सुश्री सविता खण्डेलवाल ‘भानु’
(लेखन-प्रकाशन – गत 2022 से छंद लेखन, एकल प्रकाशन– कलम के नवांकुर, अनुग्रह नवप्रस्तारित छंद पर लेखन (मैजिक बुक ऑफ रिकॉर्ड), साझा संकलन – तकरीबन 10, द्वादश ज्योतिर्लिंग (लंदन बुक आफ रिकार्ड), अनेकता में एकता (एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड), छंदावली – (मैजिक बुक ऑफ रिकॉर्ड), महाकाल साहित्य सम्मान से सम्मानित। आज प्रस्तुत है आपकी एक भावप्रवण कविता हिन्दुस्तानी शान !!)
☆ साप्ताहिक स्तम्भ ☆ सविता साहित्य # १५ ☆
☆ हिन्दुस्तानी शान !!🇮🇳 ☆ सुश्री सविता खण्डेलवाल “भानु” ☆
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तीन रंग से बना तिरंगा, हिंदुस्तानी शान है।
गर्व करें हम भारतवासी, यह अपनी पहचान है।।
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शीर्ष रंग है केसरिया जो, कहे कहानी त्याग की।
धवल रंग धुन छेड़ा करता, देश प्रेम अनुराग की।।
रंग हरा हरियाली देता, रखना प्यारे ध्यान है।
गर्व करें हम भारतवासी, यह अपनी पहचान है।।
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तिलियां मिल चौबीस बनाती, सुंदर चक्र अशोक है।
सीख अनोखी हर तीली दे, ज्ञान भरा यह लोक है।
अमन शांति का घर स्वदेश हो, मन में बस अरमान है।
गर्व करें हम भारतवासी, यह अपनी पहचान है।।
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ताज हिमालय का पहनें हैं, अपनी माता भारती।
चरण पखारें पावन नदियांँ, शंखनाद से आरती।
भारत मांँ का आंँचल पानें, जन्म लिए भगवान है।
गर्व करें हम भारतवासी, यह अपनी पहचान है।।
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© सुश्री सविता खण्डेलवाल “भानु”
झालरापाटन राजस्थान
≈ संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈




