श्री राजेन्द्र तिवारी
(ई-अभिव्यक्ति में संस्कारधानी जबलपुर से श्री राजेंद्र तिवारी जी का स्वागत। इंडियन एयरफोर्स में अपनी सेवाएं देने के पश्चात मध्य प्रदेश पुलिस में विभिन्न स्थानों पर थाना प्रभारी के पद पर रहते हुए समाज कल्याण तथा देशभक्ति जनसेवा के कार्य को चरितार्थ किया। कादम्बरी साहित्य सम्मान सहित कई विशेष सम्मान एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित, आकाशवाणी और दूरदर्शन द्वारा वार्ताएं प्रसारित। हॉकी में स्पेन के विरुद्ध भारत का प्रतिनिधित्व तथा कई सम्मानित टूर्नामेंट में भाग लिया। सांस्कृतिक और साहित्यिक क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय रहा। हम आपकी रचनाएँ समय समय पर अपने पाठकों के साथ साझा करते रहेंगे। आज प्रस्तुत है आपका एक भावप्रवण कविता ‘कृष्ण खेलें होली, राधा के संग…‘।)
☆ अभिव्यक्ति # ९८ ☆ कृष्ण खेलें होली, राधा के संग… ☆ श्री राजेन्द्र तिवारी ☆
रंगों में रंग, होली के रंग,
कृष्ण खेलें होली, राधा के संग,
रंग गुलाबी, प्रेम भरा है,
लाल रंग विश्वास भरा है,
नीला रंग है, श्याम के जैसा,
रहें सदा संग संग,
कृष्ण खेलें होली, राधा के संग,
रंगों की वर्षा, राधा करतीं,
सखियां भी न पीछे हटतीं,
रंग गुलाल की वर्षा होती,
गोकुल की गलियां रंगती,
नर नारी के संग, ,
कृष्ण खेलें होली, राधा के संग,
संग नहीं खेलना, मुझको ये रंग,
तेरे ही रंग में, अंग जाए रंग,
राधा खो जाए, श्याम में आकर,
जैसे ज्योति दीपक में जाकर,
आपस में एक रंग,
कृष्ण खेलें होली, राधा के संग.
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© श्री राजेन्द्र तिवारी
संपर्क – 70, रामेश्वरम कॉलोनी, विजय नगर, जबलपुर
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