सूचनाएँ/Information ☆ ☆ श्री अश्वनी कुमार पाठक  एवं डॉ. दीप्ति पटेल को मिलेगा डॉ. सुमित्र  सम्मान ☆ साभार – श्री राजेश पाठक प्रवीण ☆

☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

☆ श्री अश्वनी कुमार पाठक  एवं डॉ. दीप्ति पटेल को मिलेगा डॉ. सुमित्र  सम्मान ☆ साभार – श्री राजेश पाठक प्रवीण ☆ 

सुमित्र सृजन एवं कविता सम्मान 25 को

जबलपुर। पाथेय साहित्य, कला अकादमी द्वारा 25 अक्टूबर 2026 को अपरान्ह 3.30 बजे से दत्त मंदिर सभागृह में  डॉ. राजकुमार सुमित्र स्मृति संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजित किया जा रहा है।

पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए पाथेय साहित्य, कला अकादमी के  महासचिव राजेश पाठक प्रवीण ने बताया कि समारोह में प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री अश्विनी कुमार पाठक सिहोरा को डॉ. सुमित्र सृजन सम्मान एवं  डॉ. दीप्ति पटेल को सुमित्र कविता सम्मान  से सम्मानित किया जायेगा।

श्री अश्वनी कुमार पाठक अनेक पुस्तकों के लेखक हैं तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मानों से नवाजा जा चुका है। बाल साहित्यकार के रूप में आप प्रतिष्ठित हैं।

सुमित्र कविता सम्मान से सम्मानित होने जा रहीं डॉ. दीप्ति पटेल नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। आपअनेक साहित्यिक कृतियों की रचनाकार हैं। आपकी कविताएं जीवन की जटिलताओं के मध्य संस्कृति और संस्कारों को प्रधानता देती हैं।

संस्थाओं का सम्मान

 इस अवसर पर ब्राह्मण स्वयंवर संस्कार महासभा महिला प्रकोष्ठ, सर्व मंगला संस्था, कायस्थ महासभा महिला,जिला माहेश्वरी समाज,जिला साहू समाज महिला प्रकोष्ठ, सेम सीनियर सिटीजन क्लब, जायसवाल समाज महिला मंडल को उनकी सामाजिक, सांस्कृतिक सेवाओं के लिए संस्थाश्री अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में प्रतुल श्रीवास्तव,राजेन्द्र मिश्रा,संतोष नेमा, डॉ. हर्ष कुमार तिवारी, विजय जायसवाल,यशोवर्धन पाठक, डॉ.अनिल कोरी,अकादमी के सदस्य उपस्थित थे।

 

साभार – श्री राजेश पाठक प्रवीण

महासचिव पाथेय साहित्य कला अकादमी

9827262605, 8871985980

≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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सूचनाएँ/Information ☆ ☆ पुणे पुस्तक जत्रा में संपन्न हिंदी कवि सम्मेलन ☆ साभार – डॉ. प्रेरणा उबाळे ☆

☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

☆ पुणे पुस्तक जत्रा में संपन्न हिंदी कवि सम्मेलन ☆ साभार – डॉ. प्रेरणा उबाळे ☆ 

24 वें ‘पुणे पुस्तक जत्रा‘ में हिंदी ‘कवि सम्मेलन‘ मुख्य आकर्षण रहा। ‘पुणे पुस्तक जत्रा‘ में मराठी कार्यक्रमों का पाँच दिनों का शानदार आयोजन हुआ। इस मेले का एक मुख्य आकर्षण ‘हिंदी  कवि सम्मेलन‘ था। श्री शिरीष चिटणीस और श्री राजन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शरदेंदु शुक्ल, डॉ. प्रेरणा उबाले, महेंद्र माणिक और सुनील जोशी जैसे कवियों ने सहभाग लिया। उन्होंने अपनी सरस और दिलचस्प रचनाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस समय केसरी के संपादक निखिल गजेंद्रगडकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे l  साथ  ही उत्कर्ष प्रकाशन के प्रमुख सु. वा. जोशी ने इस अवसर पर अपने विचार साझा किये। हिंदी कवि सम्मेलन का जिक्र करते हुए केसरी के संपादक निखिल गजेंद्रगड़कर ने काका हाथरसी की हास्य, राजनीतिक और व्यंग्यात्मक कविताओं को याद किया। उन्होंने वरिष्ठ हिंदी लेखक धर्मवीर भारती की पत्रिका “धर्मयुग” को भी याद किया। उन्होंने कहा कि हिंदी फ़िल्मों और गानों के कारण हिंदी भाषा दुनिया तक पहुंची। इस सम्मेलन में अनुवादक रवीन्द्र गुर्जर, मराठी कवयित्री मृणालिनी कानिटकर, स्वप्निल पोरे, महादेव कोरे भी उपस्थित थे l

