सूचनाएँ/Information – ☆ बापू की पाती का विमोचन एवं सम्मान समारोह संपन्न ☆ श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ ☆

सूचनाएँ/Information

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

बापू की पाती का विमोचन एवं सम्मान समारोह संपन्न

सवाई माधोपुर। त्रिनेत्र गणेश की नगरी में फ़र्न रिसोर्ट होटल में बापू की पाती सहित सात पुस्तकों का विमोचन समारोह समृद्ध मंचस्थ मुख्य अतिथि- डाक अधीक्षक प्रियंका गुप्ता, वरिष्ठ साहित्यकार बजरंग सोनी, वरिष्ठ पत्रकार अशोक सक्सेना, बाल साहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय प्रकाश, गुजराती अनुवादक प्रभा पारीक, गजलकार मुजीब अता आजाद ,पुस्तक के संपादक चंद्र मोहन उपाध्याय, उपखण्ड अधिकारी कपिल शर्मा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ सूरज सिंह नेगी के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ।

इस गरिमामय कार्यक्रम का आरंभ भारतीय परंपरा अनुसार आराध्य देवी के श्री चरणों में दीप प्रज्वलित कर हुआ। तत्पश्चात छाया शर्मा द्वारा अनोखे अंदाज व लय-ताल के साथ सरस्वती वंदना का गायन किया गया। मंचासीन अतिथियों को शाल, माल्यार्पण व त्रिनेत्र गणेश जी की आकर्षक तस्वीर द्वारा स्वागत सत्कार सम्मानीय मेजबान सूरज सिंह नेगी, शिवराज कुर्मी, डॉक्टर मीणा सिरोला द्वारा भारतीय परंपरा का निर्वहन कर गरिमा पूर्ण ढंग से किया गया।

गांधीजी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं इसी को रेखांकित करते हुए नेगी जी ने अपने स्वागत भाषण में पाती मुहिम और बापू की पाती अपने सारगर्भित उद्बोधन दे कर कार्यक्रम की प्रभावशीलता में श्री वृद्धि की। वही आशा शर्मा अंशु ने अपने पुत्र की श्री वृद्धि को याद करते हुए स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर अपने हौसले को कायम रखने का भरपूर प्रयास किया है। आज समय चले गए अपने पुत्र की यादों ने उनकी आंखों के साथ-साथ श्रोताओं आंखों को भी नम कर दिया।

अब तक कार्यक्रम अपनी ऊंचाई छू रहा था। इसी को गति प्रदान करते हुए वीडियो क्लिप के  माध्यम से पाती मुहिम के अब तक के सफर को  प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया गया। तत्पश्चात पुस्तक  बापू की चिट्ठी का विमोचन   अतिथियों द्वारा  किया गया। जिसकी सारगर्भित समीक्षा जयसिंह आशावत द्वारा प्रस्तुत करके 73 पत्रों का सार संक्षेप सभी के सम्मुख पूरी सार्थकता को कायम रखते हुए प्रस्तुत किया। तत्पश्चात प्रभा पारीक द्वारा अनूदित पुस्तक-रिश्तों की आँच, के गुजराती संस्करण का अनावरण किया गया। प्रभा पारीक पुस्तक- शॉप या वरदान की कहानियां इसी दौरान विमोचन हुआ।

अशोक सक्सेना ने पाती की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि हम पाती का महत्व जानते थे पर उसे जन-जन तक पहुंचाने का काम नेगी जी ने किया है। वहीं ‘राम कथा एवं तुलसी साहित्य’ के रचनाकार देवदत्त शर्मा, अनहद नाद – भावना शर्मा की पुस्तक के विमोचन के पश्चात मुजीब अता आजाद ने गांधी जी की प्रासंगिकता व गजल से सभी का मन मोह लिया।

जिंदगीनामा की लेखिका प्रियंका गुप्ता ने पुस्तक के विमोचन के पश्चात अपनी लेखन यात्रा और डाकघर की पाती प्रतियोगिता की बेहतरीन, उम्दा जानकारी अपने रोचक अंदाज में प्रस्तुत की। बजरंग सोनी ने अपने चुटीले अंदाज, रोचक शायराना शैली से पाती मुहिम की महत्ता पर प्रकाश डाला।  वहीं ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ ने गांधीजी के प्राकृतिक सिद्धांत को रेखांकित करते हुए पाती मुहिम को रेखांकित किया है।

तत्पश्चात इंदु , प्रदीप गुप्ता की पुस्तक- गलती से मिस्टेक, के विमोचन के उपरांत प्रभा पारीक ने अपनी अनुवाद की गई पुस्तक के रोचक, खट्टे-मीठे अनुभव से सभी के मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में बापू की पाती (मेरी जुबानी) पुस्तक के पत्र लेखक सहभागियों को मंचस्थ अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र, बापू की पाती पुस्तक की लेखकीय प्रति व त्रिनेत्र गणेश जी की आकर्षक तस्वीर भेंट करके 73 रचनाकार साथियों को सम्मानित किया गया। इस समारोह का सबसे गौरवशाली क्षण था।

इस पाती मुहिम मेंअपना उल्लेखनीय योगदान देने के लिए संदीप जैन, शिवराज कुर्मी, राजेंद्र प्रसाद जैन, नीना छिब्बर, नीलम सपना शर्मा, रेखा शर्मा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रमोहन उपाध्याय ने अपने संपादकीय व नवीन सहयोगी अनुभव के साथ किया। अंत में सभी ने सहभोज के साथ इस गरिमामई कार्यक्रम से प्रस्थान कर इसका समापन किया।

 

साभार –  श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय “प्रकाश”

13-03-2022

पोस्ट ऑफिस के पास, रतनगढ़-४५८२२६ (नीमच) म प्र

ईमेल  – opkshatriya@gmail.com मोबाइल – 9424079675

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय  ≈

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सूचना/Information ☆ सम्पादकीय निवेदन – सुश्री प्रभा सोनवणे – काव्य जीवन गौरव पुरस्कार – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

💐 अ भि नं द न💐

आपल्या समुहातील ज्येष्ठ लेखिका व कवयित्री सुश्री प्रभाताई सोनवणे यांना ‘रंगत संगत प्रतिष्ठान’ तर्फे काव्य जीवन गौरव पुरस्कार नुकताच प्रदान करण्यात आला आहे.

💐 ई-अभिव्यक्ती समुहातर्फे प्रभाताईंचे मनःपूर्वक अभिनंदन आणि पुढील लेखनासाठी शुभेच्छा 💐

 

संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

 

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

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सूचना/Information ☆ सम्पादकीय निवेदन – गीतांजली भावार्थ – प्रस्तुती – सुश्री प्रेमा माधव कुलकर्णी ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

सुश्री प्रेमा माधव कुलकर्णी

? निवेदन – गीतांजली भावार्थ ?

आजपासून आम्ही वाचताना वेचलेले या सदरात, कविवर्य र. टागोर यांच्या गीतांजलीतील गीतांचा भावार्थ “गीतांजली भावार्थ” घेऊन येत आहोत. दर सोमवारी काही गीतांचा भावार्था प्रकाशित होईल. हा  भावार्थ लिहिला आहे, कै. मा. ना. कुलकर्णी यांनी आणि प्रस्तुती आहे, प्रेमा कुलकर्णी यांची.

 संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

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सूचना/Information ☆ सम्पादकीय निवेदन – सौ.ज्योत्स्ना तानवडे – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

सौ. ज्योत्स्ना तानवडे

? अभिनंदन! अभिनंदन! अभिनंदन! ?

आपल्या समुहातील लेखिका व कवयित्री सौ.ज्योत्स्ना तानवडे यांना, साकव्य विकास मंच आयोजित अभंग स्पर्धेत सर्वोत्कृष्ट अभंग पुरस्कार प्राप्त झाला आहे.

? समुहातर्फे त्यांचे मनःपूर्वक अभिनंदन आणि शुभेच्छा .?

 

संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

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सूचना/Information ☆ संपादकीय निवेदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

संपादकीय निवेदन

सौ.गौरी गाडेकर

ई-अभिव्यक्ती (मराठी) साठी येणारे साहित्य व सदरांची व्याप्ती लक्षात घेऊन, संपादकीय कामकाजाच्या सुसूत्रतेसाठी, आज दि.19/02/2022 पासून आपल्या समुहातील ज्येष्ठ लेखिका सौ.गौरी गाडेकर यांचा संपादकीय मंडळात समावेश करून घेण्यात येत आहे. ? स्वागत ?  

 संपादक मंडळ,

ई-अभिव्यक्ती (मराठी)

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

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सूचना/Information ☆ श्री सुरेश पटवा को अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन सम्मान– अभिनंदन ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

? श्री सुरेश पटवा को अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन सम्मान– अभिनंदन ☆ ☆?  

सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री सुरेश पटवा जी को साहित्य में योगदान एवं उनकी पुरस्कृत कृति महकौशल गोंडवाना का भूला बिसरा इतिहास के लिए 17 फरवरी 2022, गुरुवार को दुष्यंत संग्रहालय में अपराह्न 4.30 बजे अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन, भोपाल में  डॉ पोथुकुची साम्बा शिवाराव मेमोरियल एक्सलेन्स अवार्ड 2021 प्रदान किया जाएगा। 

 

? ई-अभिव्यक्ति की ओर से इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए श्री सुरेश पटवा जी का अभिनंदन एवं हार्दिक बधाई ?

 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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सूचना/Information ☆ सम्पादकीय निवेदन – सौ. सावित्री जगदाळे – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

सौ. सावित्री जगदाळे

? अभिनंदन! अभिनंदन! अभिनंदन! ?

आपल्या समुहातील लेखिका व कवयित्री सौ.सावित्री जगदाळे  यांचे किशोरवयीन मुलांसाठीचे ‘जंगलवाटा हे पुस्तक नुकतेच प्रकाशित झाले आहे .

आपल्या समुहातर्फे त्यांचे हार्दिक अभिनंदन व पुढील लेखनासाठी शुभेच्छा. ?

संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे ≈

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सूचना/Information ☆ सम्पादकीय निवेदन – सौ.ज्योत्स्ना तानवडे – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

सौ.ज्योत्स्ना तानवडे

? अ भि नं द न ?

साकव्य विकास मंच,पुणे यांनी आयोजित केलेल्या लेखन स्पर्धेत वरील लेखाला  उत्तेजनार्थ पारितोषिक प्राप्त झाले आहे.

 

समुहातर्फे सौ. तानवडे यांचे हार्दिक अभिनंदन आणि पुढील लेखनासाठी शुभेच्छा.! ? मनःपूर्वक अभिनंदन ? 

 

संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे ≈

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सूचना/Information ☆ सबसे ज़्यादा अकादमिक प्रमाणपत्र अर्जित कर डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी का नाम वर्ल्डस ग्रेटेस्ट रिकार्ड्स दर्ज ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

☆ सबसे ज़्यादा अकादमिक प्रमाणपत्र अर्जित कर डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी का नाम वर्ल्डस ग्रेटेस्ट रिकार्ड्स दर्ज ☆

? अभिनंदन  ?  

उदयपुर के डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी ने सबसे ज़्यादा अकादमिक प्रमाणपत्र अर्जित कर वर्ल्डस ग्रेटेस्ट रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया
डॉ. छतलानी ने विद्यापीठ को गर्वित किया: प्रो. सारंगदेवोत

लॉकडाउन का सदुपयोग

उदयपुर, किसी बेहतरीन कार्य को करने के लिए यदि ठान लिया जाए तो हर समय व परिस्थिति अनुकूल हो जाती हैं। यह संभव कर दिखाया है उदयपुर, राजस्थान के डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी ने, जिन्होंने लॉकडाउन के समय का सदुपयोग करते हुए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तरीय संगठनों यथा माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, सिस्को, विश्व स्वास्थ्य संगठन आदि द्वारा विविध अकादमिक विषयों व कार्यकर्मों के ऑनलाइन माध्यम से एक हज़ार से अधिक प्रमाणपत्र अर्जित किए। अंतरराष्ट्रीय संगठन वर्ल्डस ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड्स, जो प्रमाणीकरण के साथ दुनिया भर के असाधारण रिकॉर्ड्स को सूचीबद्ध और सत्यापित करता है, द्वारा छतलानी को शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की उच्चतम संख्या के वैश्विक स्तर पर रिकॉर्ड स्थापित करने की मान्यता प्रदान की गई है। यह प्रमाणपत्र वर्ल्डस ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड्स के अधिनिर्णायक द्वारा प्रदान किया गया।

डॉ. चंद्रेश ने कोरोना से लड़ते हुए दो साहित्यिक पुस्तकों का सम्पादन करने के साथ-साथ शैक्षिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण रणनीतियां व योजनाएं भी स्वतंत्र रूप से बनाई और देश के लॉकडाउन में ‘कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के समय कर्मचारियों/शिक्षकों की मानसिकता पर प्रभाव’ विषय पर राष्ट्रीय स्तर का शोधकार्य भी सफलता पूर्वक संपन्न किया। उन्हें कोरोना यौद्धा सहित कई अन्य सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं। वे राजस्थान विद्यापीठ में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं।

