☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

☆ माध्यम संस्था द्वारा डॉ कुंदन सिंह परिहार जी का 85वां जन्मदिवस आयोजित  ☆ प्रस्तुती – श्री जय प्रकाश पाण्डेय ☆ 

जबलपुर। विगत दिवस जय नगर में माध्यम,जबालि व्यंग्यम, गुंजन कला के संयुक्त तत्वावधान में ‘हास्यम् – व्यंग्यम संध्या’का आयोजन हुआ। रायपुर से पधारे व्यंग्यकार केपी सक्सेना ‘दूसरे’के मुख्य आतिथ्य में स्थानीय व्यंग्यकारों ने गद्य और पद्य में हास्य व्यंग्य रचनाओं का पाठ किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी संस्थाओं की ओर से मुख्य अतिथि का फूल मालाओं से स्वागत किया गया, डॉ विजय तिवारी ‘किसलय’ ने सक्सेना जी का परिचय दिया, प्रतुल श्रीवास्तव ने व्यंग्य की दो पुस्तकें भेंट कीं। इसके पश्चात व्यंग्य पाठ सत्र में डॉ कुंदन सिंह परिहार, सर्वश्री प्रतुल श्रीवास्तव ,जय प्रकाश पाण्डेय,ओ पी सैनी, रमाकांत ताम्रकार, अभिमन्यु जैन, के पी पाण्डे, विजय तिवारी, डॉ एस के सिंह,आदि ने हास्य व्यंग्य रचनाएं सुनायीं। मुख्य अतिथि की आसंदी से श्री केपी सक्सेना ने हास्य व्यंग्य की बारीकियों पर चर्चा करते हुए कहा-

“व्यंग्य का मर्म इतना जाना है,

कि कुंद चाकू से गुदगुदाना है,

आप शब्दों पर मत जाएं,

देखिए ये कहां निशाना है,”

इसके अलावा उन्होंने उलटबांसियों से उपस्थित जनों को वाह वाह करने मजबूर कर दिया। संचालन यशोवर्धन ने और आभार प्रदर्शन डॉ शिव कुमार जी ने किया।

प्रस्तुती – श्री जय प्रकाश पाण्डेय

संपर्क – 416 – एच, जय नगर, आई बी एम आफिस के पास जबलपुर – 482002  मोबाइल 9977318765

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈

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