श्री राकेश कुमार

(श्री राकेश कुमार जी भारतीय स्टेट बैंक से 37 वर्ष सेवा के उपरांत वरिष्ठ अधिकारी के पद पर मुंबई से 2016 में सेवानिवृत। बैंक की सेवा में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान के विभिन्न शहरों और वहाँ  की संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिला। उनके आत्मकथ्य स्वरुप – “संभवतः मेरी रचनाएँ मेरी स्मृतियों और अनुभवों का लेखा जोखा है।” ज प्रस्तुत है आलेख की शृंखला – “देश -परदेश ” की अगली कड़ी।)

☆ आलेख # 105 ☆ देश-परदेश – Who Ratan Tata? ☆ श्री राकेश कुमार ☆

आज 11 अक्टूबर प्रातः काल के समय निकट के उद्यान में कुछ बच्चे खेलते हुए दिखे, तो अच्छा लगा कि प्रातः के समय बच्चे बिना किसी मोबाइल के सहारे खेल रहे हैं। उनकी आयु 13-14 वर्ष लग रही थी।

हम तीन साथी उनके पास जा कर प्रोहत्सहित करते हुए उनका मनोबल बढ़ाने लगे, बच्चे तो मन के सच्चे होते हैं, वो बोले आज स्कूल में अचानक अष्टमी का हॉलीडे हो गया, इसलिए सुबह उठ गए वर्ना छुट्टी के दिन तो दस बजे ही उठते हैं।

हमारे एक साथी ने पूछा रतन टाटा को जानते हो क्या? एक बच्चा जो आठवीं का छात्र था, तुरंत बोला who Ratan Tata? दूसरे बच्चे ने कहा हां, कल टीवी पर दिन भर कुछ ऐसा ही बोल रहे थे। तीसरा बच्चा बोला, क्या वो पुराने जमाने के हीरो थे? जैसे वो भुजिया का एड करने वाले अभिताभ बच्चन हैं। आज उनका जन्मदिन भी है, बहुत मज़ा आयेगा। एक अन्य बच्चा बोला उनका नाम तो कभी बिग बॉस के लोगों में भी नही सुना हैं, जैसे सिद्धू अंकल तो क्रिकेट भी खेलते थे, और बिग बॉस में भी खेले थे।

हमने बच्चों को बोला वो तो “रियल हीरो” हैं। एक बच्चा बोला क्या वो इंडिया के लिए क्रिकेट खेलते थे? जैसे सारा अली खान के दादा अपने जमाने में खेलते थे। दूसरा बच्चा बोला उनको टीवी या किसी विज्ञापन में भी कभी नहीं देखा है। यादि वो बड़े उद्योगपति थे, तो अंबानी अंकल के बेटे की शादी में भी नहीं दिखे, क्रूज की लिस्ट में भी उनका नाम नहीं था।

बच्चों को पास में रखी हुई बेंच पर बैठा कर उनको समझाया की वो बहुत बड़े दानवीर थे, समाज के जरूरतमंद लोगों की बहुत सहायता भी करते थे। उन्होंने देश को बहुत सारे उद्योग धंधे भी दिए हैं। उनमें से एक बच्चा बोला, वो सब तो ठीक है, आप लोगों ने किस किस जरूरतमंद की हेल्प करी है, कौन कौन से उद्योग धंधे लगाए है?

धूप में तेज़ी आने का बहाना कर हम तीनों साथी रूमाल से पसीना पोंछते हुए उद्यान से बाहर आ गए।

© श्री राकेश कुमार

संपर्क – B 508 शिवज्ञान एनक्लेव, निर्माण नगर AB ब्लॉक, जयपुर-302 019 (राजस्थान)

मोबाईल 9920832096

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय  ≈

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