विद्यापीठ के कुलपति प्रो. कर्नल एस.एस. सारंगदेवोत ने डॉ. छतलानी को बधाई देते हुए कहा कि छतलानी विश्वविद्यालय का गौरव हैं और उनके द्वारा किए जा रहे कार्य न केवल विश्वस्तरीय बल्कि अनुकरणीय भी हैं। वे कम्प्यूटर विज्ञान के प्रख्यात ज्ञाता व शोधकर्ता होने के साथ-साथ एक अच्छे साहित्यकार भी हैं। कोविड के बाद लम्बी बीमारी से संघर्षरत होने के बावजूद भी उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है, जो उनकी प्रतिबद्धता को जाहिर करता है। छतलानी ने स्वतंत्र रूप से 140 से अधिक सॉफ्टवेयर व वेबसाइट का निर्माण भी किया है और वे  विश्वविद्यालय के शोध को उन्नत करने हेतु साहित्यिक चोरी पकड़ने के सॉफ्टवेयर का प्रबंधन भी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त विद्यापीठ के कई प्रमुख कार्यों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

इससे पूर्व डॉ. छतलानी को शिक्षा, शोध व साहित्य के क्षेत्र में योगदान के बीस सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, उन्होंने नौ पुस्तकों का लेखन व सात का संपादन किया है, साथ ही उनके 27 शोध पत्र प्रकाशित व 40 अन्य शोध पत्र राष्ट्रीय-अतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में प्रस्तुत हुए हैं।


साभार – डॉ. घनश्याम सिंह भीण्डर, जनसम्पर्क अधिकारी


? ई-अभिव्यक्ति की ओर से इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी जी  का अभिनंदन एवं हार्दिक बधाई ?

 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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सूचनाएँ/Information ☆ ☆ मण्डला जिले के गौरव सुप्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ राम कृष्ण पाण्डेय नहीं रहे ☆ ☆

स्व डॉ राम कृष्ण पाण्डेय

  ? मण्डला जिले के गौरव सुप्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ राम कृष्ण पाण्डेय नहीं रहे ?

उन आँखों में झांक के देखो तो सही ,
प्यार झलकता है की नहीं ।
एक कदम बढ़ा के देखो तो सही ,
राह मिलती है की नहीं ।
– श्री जय प्रकाश पाण्डेय 

(यह अत्यंत दुख की बात है कि श्री जय प्रकाश पाण्डेय जी, संपादक ई-अभिव्यक्ति (हिन्दी) के बड़े भाई साहब आदरणीय डॉ राम कृष्ण पाण्डेय जी का कल हृदयघात से विगत दिवस निधन हो गया।)

अद्वितीय प्रतिभा के धनी डॉ राम कृष्ण पाण्डेय जी का जन्म भीखमपुर (निवास) में जन्म हुआ था। जीवन के प्रारम्भ से ही संघर्षरत रह कर वे न केवल आगे बढ़े अपितु कई लोगों के प्रेरणास्रोत भी रहे। आपने अपने समय में मेट्रिक में मेरिट लिस्ट में आकार मंडला जिले का नाम रोशन किया था।

आपने जबलपुर विश्वविद्यालय से एम.ए. में स्वर्ण पदक प्राप्त करने के पश्चात ‘महात्मा गांधी जी के निजी सचिव’ एवं पूर्व सांसद डॉ महेश दत्त मिश्र जी के निर्देशन में “भारतीय संसदीय प्रणाली” में पी एच डी की उपाधि प्राप्त किया। तत्पश्चात “इंडियन प्राइम मिनिस्टर थ्योरी एंड प्रेक्टिस” पर डी लिट की उपाधि प्राप्त किया। बाद में प्रधानमंत्री के विशेष राजनैतिक सलाहकार  रहे। कम्युनिकेशन आफ इंडिया के निदेशक रहे। देश भर के आकाशवाणी केन्द्रों के लिए प्रोग्राम पालिसी बनाने वाले विभाग “श्रोता अनुसंधान” में डिप्टी डायरेक्टर से रिटायर हुए। रिटायर होने के बाद एल.एल.बी. एवं एल एल एम में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। साथ ही बतौर गाइड कई छात्रों को पी.एच.डी. करायी।

रिटायर होने के बाद छत्तीसगढ़ कालेज, रायपुर में वरिष्ठ प्रोफेसर के रूप में काम करते हुए लोगों को निशुल्क कानूनी सलाह देते रहे। रिटायर होने के बाद भी अध्ययन करते हुए “सूचना के अधिकार” पर ऐतिहासिक पी.एच.डी की, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने पिता की तरह अपने परिवार की जिम्मेदारी का निर्वहन किया जो अनुकरणीय है।

? ई-अभिव्यक्ति परिवार की ओर से परम आदरणीय डॉ राम कृष्ण पाण्डेय जी को सादर नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि। ॐ शांति! शांति! ?

 

≈ ब्लॉग संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय  ≈

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