आयोजक शिरीष चिटणीस ने कहा कि पुणे पुस्तक मेले में मराठी, हिंदी और अंग्रेजी विषयों पर अलग-अलग व्याख्यान के साथ-साथ एक कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है और हम आगे भी ऐसा करते रहेंगे। इस मौके पर मराठी और हिंदी साहित्य की एक-दूसरे पर निर्भरता, अनुवाद के महत्व और अलग-अलग भाषाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान  पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम का  संचालन डॉ. प्रेरणा उबाळे ने किया।

सम्मेलन में जाने-माने कवियों ने अपनी रचनाएँ पेश कीं और दर्शकों की प्रशंसा पाई।

टीवी और साहित्य की दुनिया में लोकप्रिय कवि शरदेंदु शुक्ल ने अपनी मज़ेदार और व्यंग्यात्मक रचनाओं से पूरे सभागृह को हँसा दिया l  वीरतापूर्ण कविता लिखने वाले शुक्ल ने वरिष्ठ कवि माणिक की सलाह पर हास्य-व्यंग्य  कविताएं प्रस्तुत करना आरंभ किया। उन्होंने “मरो मरो सरकारी सांड की तरह …” कविता के ज़रिए भ्रष्ट व्यवस्था पर व्यंग्य  किया और जंग लगे स्कूटर पर राजनैतिक व्यंग्य और पारिवारिक व्यवस्था पर आधारित कविताएँ पेश करके भी तारीफ़ें बटोरीं।

हिंदी  के प्रसिद्ध कवि महेंद्र कुमार माणिक ने मॉडर्न वेडिंग कल्चर, Shaadi.com और मेट्रोपॉलिटन शहरों की जीवन शैली पर हास्य-व्यंग्यात्मक कविताएँ पेश कीं। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी पुस्तक वेलेंटाइन की प्रस्तावना मशहूर कार्टूनिस्ट आबिद सुरती ने लिखी थी। साथ ही, उनकी रचना, चिड़ियाघर में जानवरों के बीच बातचीत के ज़रिए इंसानों के बीच नस्लवाद और आतंकवाद पर प्रहार किया।  

आयोजक और कवि डॉ. प्रेरणा उबाले ने मनुष्य भावनाओं और सामाजिक मुद्दों पर कविताएँ प्रस्तुत कीं। उन्होंने “कलम कुछ ऐसा लिखना चाहती है”, “अभाव की नज़र”, “मिटता कुछ नहीं ज़िंदगी से”, “विज्ञापन पर अभिनेता जी की मुस्कान देखी” कविताएँ पेश कीं। “आज कलम कुछ ऐसा लिखना चाहती है” कविता से उन्होंने कलम की ताकत पर ज़ोर दिया। “अभाव की नज़र” और “विज्ञान पर अभिनेता जी की मुस्कान देखी” रचनाओं ने समाज में असमानता, गरीबी और आम आदमी के संघर्ष के असली विरोधाभास को उजागर किया।

विभिन्न साहित्य महोत्सव आयोजित करने वाले कवि सुनील जोशी ने प्रेम, प्रकृति  और सामाजिक जागृति से संबंधित कविताएँ प्रस्तुत कीं। उन्होंने “मैं तेरे प्रेम में गीत लिख जाऊंगा” पेश की l साथ ही बारिश, बिना इंटरनेट वाला गाँव और पोस्टमैन के लेटर का इंतज़ार कर रहे गाँव की एक भावुकतापूर्ण कहानी थी। उन्होंने संगिनी गीत के माध्यम से नारी शक्ति की भी प्रशंसा की।

इस कवि सम्मेलन में मराठी और हिंदी कविता की संस्कृति का अद्भुत मेल देखने को मिला। पुणे के लोगों से मिले ज़बरदस्त प्रतिसाद को देखते हुए, संयोजकों ने भविष्य में भी ऐसी साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित करते रहने का संकल्प लिया।

इस सम्मेलन को पुणे पुस्तक जत्रा के पी. एन. आर. राजन और समन्वयक शिरीष चिटणीस ने आयोजित किया था, जो पिछले 24 वर्षों से पुणे में बुक फेयर को सफ़लतापूर्वक आयोजित कर रहे हैं।

साभार – डॉ. प्रेरणा उबाळे

अध्यक्ष, हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय, शिवाजीनगर, पुणे

संपर्क- 7028525378

≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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मराठी साहित्य – सूचनाएँ ☆ संपादकीय निवेदन – ई-अभिव्यक्ति हिन्दी विभागाचे .. “सी मो ल्लं घ न” ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🎇 ई-अभिव्यक्ति हिन्दी विभागाचे .. “सी मो ल्लं घ न” 🎇

आज आपल्या सर्वांसाठीच एक अतिशय आनंदाची बातमी आहे… ती अशी की… 

“Indian Top Blogs” ही देशभरात हिन्दीमध्ये प्रकाशित होणाऱ्या सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग्सची डायरेक्टरी आहे जिची १६ वी अद्ययावत केलेली आवृत्ती १५ ऑक्टोबर २०२६ रोजी प्रकाशित करण्यात आली आहे. आणि त्यामध्ये “ई-अभिव्यक्ति हिन्दी” या ब्लॉगचा “श्रेष्ठ हिन्दी ब्लॉग” म्हणून समावेश करण्यात आला आहे. या यादीत एकूण ८० हिन्दी ब्लॉग्सचा समावेश आहे. 

आणि ही आनंदाची बातमी कळवणारे पत्र असे …  

प्रिय ब्लॉगर मित्र, 

हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगों की डायरेक्टरी के 16वें संस्करण में आपका ब्लॉग सम्मिलित किया गया है। शुभकामनाएं!

अगर आप अपने ब्लॉग पर डायरेक्टरी की लिंक वाला बैज लगाना चाहें तो बैज का कोड डायरेक्टरी के अंत में दिया हुआ है। 

डायरेक्टरी का लिंक >> 2026 में हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग | Best Hindi Blogs 2026   

सादर,

प्रभाकर

……

आपल्या सर्वांतर्फे आपले संस्थापक – संपादक श्री. हेमंत बावनकर, आणि हिन्दी दैनिकाचे संपादक (हिंदी) श्री. विवेक रंजन श्रीवास्तव यांचे, तसेच या ब्लॉगसाठी उत्तम साहित्य पाठवणारे सर्व साहित्यिक यांचे मनःपूर्वक खूप खूप अभिनंदन आणि असंख्य शुभेच्छा.💐

Feedspotनामांकित डायरेक्टरीमध्ये आपल्या मराठी ब्लॉगचा याआधीच समावेश केला गेलेला आहे हे तर आपण जाणतोच. तो आनंद आता द्विगुणीत झाला आहे.

 

– संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

☆ ☆ ☆ ☆ ☆

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

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मराठी साहित्य – सूचनाएँ ☆ संपादकीय निवेदन – डॉ. सोनिया कस्तुरे – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

☆ डॉ. सोनिया कस्तुरे ☆

🎇अ भि नं द न 🎇

स्व. आ. डॉ. आप्पासाहेब ऊर्फ सा. रे. पाटील स्मृती अखिल भारतीय मराठी कथा स्पर्धा २०२६ नुकतीच आयोजित करण्यात आली होती. या स्पर्धेला देशभरातून खूप उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिळाला, आणि आपल्या समूहासाठी आनंदाची गोष्ट म्हणजे आपल्या सदस्या डॉ. सोनिया कस्तुरे यांच्या कथेला या स्पर्धेत “ विशेष उल्लेखनीय कथा “ हा पुरस्कार प्राप्त झाला आहे.

या पुरस्काराबद्दल आपल्या सर्वांतर्फे डॉ. सोनिया यांचे अगदी मनःपूर्वक अभिनंदन आणि यापुढील त्यांच्या अशाच यशस्वी साहित्यिक वाटचालीसाठी असंख्य हार्दिक शुभेच्छा.

आजच्या ‘जीवनरंग ‘ सदरात वाचूया त्यांची “पालवी “ ही पुरस्कार प्राप्त कथा.

– संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

☆ ☆ ☆ ☆ ☆

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

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मराठी साहित्य – सूचनाएँ ☆ संपादकीय निवेदन – सुश्री प्रणिता खंडकर – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

सुश्री प्रणिता खंडकर

💐 अ भि नं द न 💐

नेहेमीच वाचकांचा उत्तम प्रतिसाद लाभणारे प्रसिद्ध साप्ताहिक – “साप्ताहिक सकाळ“ ने दरवर्षीप्रमाणे याही वर्षी त्यांच्या ४०व्या वर्धापन दिनानिमित्ताने “ कथा स्पर्धा “ आयोजित केली होती. या स्पर्धेसाठी भारतभरातून ३००० पेक्षाही जास्त कथा आलेल्या होत्या हे आवर्जून नमूद करायलाच हवे… आणि सांगायला अत्यंत आनंद होत आहे की आपल्या समूहातील ज्येष्ठ लेखिका सुश्री प्रणिता खंडकर यांना या स्पर्धेत उत्तेजनार्थ प्रथम पुरस्कार प्राप्त झाला आहे… 

आपल्या सर्वांतर्फे प्रणिताताईंचे अगदी मनःपूर्वक अभिनंदन आणि यापुढेही असेच पुरस्कार मिळवणारे उत्तम साहित्य त्यांच्याकडून लिहिले जावे अशा असंख्य हार्दिक शुभेच्छा.

“खोरो भरवानी“ ही त्यांची पुरस्कारप्राप्त कथा येत्या दिवाळी अंकात वाचायला मिळणार आहे.

आज “जीवनरंग“ सदरात वाचूया त्यांचीच एक वेगळी कथा.

 संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

☆ ☆ ☆ ☆ ☆

≈संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ.उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

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मराठी साहित्य – सूचनाएँ ☆ संपादकीय निवेदन – सुश्री शांभवी जोशी – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

सुश्री शांभवी जोशी

💐 अ भि नं द न 💐

वंदना प्रकाशन, मुंबई यांच्यातर्फे उत्कृष्ट मराठी वाङमय-निर्मितीसाठी मानाचा समजला जाणारा “आशीर्वाद पुरस्कार” दरवर्षी विविध प्रकारातील साहित्याला दिला जातो. या पुरस्काराचे हे २७वे वर्ष आहे.

या वर्षीच्या पुरस्कारांपैकी ‘कथासंग्रह’ या विभागातील पुरस्कार आपल्या समूहातील लेखिका सुश्री शांभवी जोशी यांना दिला जाणार आहे. या त्यांच्या संग्रहाचे नाव आहे..

“लाइफस्टाईल“. हा संग्रह मधुश्री प्रकाशन, पुणे यांनी प्रकाशित केला आहे.

हा पुरस्कार प्राप्त केल्याबद्दल आपल्या सर्वांतर्फे शांभवीताईंचे मनःपूर्वक खूप खूप अभिनंदन आणि यापुढच्या अशाच यशस्वी साहित्यिक वाटचालीसाठी असंख्य हार्दिक शुभेच्छा.

आजच्या अंकातील जीवनरंग सदरात वाचूया याच त्यांच्या संग्रहातली एक छान कथा.

 संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

☆ ☆ ☆ ☆ ☆

≈संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ.उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

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मराठी साहित्य – सूचनाएँ ☆ संपादकीय निवेदन – श्री राजीव पुजारी – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

श्री राजीव पुजारी

💐 अ भि नं द न 💐

अधिकतर विज्ञान-विषयक माहितीपूर्ण लेख लिहिणारे आपल्या समूहातील ज्येष्ठ लेखक श्री राजीव पुजारी यांना उत्कृष्ट वाङ्मय निर्मितीसाठी “ आशीर्वाद पुरस्कार “ जाहीर…

गेली २७ वर्षे सातत्याने वंदना प्रकाशन, मुंबई ह्या संस्थेतर्फे उत्कृष्ट मराठी वाङ्मय निर्मितीसाठी देण्यात येणाऱ्या ‘आशीर्वाद पुरस्कार’ ह्या मानाच्या पुरस्काराची घोषणा नुकतीच झाली.

या पुरस्कारासाठी सांगलीचे श्री राजीव पुजारी यांच्या ‘अंतराळवेध’ या पुस्तकाची संकीर्ण या विभागात निवड झालेली आहे.

हे पुस्तक अहमदाबादच्या क्राउन प्रकाशनने प्रकाशित केले होते. ह्या मानाच्या पुरस्कारासाठी देश विदेशातून एकूण ३४८ पुस्तके आलेली होती हे आवर्जून सांगायलाच हवे.

या पुस्तकाविषयी – – 

हे पुस्तक अवकाश विज्ञानाला वाहिलेले आहे. या पुस्तकात नासा व इस्रो द्वारा आयोजित विविध अंतराळ मोहिमांचा समावेश आहे. १० लेखांचा समावेश असलेला एक विशेष विभाग नासाच्या मंगळ २०२० मोहिमेला समर्पित आहे. याशिवाय LCRD, IXPE, DART, LUCY जेम्स वेब अंतरीक्ष दुर्बीण, आर्टिमिस योजना, चांद्रयान-३, गुरुत्वीय लहरी, आदित्य L1, नासाची मंगळ ग्रहावरील मातीचे नमुने परत आणण्याची मोहीम इत्यादी मोहिमांवर अभ्यासपूर्ण लेख आहेत. यासोबतच दोन रंजक अंतराळ कथा आहेत. शेवटचा विभाग संशोधक व संशोधन संस्था यांसंबंधी आहे. यामध्ये डॉ विक्रम साराभाई, प्रो यू आर राव, के कस्तुरीरंगन, एम जी के मेनन, डॉ सतीश धवन यांचेविषयी माहिती आहे. तसेच इस्रो व त्याच्या विविध केंद्रांची माहिती आहे. एकंदरीतच हे पुस्तक वाचनाचा आनंद देणारे आहे.

… इतका मानाचा पुरस्कार मिळाल्याबद्दल श्री. राजीव पुजारी यांचे सर्व थरांतून कौतुक होत आहे.

आपल्या सर्वांतर्फे श्री. राजीव पुजारी यांचे त्रिवार अभिनंदन. आणि यापुढेही असेच माहितीपूर्ण आणि उत्कृष्ट लिखाण असणारे साहित्य त्यांच्याकडून लिहिले जावे आणि असेच अनेक मानाचे पुरस्कार त्यांना मिळत रहावेत यासाठी मनःपूर्वक अगणित शुभेच्छा.

 संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

☆ ☆ ☆ ☆ ☆

≈संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ.उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

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सूचनाएँ/Information ☆ ☆ हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय, गणेशखिंड में एमपीएससी यूपीएससी परीक्षा हेतु व्याख्यान संपन्न ☆ साभार – डॉ. प्रेरणा उबाळे ☆

☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

☆ हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय, गणेशखिंड में एमपीएससी यूपीएससी परीक्षा हेतु व्याख्यान संपन्न ☆ साभार – डॉ. प्रेरणा उबाळे ☆

दिनांक 29 सितंबर 2026 को हिंदी विभाग के द्वारा हिंदी पखवाड़ा समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था l इस उपलक्ष्य में एमपीएससी और यूपीएससी परीक्षा हेतु मार्गदर्शनपरक व्याख्यान का आयोजन किया गया था जिसमें श्री सचिन कदम, दृष्टि आईएएस, पुणे के वरिष्ठ फैकल्टी प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित थेl

वाणिज्य शाखा के उपप्राचार्य डॉ. पराग शाह ने श्री सचिन कदम का स्वागत और सम्मान किया l साथ ही उन्होंने हिंदी भाषा की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उसके दिनोंदिन बढ़ते महत्व को भी प्रतिपादित किया। इस अवसर पर उपस्थित कला शाखा की उपप्राचार्य डॉ. गौरी कोपरडेकर ने हिंदी पखवाड़ा की शुभकामनाएँ सबको दी।

हिंदी विभाग प्रमुख डॉ. प्रेरणा उबाळे ने सभी मान्यवरो का स्वागत करते हुए प्रस्तुत आयोजन के संदर्भ में अपनी भूमिका सबके सामने रखी l उपस्थित अतिथि और सभी छात्रों को मॉडर्न महाविद्यालय की लोकप्रिय गतिविधियों – जैसे – प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी, खेल में अनेक उपलब्धियाँ, वार्षिक महोत्सवों का आयोजन, आविष्कार प्रतियोगिता, विभिन्न विभागों के द्वारा आयोजित उत्सव आदि का परिचय डॉ. प्रेरणा उबाळे ने देते हुए कहा कि छात्र यदि महाविद्यालय में होने वाली सभी गतिविधियों या प्रतियोगिताओं में सहभागी होंगे तो उन्हें व्यक्तित्व विकास के लिए अन्य किसी कोर्स की आवश्यकता नहीं होगी। हिंदी विभाग प्रतिवर्ष हिंदी दिवस और हिंदी पखवाड़ा मनाता है l इस वर्ष छात्रों को अपने भविष्य की नई राह मिले, इसलिए एमपीएससी और यूपीएससी के अंतर्गत आने वाले विभिन्न पदों और उसके लिए आवश्यक तैयारी के संदर्भ में जानकारी देने हेतु हिंदी विभाग ने दृष्टि आईएएस के श्री सचिन कदम का व्याख्यान आयोजित किया।

दृष्टि आईएएस, पुणे के वरिष्ठ फैकल्टी श्री सचिन कदम ने छात्रों को दोनों परीक्षाओं के स्वरूप और उसके अंतर्गत दी जा सकने वाली विभिन्न परीक्षाओं के पाठ्यक्रमों की जानकारी दी और बताया कि विद्यार्थी अपने अधिकारी बनने के सपनों पर कैसे खरे उतर सकते हैं l उन्होंने अपनी सहज, सरल भाषा में छात्रों को विषयों की गहराई समझाई l साथ ही परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के लिए समर्पण और समय की आवश्यकता प्रतिपादित की। सचिन कदम के व्याख्यान से छात्र अत्यंत लाभान्वित हुए और उन्हें मुग्ध कर दिया और छात्रों ने अत्यंत उत्साह से उनसे चर्चा की।

प्रस्तुत व्याख्यान के लिए 50 से अधिक छात्र उपस्थित रहें तथा मॉडर्न महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक डॉ. संस्कृति अवलगांवकर, डॉ. ज्योति आर्य, डॉ. शिली जॉन, डॉ. मोतीलाल मोरे उपस्थित थे l मॉडर्न महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय खरात के मार्गदर्शन से कार्यक्रम संपन्न हुआ l कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ अनुराधा रौंदले ने किया तथा अंत में डॉ. प्रेरणा उबाळे कार्यक्रम संयोजन हेतु सहायता करने वाले सभी के प्रति आभार व्यापित किए। संपूर्ण कार्यक्रम अत्यंत सुंदर और सुचारू ढंग से संपन्न हुआ।

 

साभार – डॉ. प्रेरणा उबाळे

अध्यक्ष, हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय, शिवाजीनगर, पुणे

संपर्क- 7028525378

≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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सूचना/Information ☆ संपादकीय निवेदन ☆ प्रकाशन संबंधी महत्वपूर्ण सूचना 📖 ☆ सम्पादक मंडल ई-अभिव्यक्ति ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

📖 प्रकाशन संबंधी महत्वपूर्ण सूचना !! 📖

कुछ अपरिहार्य कारणों से गुरुवार दि. १/१०/२६ से  दि. ४/१०/२६ (४ दिवस) तक ई-अभिव्यक्ति का प्रकाशन बंद रहेगा। 

आप सभी का इसी प्रकार स्नेह, प्रतिसाद और सहयोग अपेक्षित है।

 

– संपादक मंडल 

ई-अभिव्यक्ति 

≈ संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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सूचनाएँ/Information ☆ – भोपाल के लेखक सुरेश पटवा लेखक गाँव देहरादून में सम्मानित – ☆ संयोजक – अंतराष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच ☆

 ☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🌹– भोपाल के लेखक सुरेश पटवा लेखक गाँव देहरादून में सम्मानित –🌹

अंतराष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच का 13 वां अधिवेशन दिनांक 26 सितंबर 2026 को देहरादून की वरिष्ठ साहित्यकार विद्या सिंह की अध्यक्षता में, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा पूर्व मुख्य मंत्री, उत्तराखंड डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के मुख्य आतिथ्य, सुरेश पटवा और जया आनंद के विशिष्ट आतिथ्य में देहरादून के निकट सुरम्य धुंध भरी हिमालयी पहाड़ियों से घिरी थानों घाटी स्थित लेखक गांव में आयोजित किया गया। मंच की अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव और प्रमिला वर्मा भी मंचासीन रहीं।

सर्वप्रथम सरस्वती वंदना उपरांत सम्मिलित साहित्यकारों के परिचय से सत्र आरम्भ हुआ। प्रमिला वर्मा ने विश्व मैत्री मंच की स्थापना और विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की।

विभिन्न साहित्यकारों सहित सुरेश पटवा ने अपनी “सृजन यात्रा” पर बोलते हुए कहा कि “उन्हें बचपन से किताबें पढ़ने का चाव था। वे 38 साल स्टेट बैंक में विभिन्न प्रशासकीय पदों पर तैनाती के दौरान भी निरंतर विश्व स्तरीय कालजयी साहित्य के साथ, इतिहास, दर्शन और वांग्यम साहित्य का अध्ययन करते रहे हैं।

बैंक सेवा के अंतिम दौर में जब प्रसिद्ध इतिहासकार रमेश चंद मजूमदार का बारह खण्डों में लिखा “भारत का इतिहास” पढ़ रहे थे तब उन्हें यह अहसास हुआ कि उन्हें इतिहास की गलियों से भारत की ग़ुलामी की पड़ताल करनी चाहिए। लेकिन इस विषय ओर कोई एक किताब उन्हें ढूँढने ओर भी नहीं मिली तो उन्होंने मुग़लों का पतनोन्मुख इतिहास के साथ मराठों का इतिहास, सिक्खों का इतिहास, कर्नाटक युद्धों का इतिहास, ब्रिटिश इतिहास सहित दक्षिण भारत के इतिहास का गहन अध्ययन किया। तत्पश्चात 2018 में पहली किताब “गुलामी की कहानी” प्रकाशित हुए।

सुरेश पटवा बचपन से ही पचमढ़ी के चप्पे-चप्पे से वाक़िफ़ थे। उन्होंने जेम्स फ़ोर्सिथ की “हाईलैंड ऑफ़ सेंट्रल इंडिया” को आधार बना कर “पचमढ़ी की खोज” किताब लिखी।

स्त्री-पुरुष के रिश्तों की मनोवैज्ञानिक पड़ताल करते हुए “स्त्री-पुरुष” किताब लिखी।

नर्मदा घाटी के निवासी होने के नाते, नर्मदा उन्हें सहज ही बुलाती थी। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा कर तीसरी किताब “समृद्धि और सौंदर्य की नदी- नर्मदा” लिखी।

उन्होंने सम्पूर्ण सतपुड़ा पर्वत की सघन यात्रा के बाद “सुरम्य सतपुड़ा” किताब लिखी। मिर्ज़ा ग़ालिब की जीवनी ओर आधारित “दास्तान-ए-मिर्ज़ा ग़ालिब” बहुत सराही जा रही है। वे आदि शंकराचार्य की जीवनी पर आधारित उपन्यास लिख रहे हैं। इसी तारतम्य में उन्होंने “वेदों से वेदांत” और वेदांत से वैराग्य” के साथ “मैं की यात्रा का पथिक” तीन किताबें लिखीं। उनके दो व्यंग्य संग्रह, दो लघुकथा संग्रह और हिंदी सिनेमा के से स्वर्णयुग के इतिहास पर पाँच किताबें प्रकाशित हैं। इस तरह उनकी ग़ज़ल और काव्य संग्रह सहित कुल 37 पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। उनकी इस अनोखी साहित्य साधना हेतु उन्हें 17 राष्ट्रीय स्तर के सम्मान से विभूषित किया जा चुका है। सम्मेलन में अध्यक्ष और मुख्य अतिथि द्वारा सुरेश पटवा को सम्मानित कर प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में रचनाकारों ने काव्यपाठ किया। सभा दुबे ने आभार प्रदर्शन किया।

(पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा पूर्व मुख्य मंत्री, उत्तराखंड डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से सम्मान पत्र ग्रहण करते हुए श्री सुरेश पटवा)

संयोजक – अंतराष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच, देहरादून

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≈संस्थापक संपादक श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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