श्रीमती शशि सराफ

(श्रीमती शशि सुरेश सराफ जी सागर विश्वविद्यालय से हिंदी एवं दर्शन शास्त्र से स्नातक हैं. आपने लायंस क्लब और स्वर्णकार समाज की अध्यक्षा पद का भी निर्वहन किया. आपका “लेबल शशि” नाम से बुटीक है और कई फैशन शोज में पुरस्कार प्राप्त किये हैं. आपका साहित्य और दर्शन से अत्यधिक लगाव है. आप प्रत्येक शुक्रवार श्रीमती शशि सराफ जी की रचनाएँ आत्मसात कर सेंगे. आज प्रस्तुत है आपकी एक भावप्रवण कविता ‘प्रेम उत्सव…‘।)

☆ शशि साहित्य # ४४ ☆

? कविता – प्रेम उत्सव…  ☆ श्रीमती शशि सुरेश सराफ  ? ?

☆

टिम टिम करते तारे,

आतिथ्य स्वीकारें रात का…

*

निशि पति का हुआ आगमन,

संग लिए अलौकिक प्रकाश का…

*

जुगनू भी अल्हादित होकर, 

प्रकाश फैलाए तारों का…

*

चमकीली रश्मियां बिखर उठी,

प्रीत बरसे चांद का…

*

आसमान भी चमक उठा,

बिखरे रंग उल्लास का…

*

प्रियतम को गले लगाकर, 

देखो, उत्सव प्यार का…

*

चंद्र देव को नमन करो,

आशीष लो खुशहाली का…

*

करवा चौथ की अनंत शुभकामनाएं..

☆

© श्रीमती शशि सराफ

जबलपुर, मध्यप्रदेश 

≈ संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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