श्री एस के कपूर “श्री हंस”

 

☆ “श्री हंस” साहित्य # २०४ ☆

☆ गीत ।। जो मिलाके चलता समय से कदम वो जीत जाता है ।। ☆ श्री एस के कपूर “श्री हंस” ☆

जो मिला के चलता समय से कदम वो जीत जाता है।

कैसे भी हालात   हों वक्त  बस  चलता ही   जाता है।।

**

जो करता समय काआदर वही समय सेआदर पाता है।

जो भूला देता वक्त को वह फिर अनादर ही लाता है।।

एक बात जान लो गया   समय नहीं वापिस आता है।

जो मिलाके चलता समय से कदम वो जीत जाता है।।

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परिश्रमऔर समय का तालमेल ही सफलता की कुंजी है।

आदमी का  जोशो – जनून ही उसकी असली पूंजी है।।

जिसने समझा समय के महत्व को वही मंजिल पाता है।

जो मिलाके चलता समय से कदम वो जीत जाता है।।

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आदमी नहीं समय बहुत अधिक बलवान होता है।

धैर्य बहुत जरूरी समय से ही सब समाधान होता है।।

जिसने छोड़ा समय का दामन जीतकर भी हार जाता है।

जो मिलाके चलता समय से कदम वो जीत जाता है।।

© एस के कपूर “श्री हंस”

बरेली ईमेल – Skkapoor5067@ gmail.com, मोब  – 9897071046, 8218685464

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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