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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🌹– हिंदी आंदोलन परिवार का वार्षिक सम्मान समारोह  सम्पन्न – ☆ साभार – श्री संजय भारद्वाज –🌹

हिंदी आंदोलन परिवार का वार्षिक सम्मान समारोह शनि. दि.21 मार्च 2026 को सम्पन्न हुआ। विश्व कविता दिवस के परिप्रेक्ष्य में इसी समारोह में संस्था की 314वीं साहित्यिक गोष्ठी भी हुई। यह संस्था की होली विशेष गोष्ठी थी। संस्था के सदस्य विगत तीन दशकों से होली गोष्ठी में फूलों से होली खेलते हैं।

इस आयोजन में दूरदर्शन के भूतपूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अश्विनी कुमार को भाषा एवं संगीत के क्षेत्र में उनके महती योगदान के लिए ‘हिंदीभूषण’ सम्मान से अलंकृत किया गया।

श्रीमती अमीता शाह को समाजसेवा एवं डॉ पुष्पा गुजराथी को साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘हिंदीश्री’ सम्मान से अलंकृत किया गया।

श्री संजय भारद्वाज

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षाविद एवं लोकसाहित्य मर्मज्ञ प्रा. महेंद्र ठाकुरदास ने की। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में उन्होंने कहा कि विश्व की रचना ही कविता से हुई है। जिस दिन पहली कविता जन्मी, उसी दिन विश्व भी जन्मा। अपने भीतर के रूप को देखने और प्रकट करने के लिए मनुष्य साहित्य और कला की प्रस्तुति करता है। जब तलवारें टूट जाती हैं, तब साहित्य सीमाओं की रक्षा करता है।

डॉ अश्विनी कुमार ने  कहा कि मैंने आज तक जो भी किया, कभी उसका आकलन नहीं किया किंतु ललक बहुत है कि अपना श्रेष्ठतम दे सकूंँ। हिंदी आंदोलन परिवार से अपने वर्षों पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस परिवार से जो जुड़ता है, कभी विलग नहीं होता है।

श्रीमती अमीता शाह ने कहा कि समाज के प्रति  कुछ सकारात्मक करने के विचार ने मुझे सामाजिक कार्यों से जोड़ा। प्रकृति में आप जो देते हैं, वही पाते हैं, समाज से सम्मान पाना संभवतः ऐसी ही क्रिया- प्रतिक्रिया का उदाहरण है।

डॉ. पुष्पा गुजराथी ने कहा कि जब वह कैंसर से जूझ रही थीं, भारद्वाज युगल संजीवनी बनकर उनके साथ खड़ा रहा, उन्हें सृजन के लिए प्रेरित करता रहा। यह आत्महंता के क्षणों में मेरे हाथों में कलम थमाकर एक सूरज को प्रशस्त करने जैसा था।

अपनी प्रस्तावना में हिंआंप के अध्यक्ष संजय भारद्वाज ने संस्था की अब तक की यात्रा की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था को सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी, डॉ. विजय भटकर, डॉ. विश्वनाथ कराड, डॉ. दामोदर खडसे जैसी विभूतियों को सम्मानित करने का अवसर मिला है।

आयोजन में उपस्थित प्रमुख रचनाकारों एवं अतिथियों में मेजर सरजूप्रसाद, वीनु जमुआर, आराधना कुमार, डॉ. अनिता जठार , दीप्ति सिंह, नेहा म्हस्के, डॉ ज्योति कृष्ण,श्री कृष्ण चंद्र मिश्रा, डॉ मंजु चोपड़ा, मनमोहन चड्ढा, आदर्शिनी श्रीवास्तव, अभय श्रीवास्तव,अवनीश कुमार, रीतिका कुमार, नरेंद्र कौर छाबड़ा,वेदस्मृति ‘कृती’, अभिषेक पाण्डेय, जिज्ञासा ठाकुरदास, मिश्रा परिवार आदि सम्मिलित थे।

समारोह का संचालन श्रीमती गौतमी चतुर्वेदी पांडेय ने किया। श्री सुधीर कुमार मिश्रा ने गोष्ठी का प्रायोजन किया।

उल्लेखनीय है कि हिंदी आंदोलन परिवार विगत 31 वर्षों से भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में अखंड कार्यरत है।

साभार – श्री संजय भारद्वाज, अध्यक्ष, हिंदी आंदोलन परिवार 

≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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