श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय “प्रकाश”
(सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय “प्रकाश” जी का हिन्दी बाल -साहित्य एवं हिन्दी साहित्य की अन्य विधाओं में विशिष्ट योगदान हैं। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचना सहित 145 बालकहानियाँ 8 भाषाओं में 1160 अंकों में प्रकाशित। प्रकाशित पुस्तकेँ-1- रोचक विज्ञान कथाएँ, 2-संयम की जीत, 3- कुएं को बुखार, 4- कसक, 5- हाइकु संयुक्ता, 6- चाबी वाला भूत, 7- बच्चों! सुनो कहानी, इन्द्रधनुष (बालकहानी माला-7) सहित 4 मराठी पुस्तकें प्रकाशित। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी का श्री हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य पुरस्कार-2018 ₹51000 सहित अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित व पुरस्कृत। साप्ताहिक स्तम्भ “श्री ओमप्रकाश जी का साहित्य” के अंतर्गत साहित्य आप प्रत्येक गुरुवार को आत्मसात कर सकते हैं। आज प्रस्तुत है आपका विचारणीय आलेख – “सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना है यानी अपनी रचनात्मकता को खत्म करना”)
☆ साप्ताहिक स्तम्भ – श्री ओमप्रकाश जी का साहित्य # २४९ ☆
☆ आलेख –सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना है यानी अपनी रचनात्मकता को खत्म करना ☆ श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ ☆
ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’
सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो हमें दुनिया भर के लोगों से जुड़ने, जानकारी साझा करने और अपनी राय रखने की अनुमति देता है. यह एक शक्तिशाली उपकरण है जिसका उपयोग अच्छे और बुरे दोनों के लिए किया जा सकता है. हालांकि, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग हमारी रचनात्मकता को खत्म कर सकता है.
सोशल मीडिया पर हम हर समय नई चीजें देख रहे होते हैं. हम दूसरों की पोस्ट देख रहे होते हैं, हम उनके विचारों और राय पढ़ रहे होते हैं, और हम उनसे जुड़ने की कोशिश कर रहे होते हैं. यह सब इतना अधिक हो सकता है कि हमें खुद के विचारों और राय उत्पन्न करने का समय नहीं मिलता है. हम दूसरों के विचारों से इतना प्रभावित हो जाते हैं कि हम अपनी रचनात्मकता को खो देते हैं.
सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग हमारी एकाग्रता को भी प्रभावित करता है. जब हम सोशल मीडिया पर होते हैं, तो हम लगातार नए अपडेट देखने के लिए स्क्रॉल करते रहते हैं. इससे हमारा ध्यान भंग होता है और हम अपने काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं. यह हमारी रचनात्मकता को भी प्रभावित करता है क्योंकि हम नए विचारों को उत्पन्न करने में सक्षम नहीं होते हैं.
यदि आप अपनी रचनात्मकता को बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको सोशल मीडिया का उपयोग सीमित करने की आवश्यकता है. आपको अपने समय को उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो आपको रचनात्मक बनाती हैं, जैसे कि पढ़ना, लिखना, चित्र बनाना, या संगीत सुनना. आपको सोशल मीडिया पर केवल उन समयों पर जाना चाहिए जब आपको वास्तव में इसकी आवश्यकता हो.
यहां कुछ उदाहरण दिए गए हैं कि कैसे सोशल मीडिया आपकी रचनात्मकता को खत्म कर सकता है:
जब आप सोशल मीडिया पर होते हैं, तो आप लगातार नए अपडेट देखने के लिए स्क्रॉल करते रहते हैं. इससे आपका ध्यान भंग होता है और आप अपने काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं.
सोशल मीडिया पर आप हर समय नई चीजें देख रहे होते हैं. आप दूसरों की पोस्ट देख रहे होते हैं, आप उनके विचारों और राय पढ़ रहे होते हैं, और आप उनसे जुड़ने की कोशिश कर रहे होते हैं. यह सब इतना अधिक हो सकता है कि आपको खुद के विचारों और राय उत्पन्न करने का समय नहीं मिलता है. आप दूसरों के विचारों से इतना प्रभावित हो जाते हैं कि आप अपनी रचनात्मकता को खो देते हैं.
सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग आपके तनाव और चिंता को भी बढ़ा सकता है. जब आप सोशल मीडिया पर होते हैं, तो आप लगातार दूसरों की तुलना कर रहे होते हैं. आप देख रहे होते हैं कि वे क्या कर रहे हैं, वे क्या खरीद रहे हैं, और वे कहां जा रहे हैं. यह आपको असुरक्षित और तनावग्रस्त महसूस करा सकता है.
यदि आप अपनी रचनात्मकता को बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको सोशल मीडिया का उपयोग सीमित करने की आवश्यकता है. आपको अपने समय को उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो आपको रचनात्मक बनाती हैं, जैसे कि पढ़ना, लिखना, चित्र बनाना, या संगीत सुनना. आपको सोशल मीडिया पर केवल उन समयों पर जाना चाहिए जब आपको वास्तव में इसकी आवश्यकता हो.
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© श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय “प्रकाश”
22-08-2023
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