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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)
☆ बच्चों में वैज्ञानिक सोच और कल्पनाशीलता बढ़ाने का अनोखा जरिया: ‘चंद्र बस्ती का रहस्य’ ☆ साभार – श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ ☆
यह समाचार आज के समय में बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने और उनमें ‘वैज्ञानिक सोच’ (Scientific Temperament) पैदा करने जैसे सामाजिक सरोकार से जुड़ा है। नेशनल बुक ट्रस्ट की यह प्रस्तुति अभिभावकों और शिक्षकों के लिए बेहद मार्गदर्शन करने वाली साबित होगी। – श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’
रतनगढ़ (निप्र)। आज के डिजिटल युग में जहाँ बच्चे मोबाइल स्क्रीन और गेमिंग की दुनिया में खोए जा रहे हैं, वहीं उनकी कल्पनाशीलता को आसमान की उड़ान देने और उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temperament) विकसित करने के लिए एक बेहतरीन पहल की गई है। नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) द्वारा प्रकाशित नया किशोर उपन्यास ‘चंद्र बस्ती का रहस्य’ बाल-मन को भविष्य के विज्ञान से जोड़ने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।
भविष्य की परिकल्पना को साकार करता उपन्यास:
आज पूरी दुनिया के वैज्ञानिक चंद्रमा और मंगल ग्रह पर मानव बस्ती बसाने की नई-नई परिकल्पनाओं पर काम कर रहे हैं। भविष्य के इसी गर्भ में छिपे सपने को आज के बच्चों के सामने एक रोमांचक ताने-बाने में पिरोकर प्रस्तुत किया है जाने-माने बाल साहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ ने। यह उपन्यास केवल एक कहानी नहीं, बल्कि भविष्य के विज्ञान का एक सजीव खाका है।
अभिभावकों और शिक्षकों के लिए क्यों है बेहद उपयोगी?
शिक्षाविदों और बाल मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देने के बजाय यदि उन्हें कल्पना की उड़ान दी जाए, तो उनकी सोचने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। यह उपन्यास इस मामले में समाज के लिए बेहद उपयोगी है क्योंकि:
तनावमुक्त ज्ञान: यह बच्चों को भारी-भरकम विज्ञान की बातें बेहद मनोरंजक और सरल तरीके से सिखाता है।
रचनात्मकता का विकास: मोबाइल की लत छुड़ाकर बच्चों में फिर से पढ़ने (Reading Habit) की आदत को विकसित करता है।
भविष्य के वैज्ञानिक: यह कहानी बच्चों के मन में सवाल उठाती है कि “चंद्रमा पर जीवन कैसे संभव होगा?” जो उन्हें भविष्य का वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित करता है।
‘नेशनल बुक ट्रस्ट’ की सराहनीय प्रस्तुति:
भारत सरकार के नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा इस उपन्यास का प्रकाशन यह साबित करता है कि इसकी सामग्री बच्चों के लिए कितनी स्तरीय और सुरक्षित है। ‘चंद्र बस्ती का रहस्य’ को पढ़कर बच्चे न सिर्फ अंतरिक्ष विज्ञान के रहस्यों को करीब से जान सकेंगे, बल्कि वे यह भी समझ सकेंगे कि आने वाले समय में मानव सभ्यता का विस्तार कैसे होने वाला है।
यदि आप भी अपने बच्चों को गैजेट्स की दुनिया से बाहर निकालकर एक अद्भुत और ज्ञानवर्धक दुनिया की सैर कराना चाहते हैं, तो यह उपन्यास हर घर की लाइब्रेरी और स्कूल के पुस्तकालय में होना अनिवार्य है।
साभार – श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’
≈ संस्थापक श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈
















