श्री राकेश कुमार

(श्री राकेश कुमार जी भारतीय स्टेट बैंक से 37 वर्ष सेवा के उपरांत वरिष्ठ अधिकारी के पद पर मुंबई से 2016 में सेवानिवृत। बैंक की सेवा में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान के विभिन्न शहरों और वहाँ  की संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिला। उनके आत्मकथ्य स्वरुप – “संभवतः मेरी रचनाएँ मेरी स्मृतियों और अनुभवों का लेखा जोखा है।”

आज प्रस्तुत है एक संस्मरणात्मक आलेख – नया महीना और कलेंडर.)

☆ आलेख ☆ “नया महीना और कलेंडर” ☆ श्री राकेश कुमार ☆

ये नया महीना, हर महीने आ जाता हैं। नया साल आने में तो कई महीने लग जाते हैं, परंतु नया महीना तो ऐसा प्रतीत होता है कि मानो पलक झपकते ही आ धमकता हैं।

बचपन में पिताजी ने इस दिन घर में प्रदर्शित सभी कैलेंडरों के पन्ने पलटने की जिम्मवारी हमको दे दी थी। सुबह आठ बजने से पूर्व ये कार्यवाही पूरी नहीं होने पर कई बार पांचों उंगलियां गालों पर छपवाने की यादें अभी भी जहन में हैं। एक तो उन दिनों में आठ दस कैलेंडर पूरे घर में होते थे। अधिकतर धार्मिक चित्र होते थे।

समय के साथ कुछ बड़े शहरों विशेषकर मुंबई के मरीन ड्राइव के चित्र भी कैलेंडर में आने लगे थे। दवा कंपनियां उन दिनों में महंगे और प्रकृति से संबंधित कैलेंडर डॉक्टर को भेंट देती थी। जीवन बीमा निगम और बैंक के कैलेंडर भी बारह अलग तरह की फ़ोटो वाले कैलेंडर मुफ्त में वितरित किया करते थे। चुंकि कैलेंडर मुफ्त में मिलता था, तो इसकी मांग भी अधिक रहती थी। इमरजेंसी( 1975) में किसी व्यापारी ने इंदिरा गांधी जी के चित्र का कैलेंडर छाप दिया था। ऐसा कहते हैं की उसकी  काला बाजारी होने लगी थी।                 

बाद में “टेबल कैलेंडर”, “पॉकेट कैलेंडर” इसके नए रूप समय और सुविधा के हिसाब से उपलब्ध होने लगे थे। विगत कुछ वर्षों से कैलेंडर प्राय प्राय गायब ही हो गया हैं।

वर्तमान में तो पंचांग के कैलेंडर की ही मांग रह गई है। धन राशि खर्च करके ही इसकी प्राप्ति हो पाती हैं। जबलपुर शहर के पंचांग, प्रसिद्धि की दृष्टि से सर्वोत्तम माने जाते हैं। जब कैलेंडर की बात हो और शिवकाशी का जिक्र भी जरूरी है, अधिकतर कैलेंडर वही पर ही छपा करते थे। धोबी, दूध और ना जाने कितनों के हिसाब कैलेंडर में दर्ज रहते थे।

सरकारी कार्यालयों, बैंक आदि  में सिर्फ तारीख़ का, पीले रंग का ही कैलेंडर लगाया जाता था, जिसमें प्रतिदिन नई तारीख पलट कर लगानी पड़ती थी।  

आज तो मोबाइल में कैलेंडर बीते हुए वर्षो और आने वाले वर्षों की पूरी जानकारी अपने में समा कर रखता हैं।

© श्री राकेश कुमार

संपर्क –  B  508 शिवज्ञान एनक्लेव,निर्माण नगर AB ब्लॉक, जयपुर-302 019 (राजस्थान) 

मोबाईल 9920832096

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय  ≈

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