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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

☆ महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी, क्षितिज पुणे एवं हिंदी आंदोलन परिवार का आयोजनभ’ से भाषा, ‘भ’ से भारत’  

महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी, क्षितिज पुणे एवं हिंदी आंदोलन परिवार, पुणे के संयुक्त तत्वाधान में शनिवार 7 मार्च को ‘भ’ से भाषा, ‘भ’ से भारत’ कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों की विविध भाषाओं की कविताओं और लोकगीतों की वाचन, गायन, नृत्य एवं अभिनय द्वारा प्रस्तुति की गई।

इसके लेखक, निर्देशक, सूत्रधार- संजय भारद्वाज थे। कार्यक्रम का निर्माण क्षितिज इन्फोटेनमेंट ने किया था। रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल के अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट आयोजन के मुख्य अतिथि थे। उद्घाटन सत्र के अपने वक्तव्य में हिंदी के वैश्विक होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हमें राष्ट्रीय स्तर पर इसके लिए और अधिक काम करना होगा। आपने भाषाई स्वाभिमान को सदैव जगाए रखने पर भी बल दिया। कार्यक्रम का आरंभ संजय भारद्वाज की कविता और उदीयमान नृत्यांगना प्राची पुजारी के कथक की जुगलबंदी से हुई। तत्पश्चात विभिन्न भारतीय भाषाओं की कविताओं एवं उनके भावानुवाद, विभिन्न ललित कलाओं द्वारा मंच पर आते गए। प्रमुख रचनाकारों, वाचकों एवं कलाकारों में सुधा भारद्वाज, वीनु जमुआर, ऋता सिंह, विनीता सिन्हा, गौरी कुलकर्णी, अनिल अब्रोल, सतीश कुमार, आशीष त्रिपाठी, अपर्णा कडसकर, डॉ. ज्योति कृष्ण, कंचन त्रिपाठी, गौतमी चतुर्वेदी पांडेय, कंचन त्रिपाठी, ऊर्जा वाईकर, पूर्णिमा पांडेय, शशिकला गुंडलूपेट, अपूर्व शर्मा, प्राची पुजारी, अंगिता कुमार, अनुपम पांडेय, रितेश बुरूड आदि सम्मिलित थे। विशेष बात यह रही कि कविता या गीत प्रस्तुत करने वाले हर रचनाकार ने भारत के किसी राज्य विशेष का परिधान धारण किया था। कार्यक्रम में हिंदी, संस्कृत, मराठी, बंगाली, कन्नड़, पंजाबी, खोरठा, असमिया, बुंदेलखंडी, सधुक्कड़ी आदि भाषाओं की रचनाओं का पाठ हुआ। रंगमंचीय शैली में प्रस्तुत इस कार्यक्रम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य तथा कलाप्रेमी उपस्थित थे। प्रमुख उपस्थितों में डॉ. केशव प्रथमवीर, डॉ. राजेंद्र श्रीवास्तव, श्री हेमंत बावनकर, डॉ. विपिन पवार, डॉ. रमेश गुप्त, डॉ. कांतिदेवी लोधी, डॉ. रजनी रणपिसे एवं अन्य अनेक प्रतिष्ठित हस्ताक्षर सम्मिलित थे।

≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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