श्रीमति उमा मिश्रा ‘प्रीति’
(ई-अभिव्यक्ति में श्रीमति उमा मिश्रा ‘प्रीति’ जी का स्वागत। पूर्व शिक्षिका – नेवी चिल्ड्रन स्कूल। वर्तमान में स्वतंत्र लेखन। विधा – गीत,कविता, लघु कथाएं, कहानी, संस्मरण, आलेख, संवाद, नाटक, निबंध आदि। भाषा ज्ञान – हिंदी,अंग्रेजी, संस्कृत। साहित्यिक सेवा हेतु। कई प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर की साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा अलंकृत / सम्मानित। ई-पत्रिका/ साझा संकलन/विभिन्न अखबारों /पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। पुस्तक – (1)उमा की काव्यांजली (काव्य संग्रह) (2) उड़ान (लघुकथा संग्रह), आहुति (ई पत्रिका)। शहर समता अखबार प्रयागराज की महिला विचार मंच की मध्य प्रदेश अध्यक्ष। आज प्रस्तुत है आपकी एक विचारणीय लघुकथा – आपदा।)
☆ लघुकथा # ८२ – स्वच्छता ☆ श्रीमति उमा मिश्रा ‘प्रीति’ ☆
हमारे पड़ोस में तनु भाभी साफ-सफाई की बहुत करती हैं।
आज सुबह वह मुझसे कह रही थी कि – “प्रीति कोई साफ-सफाई ही नहीं करता ?”
“तुम मीरा को देखो उसके घर के सामने कितना कचरा पड़ा है, ये लोग कभी सफाई नहीं करते।”
“भाभी सब लोग आप जैसे नहीं होते हैं।”
कुछ देर बाद भाभी की सफाई खत्म होने के बाद मेरे घर के सामने पानी और साथ ही गेंदे के फूल और गुड़हल के फूल जो उन्होंने भगवान को चढ़ाए थे वह सब घर के सामने जमीन पर ही फेंक दिया।
मैंने सारा सामान एक डिब्बे में डाला औरउसका एक पैकेट बनाया और उसे लेकर उनके घर गई और मैंने कहा- “भाभी, आपका कुछ सामान बाहर छूट गया था मैं उसे देने आई हूं।”
भाभी ने पैकेट खोला और मुझे देखती ही रही…।
© श्रीमति उमा मिश्रा ‘प्रीति’
जबलपुर, मध्य प्रदेश मो. 7000072079
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈





