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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)
☆ व्याख्यान : हिंदी लोकल से ग्लोबल — हिंदीतर प्रांत मातृभाषा दिवस, युवा रचनापाठ ☆ साभार – डॉ. प्रेरणा उबाळे ☆
शुक्रवार, दिनांक 6 मार्च 2026 को हिंदी विभाग मॉडर्न महाविद्यालय, शिवाजीनगर, महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति और वैश्विक हिंदी परिवार, पुणे के संयुक्त तत्वावधान में हिंदीतर प्रांत मातृभाषा दिवस, युवा रचनापाठ और व्याख्यान का आयोजन मॉडर्न महाविद्यालय में किया गया थाl
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि डॉ. जवाहर कर्णावट डॉक्टर दामोदर खडसे डॉ. सुनील देवधर, डॉ. नीलम जैन, डॉ. प्रेरणा उबाळे, स्वरांगी साने के हाथों सरस्वती पूजन संपन्न हुआ और युवा पाठ कार्यक्रम का उद्घाटन हिंदी विभाग की परंपरा के अनुसार पौधे को पानी देते हुए उसे सींचकर काव्यपाठ करने वाले हमारे हिंदी के प्रिय छात्रों के शुभ करकमलों से कार्यक्रम का उद्घाटन किया गयाl
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेरणा उबाळे ने कार्यक्रम के आरंभ में हिंदी विभाग में विभागाध्यक्षा के रूप में पिछले 10 वर्षों से अविरत चलने वाली विभिन्न गतिविधियों से परिचय कराया – जैसे, आज का शब्द, आज का मुहावरा, अरुणिमा साहित्यिक पत्रिका, राष्ट्रीय हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता, विज्ञापन लेखन प्रतियोगिता, काव्यपाठ, हिंदी फिल्म क्लब, फिल्म स्क्रीनिंग, विभिन्न विषयों पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशालाएं, बिदाई समारोह, पुराने छात्रों का स्नेहमिलन, विभिन्न व्याख्यानमालाएँ आदि की जानकारी अतिथि मान्यवर और उपस्थितों को दीl सभी का स्वागत उन्होंने शॉल और मॉडर्न महाविद्यालय की पत्रिका देते हुए कियाl
युवा रचना पाठ में उस्मान मोहम्मद (कश्मीर), शाहिद बशीर (कश्मीर), सदुर्शना अरूणागिरी (श्रीलंका), मुकेश रावत(कुमाऊं, हिमालय), साक्षी कांबले, योगेश काले, विद्या केलकर-सराफ (महाराष्ट्र), ने अपनी मातृभाषाओं में अनुक्रमत: कश्मीरी, तमिल, कुमाऊनी, हिंदी, मराठी, भाषा में सारगर्भित कविताएं पढ़ीl इन छात्रों की कविताओं ने सबका मन मोह लियाl इस समय हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय नेl युवा रचना पाठ होने के बावजूद भी हिंदी विभाग के आरंभिक समय की एक छात्रा को निमंत्रित किया थाl हिंदी विभाग के प्रथम अध्यक्ष डॉ. श्रीरंग संगोराम की छात्रा रह चुकी हैंl विद्या केलकर- सराफ (1979) ने मॉडर्न महाविद्यालय और हिंदी विभाग की स्मृतियों को तजा करते हुए अपनी कविता पढ़ीl साथ ही अनेक वर्षों बाद विभाग में आने की ख़ुशी जताईl भूतकाल और वर्तमान समय के हिंदी विभाग के छात्रों के काव्यपाठ का सुंदर मिलाप यहाँ दिखाई दियाl
डॉ. प्रेरणा उबाळे ने अतिथि मान्यवारों का परिचय करायाl इसके बाद महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के कार्याध्यक्ष और आकाशवाणी पुणे के पूर्व सहायक निदेशक, हिंदी लेखक डॉ. सुनील देवधर ने व्याख्यान के आयोजन और हिंदी के वैश्वीकरण के संदर्भ में भूमिका सामने रखीl इस्रायल का उदाहरण देते हुए उन्होंने यह बताया कि हिब्रू भाषा कैसे अनिवार्य करने के बाद जीवंत हो उठीl
