रह जाना पड़ता है।

 (11) शुक्र, गुरू बलहीन हों या अस्त हों, सप्तमेश भी बलहीन हो या अस्त हो, तथा सातवें भाव में राहू एवं शनि स्थित हों, तो विवाह होने में बहुत परेशानी होती है।

 (12) लग्न, दूसरा भाव और सप्तम भाव पाप ग्रहोें से युक्त हों, और उन पर शुभ ग्रह की पूर्ण दृष्टि न हो, तो भी विवाह होने में बहुत ज्यादा परेशानी हो सकती है।

 (13) यदि शुक्र, सूर्य तथा चंद्रमा पुरूषों की कुंडली में तथा सूर्य, गुरू, चंद्रमा, महिलाओं की कुंडली में एक ही नवांश में हों, तथा छठवें, आठवें तथा बारहवें भाव में हों, तो भी विवाह मैं बहुत बाधा आती है।

इस प्रकार ज्योतिषीय ग्रंथों में अनेकानेक कुयोग मिलते हैं जो या तो विवाह होने ही नहीं देते हैं, अथवा विवाह हो भी जाये तो दाम्पत्य सुख को तहस-नहस कर देते हैं।

इस प्रकार के समस्याओं से निपटने के लिए पूरी कुंडली का विश्लेषण करना आवश्यक होता है। पूरी कुंडली के विश्लेषण के पश्चात उचित पूजा पाठ या अन्य प्रभावी उपाय किए जा सकते हैं।

अगर आप पूरी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहते हैं आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है कि आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें।

 विवाह बाधा योग को दूर करने के उपाय:-

1- नारी जातक के लिए पुखराज का पहनना एक अच्छा उपाय है।

2- पुरुष जातक के लिए हीरे की अंगूठी पहनना भी अच्छा उपाय हो सकता है।

3- सप्तमेश की पूजा करना या सप्तमेश के लिए उपयुक्त रत्न को धारण करना एक अच्छा उपाय है।

4- शनि, राहु, केतु और मंगल की बुरी दृष्टि होने के कारण विवाह बाधा योग बनने पर इन ग्रहों की पूजा करना एक अच्छा विकल्प होता है।

5- अगर ये उपाय काम नहीं करते हैं तो मेरे पास जातक की डिटेल भेज कर उपाय प्राप्त किया जा सकता है। परंतु इसके लिए पहले जातक का आसरा ज्योतिष में दूरभाष क्रमांक 89 59594400 पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।

 

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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ज्योतिष साहित्य ☆ श्राद्ध पक्ष विवरण ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। आज प्रस्तुत है आज से प्रारम्भ होने वाले श्राद्ध पक्ष संबंधी आवश्यक जानकारी ) 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ 🙏 श्राद्ध पक्ष विवरण🙏 ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

सन्—2023 (पिंगल नाम संवत् -2080)

दिनाँक-29 सितम्बर-2023 ( शुक्रवार ) – पूर्णिमा एंव प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध प्रोष्टपदी-महालय श्राद्ध प्रारम्भ

दिनाँक-30 सितम्बर-2023 ( शनिवार ) – द्वितीया तिथि का श्राद्ध

दिनाँक-01 अक्टूबर-2023 ( रविवार ) – तृतीया तिथि  का श्राद्ध

दिनाँक-02 अक्टूबर-2023 ( सोमवार ) – चतुर्थी तिथि का श्राद्ध  { भरणी श्राद्ध }

दिनाँक-03 अक्टूबर-2023 ( मंगलवार ) – पंचमी तिथि का श्राद्ध

दिनाँक-04 अक्टूबर-2023 ( बुधवार ) – षष्ठी तिथि  का श्राद्ध

दिनॉंक-05 अक्टूबर-2023 ( गुरूवार ) – सप्तमी तिथि का श्राद्ध

दिनाँक-06 अक्टूबर-2023 ( शुक्रवार ) – अष्टमी का श्राद्ध

दिनाँक-07 अक्टूबर-2023 ( शनिवार ) – नवमी तिथि का श्राद्ध-सौभाग्यवतीनां श्राद्ध,{ सौभाग्यवती स्त्री का श्राद्ध सर्वदा नवमी में किया जाता है,भले ही उसकी मृत्युतिथि कोई भी हो }

दिनाँक-08 अक्टूबर-2023 ( रविवार ) – दशमी तिथि का श्राद्ध

दिनाँक-09 अक्टूबर-2023 ( सोमवार ) – एकादशी तिथि का श्राद्ध

दिनाँक-10 अक्टूबर-2023 ( मंगलवार ) – मघा श्राद्ध { किसी तिथि का श्राद्ध नहीं होगा }

दिनाँक-11 अक्टूबर-2023 ( बुधवार ) – द्वादशी तिथि का श्राद्ध ( संन्यासीनां श्राद्ध-संन्यासी का श्राद्ध हमेशा द्वादशी में ही किया है,भले ही उसकी मृत्युतिथि कोई भी क्यों न हो॥}

दिनाँक-12 अक्टूबर-2023 ( गुरूवार ) – त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध

दिनॉंक-13 अक्टूबर-2023 ( शुक्रवार ) – चतुर्दशी तिथि को शस्त्र,विष,दुर्घटनादि ( अपमृत्यु ) से मृतकों का श्राद्ध किया जाता है।उनकी मृत्यु चाहे किसी भी तिथि मे हुई हो।चतुर्दशी तिथि मे सामान्य स्वाभाविक मृत्यु-  वालो का श्राद्ध भी अमावस्या मे करने का शास्त्रों मे विधान है }

दिनॉंक-14 अक्टूबर-2023 ( शनिवार ) – चतुर्दशी/अमावस्या तिथि का श्राद्ध / अज्ञात तिथि वालो का श्राद्ध/सर्व पितृ श्राद्ध (पितृ विसर्जन-श्राद्ध सम्पन्न)

दिनॉंक-15 अक्टूबर-2023 ( रविवार ) – { विशेष :- नाना/नानी ( मातामह ) श्राद्ध }

🚩धर्म की जय हो🚩

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

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≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय  ≈

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ज्योतिष साहित्य ☆ आलेख – ब्रह्मांड एवं पृथ्वी – वैज्ञानिक एवं ज्योतिषीय गणना ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? आप समय समय पर ज्योतिष विज्ञान संबंधी विशेष जानकारियाँ भी आपसे साझा करते  रहते हैं । इसी कड़ी में आज प्रस्तुत है आपका विशेष आलेख ब्रह्मांड एवं पृथ्वी – वैज्ञानिक एवं ज्योतिषीय गणनाआपकी प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ ब्रह्मांड एवं पृथ्वी – वैज्ञानिक एवं ज्योतिषीय गणना ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆  

वैज्ञानिक पृथ्वी पर हुई घटनाओं की गणना चार प्रकार से करते हैं। पहली गणना परतदार चट्टानों के निर्माण की गति से की जाती है। इस गणना के अनुसार पृथ्वी की आयु 5 करोड़ 42 लाख वर्ष होती है जिसे कि वैज्ञानिकों ने बाद में अमान्य कर दिया।

दूसरी प्रक्रिया है जिसमें पृथ्वी के तापमान को आधार  बना करके पृथ्वी की आयु निकाली गई और यह 10 वर्ष करोड़ वर्ष प्राप्त हुई। इसे भी वैज्ञानिकों द्वारा अमान्य कर दिया गया।

तीसरी प्रक्रिया के अनुसार रेडियो सक्रिय तत्वों के विघटन के आधार पर पृथ्वी की आयु निकाली गई है वर्तमान में इसे प्रमाणिक माना जा रहा है। इसके अनुसार पृथ्वी के पहले योग जिसे हैडियन युग कहा जाता है 4.53 Ga वर्ष पहले हुआ था। हैडियन युग में ही पृथ्वी का एक भाग अंतरिक्ष में उछल गया और वह चंद्रमा कहलाया। हेडियन युग के दौरान पृथ्वी की सतह पर लगातार उल्कापात होता रहा और बड़ी मात्रा में उष्मा के प्रभाव तथा भू-उष्मीय अनुपात के कारण ज्वालामुखियों का विस्फोट हुआ और जर्कान कण बने। इस युग का अंत 3.8 Ga के आस पास हुआ। रेडियोएक्टिव पदार्थों के अर्धवार्षिक आयु के गणना से पृथ्वी की आयु 4.54 अरब वर्ष पहले हुई। चंद्रमा की आयु 4.52 या 4.48 अरब वर्ष मानी जाती है।

