श्री राकेश कुमार

(श्री राकेश कुमार जी भारतीय स्टेट बैंक से 37 वर्ष सेवा के उपरांत वरिष्ठ अधिकारी के पद पर मुंबई से 2016 में सेवानिवृत। बैंक की सेवा में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान के विभिन्न शहरों और वहाँ  की संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिला। उनके आत्मकथ्य स्वरुप – “संभवतः मेरी रचनाएँ मेरी स्मृतियों और अनुभवों का लेखा जोखा है।” ज प्रस्तुत है आलेख की शृंखला – “देश -परदेश ” की अगली कड़ी।)

☆ आलेख # 107 ☆ देश-परदेश – मंहगाई डायन खाय जात है ☆ श्री राकेश कुमार ☆

दीवाली चली गई, हेल्थी सीजन का समय हो चुका है, परंतु देश का औसत तापमान है, कि कम हो ही नहीं रहा है। इसके चलते महंगाई अपने चरम पर है। पुराना समय याद आ गया जब छत के पंखों को दशहरे के दिन वस्त्र पहनकर ब्लॉक कर दिया जाता था। पंखों की पंखुड़ियों पर कपड़े का कवर चढ़ाने से उनका उपयोग रुक जाता था। इससे पंखे साफ रहते थे, और बिजली के बिल भी कम हो जाते थे।

आधा नवंबर माह बीतने को है, और गर्मी है, कि कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। बाजार से कुछ भी खरीदे, महंगाई का ठीकरा यूक्रेन के साथ इजराइल को भी जोड़ दिया जाता हैं।

शहर के होटलों ने भोजन की थाली के भाव में बीस प्रतिशत महंगी कर दी है। ऊपर के पेपर में छपी खबर भाव कम करने की जानकारी दे रही हैं। कुछ आश्चर्य भी हुआ।

एयरपोर्ट तो क्या हमने तो कभी रेलवे स्टेशन पर दो रुपए में छह पूरी सब्जी सहित नहीं खाई थी। स्टेशन के खाने को लेकर पिताश्री बहुत सख्त थे। हमेशा से यात्रा में घर की रोटी के साथ आम का आचार ही खाते हैं। अभी भी हवाई यात्रा में भी ये ही सब करते हैं।

कुछ माह पूर्व देहरादून हवाई जहाज से जाना हुआ था। वहां के हवाई अड्डे पर वापसी के समय कट चाय पीने की तलब लगी, लेकिन दो सौ रुपए कप चाय का भाव सुनकर तो तोते ही उड़ गए थे। वो तो बाद में वहां लाउंज पर दृष्टि पड़ गई। एस बी आई के कार्ड धारक होने से मात्र दो रुपए लगे, और असीमित बुफे खाने पीने की सुविधाओं ने हवाई यात्रा की खुशी को दोगुना कर दिया। हमने तो तय कर लिया है, अब उसी हवाई अड्डे की यात्रा करेंगे जहां लाउंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

© श्री राकेश कुमार

संपर्क – B 508 शिवज्ञान एनक्लेव, निर्माण नगर AB ब्लॉक, जयपुर-302 019 (राजस्थान)

मोबाईल 9920832096

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय  ≈

Please share your Post !

Shares
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments