प्रो. (डॉ.) शरद नारायण खरे
☆ रामनवमी विशेष – माँ दुर्गा के दोहे ☆ प्रो. (डॉ.) शरद नारायण खरे ☆
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नवदुर्गा तुम आ गईं, हरने को हर पाप।
संभव सब कुछ आपको, तेरा अतुलित ताप।।
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सद्चिंतन तजकर हुआ, मानव गरिमाहीन।
जगजननी माँ दुख हरो, सचमुच मानव दीन।।
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ममता है तुझ में भरी, तू सचमुच अभिराम।
माता जी तेरे सदा, हैं नित नव आयाम।।
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तू करुणा करती सदा, तेरा पावन नाम।
यह जग तेरा है सदा, दुर्गा पावन धाम।।
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माँ तेरी आराधना, करे सदा कल्याण।
नौ रूपों में तुम रहो, पापी खाते बाण।।
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करते हैं सब साधना, हम सब तेरे लाल।
दर्शन दो, हमको करो, हे माँ !आज निहाल।।
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© प्रो. (डॉ.) शरद नारायण खरे
प्राचार्य, शासकीय महिला स्नातक महाविद्यालय, मंडला, मप्र -481661
(मो.9425484382)
ईमेल – khare.sharadnarayan@gmail.com
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈





