श्री एस के कपूर “श्री हंस”

☆ “श्री हंस” साहित्य # २१६ ☆

☆ मुक्तक ।। जय कन्हैया लाल की ।। ☆ श्री एस के कपूर “श्री हंस” ☆

।। वर्ण 8 8 8 7।।

=1=

जय कन्हैया   लाल की

हाथी घोड़ा ओ  पालकी

कारागार   में    देवकी

पाला   यशोदा   माई।।

=2=

बाल ग्वाल   रात्रि भोर

खेले  घूमें   करें  शोर

कहते  माखन    चोर

यशोदा   को   बधाई।।

=3=

बन   गए    नंद  लाल

पूतना    करा    संहार

कंस   मरा  घर   द्वार

असुरों     से   लड़ाई।।

=4=

गोपियों  मटकी  फोड़ें

दही  माखन न   छोड़ें

गायों  संग  बस  डोलें

द्रौपदी   ली   बचाई।।

© एस के कपूर “श्री हंस”

बरेली ईमेल – Skkapoor5067@ gmail.com, मोब  – 9897071046, 8218685464

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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