प्रस्तुत कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि डॉ. जवाहर कर्णावट, भोपाल ने “हिंदी लोकल से ग्लोबल” विषय पर अपना व्याख्यान दियाl उन्होंने अपने व्याख्यान में कहा कि जब हमें हवा, भोजन और पानी शुद्ध चाहिए तो हिंदी शुद्ध क्यों नहीं ? उन्होंने यह प्रश्न उपस्थित किया कि हम हिंदी को देवनागरी के बजाए रोमन में क्यों लिखते हैं ? हिंदी के साथ-साथ भारतीय भाषाओं के विश्व में विस्तार की जानकारी उन्होंने प्रदान की? डॉ. जवाहर कर्णावट ने विश्व के लगभग 60 देशों में यात्रा करते हुए वहां हिंदी की स्थिति का जायजा लेकर ‘विश्व में हिंदी’ शीर्षक पुस्तक की रचना की वह पुस्तक उन्होंने हिंदी विभागाध्यक्षा डॉ. प्रेरणा को प्रदान कीl डॉ. जवाहर कर्णावट हिंदी भाषा, साहित्य के संदर्भ में संपूर्ण विश्व में अनुसंधान कार्य कर रहे हैंl उनके हिंदी से संबंधित समर्पण भाव से किए गए कार्य के कारण फिजी की संसद में उन्हें हिंदी सेवी सम्मान से सम्मानित किया जा चुका हैl
कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. दामोदर खडसे, जिन्होंने भारतीय सभी मंत्रालयों, समितियों, संस्थाओं से जुड़कर हिंदी से संबंधित कार्य किया है तथा नई शिक्षा प्रणाली में भारतीय भाषाओं के संदर्भ में जिनका ठोस योगदान रहा हैl उन्होंने अपने व्याख्यान में प्रवासी हिंदी साहित्यकार तथा विदेशों में व्याप्त हिंदी की स्थिति और गति के संदर्भ में अपने अनुभव कथन किएl
इस कार्यक्रम को डॉ. नीलम जैन प्रवासी हिंदी साहित्यकार का सानिध्य प्राप्त हुआl उन्होंने अपने भाषण में भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, प्रवासी हिंदी साहित्य और वैश्विक हिंदी के संदर्भ में सबसे संवाद कियाl साथ ही प्रस्तुत कार्यक्रम के आयोजन हेतु डॉ. प्रेरणा को बधाई दीl
कार्यक्रम का आभारज्ञापन कवयित्री, पत्रकार डॉ. स्वरांगी साने ने कियाl वैश्विक हिंदी परिवार की प्रांत संयोजक के रूप में संयुक्त तत्वाधान में हिंदी विभाग से जुड़कर इस कार्यक्रम के आयोजन में वह सक्रियता से जुटी रहीl
इस अवसर पर हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय के प्रा. सूरज बिरादर, रेशमा कांबले, शुभम राऊत उपस्थित थे तथा विभाग के स्नातक और स्नातक स्तर के छात्र बड़ी संख्या में मौजूद थेl इस कार्यक्रम में हिंदी कहानीकार डॉ. राजेंद्र श्रीवास्तव, नाटककार डॉ. रमेश मिलन भारतीय संस्कृति की अध्येता डॉ. ममता जैन, हिंदी कवि हितेश व्यास, मंजू चोपड़ा, श्री. देशमुख आदि हिंदी-मराठी लेखक पत्रिकाओं के कुछ संपादक, अन्य महाविद्यालयों के प्राध्यापक भी उपस्थित रहेंl संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रेरणा उबाळे ने कियाl कार्यक्रम के अंत में काव्यपाठ करने वाले सभी छात्रों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गयाl संपूर्ण कार्यक्रम अत्यंत सुचारू ढंग से संपन्न हुआl सभी मान्यवरो ने स्व. शंकरराव कानिटकर हिंदी विभागीय ग्रंथालय को भेंट दीl ग्रंथालय को 600 पुस्तकें प्रदान करने वाले डॉ. दामोदर खड़से और अन्य विद्वानों ने अपनी पुस्तकें संजोकर रखने पर प्रसन्नता व्यक्त कीl
साभार – डॉ. प्रेरणा उबाळे
अध्यक्ष, हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय, शिवाजीनगर, पुणे
संपर्क- 7028525378
≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈



