डॉ भावना शुक्ल

(डॉ भावना शुक्ल जी  (सह संपादक ‘प्राची‘) को जो कुछ साहित्यिक विरासत में मिला है उसे उन्होने मात्र सँजोया ही नहीं अपितु , उस विरासत को गति प्रदान  किया है। हम ईश्वर से  प्रार्थना करते हैं कि माँ सरस्वती का वरद हस्त उन पर ऐसा ही बना रहे। आज प्रस्तुत हैं – भावना के दोहे – नवसंवत्सर)

☆ साप्ताहिक स्तम्भ  # ३१४ – साहित्य निकुंज ☆

☆ भावना के दोहे – नवसंवत्सर ☆ डॉ भावना शुक्ल ☆

नवसंवत्सर आ गया, खुशियाँ लेकर आज।

चैत्र मास का आगमन, हर्षित हुआ समाज।।

माँ का स्वागत कर रहे, नवराते त्योहार।

माँ नौ रूपों में सजी, उत्सुक सब घर द्वार।।

 *

महिमा तेरी खूब है, करती हो कल्याण।

सबकी विपदा तुम हरो, करते माँ हम ध्यान।।

 *

करते  माँ  से याचना, आओ सबके द्वार।

नव दुर्गा का आगमन, नौ दिन का त्योहार।।

© डॉ भावना शुक्ल

सहसंपादक… प्राची

प्रतीक लॉरेल, J-1504, नोएडा सेक्टर – 120,  नोएडा (यू.पी )- 201307

मोब. 9278720311 ईमेल : bhavanasharma30@gmail.com

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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