सुश्री सविता खण्डेलवाल ‘भानु’

(लेखन-प्रकाशन – गत 2022 से छंद लेखन, एकल प्रकाशन– कलम के नवांकुर, अनुग्रह नवप्रस्तारित छंद पर लेखन (मैजिक बुक ऑफ रिकॉर्ड), साझा संकलन – तकरीबन 10, द्वादश ज्योतिर्लिंग (लंदन बुक आफ रिकार्ड), अनेकता में एकता (एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड), छंदावली – (मैजिक बुक ऑफ रिकॉर्ड), महाकाल साहित्य सम्मान से सम्मानित। आज प्रस्तुत है आपकी एक भावप्रवण कविता राधे सरकार !!)

☆ साप्ताहिक स्तम्भ ☆ सविता साहित्य # १७ ☆

☆ राधे सरकार !! ☆ सुश्री सविता खण्डेलवाल “भानु” ☆

(राधा अष्टमी/भद्र अष्टमी पर विशेष)

प्रकट हुई श्री राधिका, भाद्र अष्टमी आज ।

बरसाने में बज रहे, कई सुरीले साज ।।

 *

मातु कीर्ति वृषभानु पितु,दौ प्रसन्न छवि देख ।

आई लाली राधिका, धन्य भाग्य के लेख ।।

 *

शक्तिपुंज श्री कृष्ण तो, राधे   हरि की शक्ति ।

कृपा करें जब राधिका, तब होती हरि भक्ति ।।

 *

चरणों की रज धूल का, मुझे बना लो दास ।

रख लो प्यारी राधिका, पद पंकज  के पास ।।

 *

बज्र मंडल की लाड़ली, श्री राधे सरकार ।

राधे- राधे जो जपें, पाए भव से पार ।।

 *

बोलो राधारानी की जय हो।

लाड़ले लाल की जय हो ।।

© सुश्री सविता खण्डेलवाल “भानु”

झालरापाटन राजस्थान

संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

Please share your Post !

Shares
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

0 Comments
Oldest
Newest Most Voted