पृथ्वी पर जीवन का प्रारंभ लुका कोशिका द्वारा 3.5 अरब वर्ष पहले माना जाता है। इसका अर्थ है पहला जीवन लुका कोशिका का था जो कि 3.5 अरब वर्ष पहले हुआ था। यह लुका कोशिका आज के पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीवित पदार्थों का पूर्वज है।

इसके उपरांत प्रोटेरोज़ोइक युग आया। यह युग 2.5 अरब वर्ष से 54.2 करोड़ वर्ष तक चला। इस समयावधि में पृथ्वी पर दो भीषण हिमयुग आए और पृथ्वी पर ऑक्सीजन का वातावरण निर्मित हुआ। जीवन की गति प्रारंभ हुई। इसके उपरांत निम्नानुसार जीवन की गति बढ़ी।

  1. 54.2 से 48.8 करोड़ वर्ष के बीच में जीवन की उत्पत्ति अत्यंत तीव्र गति  से हुई और मछली की तरह के किसी जन्तु का प्रादुर्भाव हुआ।
  2. 38.0 से 37.5 करोड़ों वर्ष के बीच चतुर प्राणी का विकास हुआ।
  3. 36.5 करोड़ वर्ष पर वनस्पतियां बनी।
  4. 25.0 से 15.7 करोड़ वर्ष के बीच डायनासोर बने।
  5. 60 करोड़ से  20 करोड़ वर्ष के बीच वानर से मानव का विकास हुआ।
  6. 200000 वर्ष पूर्व वर्तमान मानव अस्तित्व में आया।

अब हम विभिन्न धर्मों के अनुसार पृथ्वी के आयु के बारे में चर्चा करते हैं।

ईसाई धर्म के अनुसार आदम से लेकर ईसा मसीह तक समस्त ईश्वर के पैगंबर की उम्र की गणना अगर की जाए तो 3572 वर्ष + 2022 वर्ष पूर्व आदम इस धरती पर आए थे। इसके अलावा ईसाई धर्म के अन्य विचारधारा के अनुसार 7200 वर्ष पूर्व पैगंबर आदम इस धरती पर आए थे। अर्थात मानव 7200 वर्ष पहले धरती पर आया था।

इस्लाम धर्म में सीधे-सीधे कहीं भी नहीं लिखा गया है कि पृथ्वी कितने साल पुरानी है।

अब हम हिंदू धर्म के अनुसार पृथ्वी के आयु के बारे में चर्चा करेंगे और विज्ञान से इसकी तुलना करेंगे।

भारतीय ज्योतिष विज्ञान के अनुसार समय की गणना एक महत्वपूर्ण कार्य है। किसी भी हिंदू आयोजन में सबसे पहले संकल्प किया जाता है जिसमें संकल्प का समय एवं स्थान आदि पूर्णतया परिभाषित होता है। संकल्प लेने का यह कार्य  वैदिक परंपरा के प्रारंभ से ही हो रहा है। संकल्प निम्नानुसार होता है।

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णु:। श्रीमद्भगवतो महापुरुषस्य विष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य अद्यैतस्य ब्रह्मणोह्नि द्वितीये परार्धे श्रीश्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे युगे कलियुगे कलिप्रथमचरणे भूर्लोके भारतवर्षे जम्बूद्विपे भरतखण्डे आर्यावर्तान्तर्गतब्रह्मावर्तस्य ………… क्षेत्रे ………… मण्डलान्तरगते ………… नाम्निनगरे (ग्रामे वा) श्रीगड़्गायाः ………… (उत्तरे/दक्षिणे) दिग्भागे देवब्राह्मणानां सन्निधौ श्रीमन्नृपतिवीरविक्रमादित्यसमयतः ……… संख्या -परिमिते प्रवर्त्तमानसंवत्सरे प्रभवादिषष्ठि -संवत्सराणां मध्ये ………… नामसंवत्सरे, ………… अयने, ………… ऋतौ, ………… मासे, ………… पक्षे, ………… तिथौ, ………… वासरे, ………… नक्षत्रे, ………… योगे, ………… करणे, ………… राशिस्थिते चन्द्रे, ………… राशिस्थितेश्रीसूर्ये, ………… देवगुरौ शेषेशु ग्रहेषु यथायथा राशिस्थानस्थितेषु सत्सु एवं ग्रहगुणविशेषणविशिष्टायां शुभपुण्यतिथौ ………… गोत्रोत्पन्नस्य ………… शर्मण: (वर्मण:, गुप्तस्य वा) सपरिवारस्य ममात्मन: श्रुति-स्मृति-पुराणोक्त-पुण्य-फलावाप्त्यर्थं ममऐश्वर्याभिः वृद्धयर्थं।

संकल्प में पहला शब्द  द्वितीये परार्धे आया है। श्रीमद भगवत पुराण के अनुसार ब्रह्मा जी की आयु 100 वर्ष की है जिसमें से पूर्व परार्ध अर्थात 50 वर्ष बीत चुके हैं तथा दूसरा परार्ध प्रारंभ हो चुका है। त्रैलोक्य की सृष्टि ब्रह्मा जी के दिन प्रारंभ होने से होती है और दिन समाप्त होने पर उतनी ही लंबी रात्रि होती है। एक दिन एक कल्प कहलाता है।

यह एक दिन 1. स्वायम्भुव, 2. स्वारोचिष, 3. उत्तम, 4. तामस, 5. रैवत, 6. चाक्षुष, 7. वैवस्वत, 8. सावर्णिक, 9. दक्ष सावर्णिक, 10. ब्रह्म सावर्णिक, 11. धर्म सावर्णिक, 12. रुद्र सावर्णिक, 13. देव सावर्णिक और 14. इन्द्र सावर्णिक- इन 14 मन्वंतरों में विभाजित किया गया है। इनमें से 7वां वैवस्वत मन्वंतर चल रहा है। 1 मन्वंतर 1000/14 चतुर्युगों के बराबर अर्थात 71.42 चतुर्युगों के बराबर होती है।

यह भिन्न संख्या पृथ्वी के 27.25 डिग्री झुके होने और 365.25 दिन में पृथ्वी की परिक्रमा करने के कारण होती है। दशमलव के बाद के अंक को सिद्धांत के अनुसार दो मन्वन्तर के बीच के काल के अनुसार  जिसका परिमाण 4,800 दिव्य वर्ष (सतयुग काल) माना गया है। इस प्रकार मन्वंतरों का काल=14*71=994 चतुर्युग हुआ।

हम जानते हैं कि कलयुग 432000 वर्ष का होता है इसका दोगुना द्वापर युग 3 गुना त्रेतायुग एवं चार गुना सतयुग होता है। इस प्रकार एक महायुग 43 लाख 20 हजार वर्ष का होता है।

71 महायुग मिलकर एक मन्वंतर बनाते हैं जोकि 30 करोड़ 67 लाख 20 हजार वर्ष का हुआ। प्रलयकाल या संधिकाल जो कि हर मन्वंतर के पहले एवं बाद में रहता है 17 लाख 28 हजार वर्ष का होता है। 14 मन्वन्तर मैं 15 प्रलयकाल होंगे अतः प्रलय काल की कुल अवधि 1728000 *15 = 25920000 होगा। 14 मन्वंतर की अवधि 306720000 * 14 = 4294080000 होगी और एक कल्प की अवधि इन दोनों का योग 4320000000 होगी। जोकि ब्रह्मा का 1 दिन रात है। ब्रह्मा की कुल आयु (100 वर्ष) = 4320000000 * 360 * 100 = 155520000000000 = 155520 अरब वर्ष होगी। यह ब्रह्मांड और उसके पार के ब्रह्मांड का कुल समय होगा। वर्तमान विज्ञान को यह ज्ञात है कि ब्रह्मांड के उस पार भी कुछ है परंतु क्या है यह वर्तमान विज्ञान को अभी ज्ञात नहीं है।

अब हम पुनः एक बार संकल्प को पढ़ते हैं जिसके अनुसार वैवस्वत मन्वन्तर चल रहा है अर्थात 6 मन्वंतर बीत चुके हैं सातवा मन्वंतर चल रहा है। पिछले गणना से हम जानते हैं की एक मन्वंतर 306720000 वर्ष का होता है। छह मन्वंतर बीत चुके हैं अर्थात 306720000 * 6 = 1840320000 वर्ष बीत चुके हैं। इसमें सात प्रलय काल और जोड़े जाने चाहिए अर्थात (1728000 * 7) 12096000 वर्ष और जुड़ेंगे इस प्रकार कुल योग  (1840320000 + 12096000) 1852416000 वर्ष होता है।

हम जानते हैं एक मन्वंतर 71 महायुग का होता है जिसमें से 27 महायुग बीत चुके हैं। एक महायुग 4320000 वर्ष का होता है इस प्रकार 27 महायुग (27*4320000) 116640000 वर्ष के होंगे। इस अवधि को भी हम बीते हुए मन्वंतर काल में जोड़ते हैं (1852416000+116640000) तो ज्ञात होता है कि 1969056000 वर्ष बीत चुके हैं।

28 वें महायुग के कलयुग का समय जो बीत चुका है वह (सतयुग के 1728000 + त्रेता युग 1296000+ द्वापर युग 864000) = 3888000 वर्ष होता है। इस अवधि को भी हम पिछले बीते हुए समय के साथ जोड़ते हैं (1969056000 + 3888000 ) और संवत 2079 कलयुग के 5223 वर्ष बीत चुके हैं।

अतः हम बीते गए समय में कलयुग का समय भी जोड़ दें तो कुल योग 1972949223 वर्ष आता है। इस समय को हम 1.973 Ga वर्ष भी कह सकते हैं।

ऊपर हम बता चुके हैं कि आधुनिक विज्ञान के अनुसार पृथ्वी का प्रोटेरोज़ोइक काल 2.5 Ga से 54.2 Ma वर्ष तथा और इसी अवधि में पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति हुई है। इन दोनों के मध्य में भारतीय गणना अनुसार आया हुआ समय 1.973 Ga वर्ष भी आता है। जिससे स्पष्ट है कि भारत के पुरातन वैज्ञानिकों ने पृथ्वी पर जीवन के प्रादुर्भाव की जो गणना की थी वह बिल्कुल सत्य है।

आधुनिक वैज्ञानिकों के अनुसार सूर्य 4.603 अरब वर्ष पहले अपने आकार में आया था। इसी प्रकार पृथ्वी 4.543 अरब वर्ष पहले अपने आकार में आई थी।

हमारी आकाशगंगा 13.51 अरब वर्ष पहले बनी थी। अभी तक ज्ञात सबसे उम्रदराज वर्लपूल गैलेक्सी 40.03 अरब वर्ष पुरानी है। विज्ञान यह भी मानता है कि इसके अलावा और भी गैलेक्सी हैं जिनके बारे में अभी हमें ज्ञात नहीं है। हिंदू ज्योतिष के अनुसार ब्रह्मा जी की आयु 155520 अरब वर्ष की है जिसमें से आधी बीत चुकी है। यह स्पष्ट होता है कि ज्योतिषीय संरचनाओं ने  77760 अरब वर्ष पहले आकार लिया था और कम से कम इतना ही समय अभी बाकी है।

आपसे अनुरोध है कि कृपया इस पर अपनी प्रतिकृया अवश्य दें ।  इस पर अगर आपको कोई  संदेह है तो कृपया आवश्यक रूप से बताएं जिससे उसे दूर किया जा सके।

जय मां शारदा।

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ वार्षिक राशिफल 2023 ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆ – शीघ्र प्रकाश्य 

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ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

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ज्योतिष साहित्य ☆ धन्वंतरी जयंती या धन त्रयोदशी ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ धन्वंतरी जयंती या धन त्रयोदशी ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

भारतीय परंपरा का पावन त्यौहार धन्वंतरी जयंती या धन त्रयोदशी निकट है । आज मैं आप सभी को इसके महत्व के बारे में बताऊंगा।

दीपावली पांच पर्वों का समूह है जोकि धनतेरस  से प्रारंभ होता है ।

धनतेरस को धनत्रयोदशी धन्वंतरि जयंती या यम त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है । 

धनतेरस को मनाने के लिए के बारे में दो अलग-अलग कथाएं हैं ।

पहली कथा के अनुसार इसी दिन समुंद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत लेकर प्रकट हुए थे । अर्थात इस दिन मानव जाति को अमृत रूपी  औषध प्राप्त हुई थी । इस औषध की एक बूंद ही व्यक्ति के मुख में जाने से  व्यक्ति की कभी भी मृत्यु नहीं होती है । अगर हम आज के संदर्भ में बात करें एक ऐसी वैक्सीन की खोज हुई थी जिसके एक बूंद में  मात्र से व्यक्ति को कभी कोई रोग नहीं हो सकता है ।

दूसरी कथा के अनुसार यमदेव ने एक चर्चा के दौरान बताया है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को रात्रि के समय  पूजन एवं दीपदान को विधि पूर्वक पूर्ण करने से अकाल मृत्यु से छुटकारा मिलता है । इसमें दीपक और पूजन का महत्व बताया गया है । अगर हम वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो यम देव ने संभवत एक ऐसे तेल का आविष्कार किया था जिसका दीप बनाकर प्रयोग करने  से उस दीप की लौ से निकलने वाले गैस को ग्रहण करने से अकाल मृत्यु से व्यक्ति को छुटकारा मिलता था ।  अगर हम ध्यान दें तो इन दोनों कथाओं का संबंध व्यक्ति के स्वास्थ्य से है ।

अगर हम इस त्योहार को सामान्य दृष्टिकोण से देखें तो हम पाते हैं कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तक वर्षा ऋतु समापन पर आ जाती है और इस दिन भी प्रकार की पूजा पाठ करने से तथा दीपक जलाने से विभिन्न प्रकार के कीट पतंगों का जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हैं नष्ट करने में हमें मदद मिलती है।

जैन आगम में धनतेरस को ‘धन्य तेरस’ या ‘ध्यान तेरस’ भी कहते हैं। भगवान महावीर इस दिन तीसरे और चौथे ध्यान में जाने के लिये योग निरोध के लिये चले गये थे। तीन दिन के ध्यान के बाद योग निरोध करते हुये दीपावली के दिन निर्वाण को प्राप्त हुये। तभी से यह दिन धन्य तेरस के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

 धन्वन्तरि जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथो में अमृत से भरा कलश था। भगवान धन्वन्तरि चूँकि कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए ही इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है। कहीं कहीं लोकमान्यता के अनुसार यह भी कहा जाता है कि इस दिन धन (वस्तु) खरीदने से उसमें तेरह गुणा वृद्धि होती है। इस अवसर पर लोग धनियाँ के बीज खरीद कर भी घर में रखते हैं। दीपावली के बाद इन बीजों को लोग अपने बाग-बगीचों में या खेतों में बोते हैं। धनतेरस के दिन चाँदी खरीदने की भी प्रथा है । लोग इस दिन ही दीपावली की रात लक्ष्मी, गणेश की पूजा हेतु मूर्ति भी खरीदते हैं।

आप सभी को यह जानकर प्रसन्नता होगी की धनतेरस को भारत सरकार ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मान्यता दी है।

धनत्रयोदशी रात्रि का त्यौहार है इस वर्ष जबलपुर के भुवन विजय पंचांग के अनुसार त्रयोदशी 22 अक्टूबर को सायंकाल 4:04 से प्रारंभ हो रही है और अगले दिन अर्थात 23 तारीख को दिन के 4:35 तक रहेगी । इससे यह स्पष्ट है दीपदान हेतु समय 22 अक्टूबर को सायंकाल 4:04 के बाद ही प्रारंभ होगा । उज्जैन के पुष्पांजलि पंचांग के अनुसार त्रयोदशी 22 तारीख को सायंकाल 5:56 से प्रारंभ हो रही है जो अगले दिन 23 तारीख को सायंकाल 5:58 तक रहेगी । जबलपुर के समय के अनुसार 23 तारीख को 4:30 से 4: 33 रात्रि अंत तक भद्रा रहेगी । 22 तारीख को सायंकाल का मुहूर्त ही उपयुक्त है । धनतेरस की खरीदारी 22 तारीख को सायंकाल उज्जैन के समय के अनुसार सायंकाल 5:56 से 7:29 तक तथा इसके उपरांत रात्रि 9:03 से रात्रि के 25:46  अर्थात रात्रि 1:46 तक  की जा सकती है।

पूजन मुहूर्त की गणना निर्णय सिंधु ग्रंथ के अनुसार की गई है।

मां शारदा से प्रार्थना है कि आप सभी को सुख समृद्धि और वैभव प्राप्त हो। जय मां शारदा।

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