श्रीमती छाया सक्सेना ‘प्रभु’

( ई-अभिव्यक्ति में संस्कारधानी की सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्रीमती छाया सक्सेना ‘प्रभु’ जी द्वारा “व्यंग्य से सीखें और सिखाएं” शीर्षक से साप्ताहिक स्तम्भ प्रारम्भ करने के लिए हार्दिक आभार। आप अविचल प्रभा मासिक ई पत्रिका की प्रधान सम्पादक हैं। कई साहित्यिक संस्थाओं के महत्वपूर्ण पदों पर सुशोभित हैं तथा कई पुरस्कारों / अलंकरणों से पुरस्कृत / अलंकृत हैं।  आपके साप्ताहिक स्तम्भ – व्यंग्य से सीखें और सिखाएं  में आज प्रस्तुत है एक विचारणीय एवं प्रेरणास्पद रचना “स्पेसवासी।  इस आलेख के माध्यम से श्रीमती छाया सक्सेना जी ने सिद्ध कर दिया कि शब्दों के खेल से कुछ भी रचा जा सकता है और यह आलेख शब्दों के खेल का ही कमाल है। इस शब्दशिल्प के लिए  श्रीमती छाया सक्सेना जी की लेखनी को सादर नमन ।

आप प्रत्येक गुरुवार को श्रीमती छाया सक्सेना जी की रचना को आत्मसात कर सकेंगे। )

☆ साप्ताहिक स्तम्भ – व्यंग्य से सीखें और सिखाएँ # 20 ☆

☆ स्पेसवासी

अरे भई  किस स्पेस की बात कर रहे हैं, आजकल तो स्पेस ही स्पेस है,  दयाशंकर जी ने कहा।

सो तो है,  राघव जी ने कहा।

दोनों बचपन के दोस्त हमेशा ही व्यंग्य के माध्यम से ज्वलन्त मुद्दों पर बातचीत करते- रहते थे।

0पहले स्पेस में जाकर बसने की प्लानिंग थी, पर  एक ही झटके में धरती पर सबको पर्सनल स्पेस मिल गया, राघव जी ने कहा ।

हाँ भाई, अब तो स्पेस के बिना कोई कार्य ही नहीं होता। मास्क लगा कर, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इसे मेंटेन कीजिए, दयाशंकर जी ने मुस्कुराते हुए कहा।

सो तो है, बहुत  दिनों से युवा पीढ़ी इसी स्पेस को लेकर जद्दोजहद कर रही थी, ऐसा मालुम होता है कि ईश्वर ने इनकी सुन ली, अब तो घर में रहकर चैन से इसके मजे लूटते रहो, बाहर निकलने पर खातिरदारी होती है, राघव जी ने कहा।

हँसते हुए दयाशंकर जी ने कहा  आखिरकार किसी न किसी तरह चीनी कृपा से हम स्पेशवासी हो ही गये।

बिल्कुल जब पूरे घर, यहाँ तक कि सारे त्योहारों पर चीनी सामान का राज था; तो ऐसे दिन तो देखने ही पड़ेंगे, राघव जी ने कहा।

हाँ भई, जब विदेशी मदद से स्पेस में पहुँचने की चाह हो तो ऐसा ही होता है। इसे कहते हैं लेना एक न  देना दो ।

अब तो इसी के साथ जीना सीखना होगा,दयाशंकर जी ने कहा।

एक दूसरे ही ओर देखकर, फीकी मुस्कान बिखेरते हुए दोनों अपनी – अपनी राह पर चल दिए।

 

© श्रीमती छाया सक्सेना ‘प्रभु’

माँ नर्मदे नगर, म.न. -12, फेज- 1, बिलहरी, जबलपुर ( म. प्र.) 482020

मो. 7024285788, chhayasaxena2508@gmail.com

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