डॉ भावना शुक्ल

(डॉ भावना शुक्ल जी  (सह संपादक ‘प्राची‘) को जो कुछ साहित्यिक विरासत में मिला है उसे उन्होने मात्र सँजोया ही नहीं अपितु , उस विरासत को गति प्रदान  किया है। हम ईश्वर से  प्रार्थना करते हैं कि माँ सरस्वती का वरद हस्त उन पर ऐसा ही बना रहे। आज प्रस्तुत हैं – भावना के दोहे – फागुन)

☆ साप्ताहिक स्तम्भ  # ३१२ – साहित्य निकुंज ☆

☆ भावना के दोहे – फागुन ☆ डॉ भावना शुक्ल ☆

आया फागुन मास अब, सुन्दर चले बयार।

हर आँगन में गूँजती, ढोलक की झंकार।।

धरा सजी है आज तो, करे लाल शृंगार।

मन में सबके उठ रहे, सुखकर प्रीति विचार।।

 *

बैर मिटेगा आज तो, रंग भरा त्यौहार।

रंग बरसता प्यार का, नेह  भरी बौछार।।

 *

गुझिया मीठी रसभरी, स्वाद लगे हर बार।

घर-घर बनती है यही, होली  प्रिय त्योहार।।

 *

श्याम संग राधा सजी, बरस रहा है प्यार।

प्रेम सुधा की धार है, आओ सब नर-नार।।

 *

भाई बहन के प्यार का, भाई दूज त्यौहार।

हर रूप में अमर रहे, भाई बहन का प्यार।

© डॉ भावना शुक्ल

सहसंपादक… प्राची

प्रतीक लॉरेल, J-1504, नोएडा सेक्टर – 120,  नोएडा (यू.पी )- 201307

मोब. 9278720311 ईमेल : bhavanasharma30@gmail.com

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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